{"_id":"58beadd74f1c1bed43dc3e82","slug":"government-s-submersible-water-business","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी सबमर्सिबल से होता है पानी का ‘धंधा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी सबमर्सिबल से होता है पानी का ‘धंधा’
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
पुरुषोत्तम विहार में टूटी पड़ी इंटरलॉकिंग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के वार्ड नंबर 15 नगला करन सिंह में दबंगों का दबदबा है। यहां दबंगों ने सबमर्सिबलों पर कब्जा कर रखा है और पानी का धंधा करते हैं। ऐसे में यहां के बाशिंदों को पानी भी मोल खरीदना पड़ता है। यहां लोगों के सामने सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी इंतजाम नहीं है।
नगला करन सिंह को पालिका बोर्ड सीमा में शामिल हुए वर्षों बीत चुके हैं। यहां कई सभासद बदले लेकिन समस्याएं आज तक जस की तस हैं। वर्ष 2012 में पालिका चुनाव के बाद चार अगस्त 2014 को नगर निगम का दर्जा मिला तो पुराना बोर्ड भंग हो गया। ऐसे में रही सही कसर भी पूरी हो गई। अब सभासदों की सुनवाई नहीं होती तो विकास कार्य भी ठप हैं। वार्ड के मोहल्ला पुरुषोत्तम विहार में वर्षों बाद भी जनता सात-आठ फुट गहरे गड्ढों में रहने को मजबूर है। नगर निगम द्वारा इंटरलॉकिंग सड़क भी इतनी ऊंचाई पर बनाई गई है, जहां नाली, खड़ंजा तक नहीं बन सकता। वहीं कराए गए विकास कार्य का आलम यह है कि एक साल पूर्व बनी सड़क जगह-जगह धंस गई है। वार्ड में सबसे गंभीर समस्या पानी और सफाई की है। नगर निगम द्वारा पानी की समस्या के निदान के लिए सबमर्सिबल लगवाए गए हैं। इन पर भी कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है। अब ये लोग सबमर्सिबल से पानी बेचकर धंधा कर रहे हैं और आम लोग पानी मोल खरीद रहे हैं।
वार्ड की आबादी- 25500
वार्ड में वोटर संख्या-12275
वार्ड में शामिल हैं मोहल्ले: नगला करन सिंह, इंद्रा नगर, कैलाश नगर, जगदंबा नगर, संतोष नगर, पुरुषोत्तम विहार, ओम कालोनी, बंबा रोड, नई आबादी।
वार्ड की प्रमुख समस्याएं
- वार्ड के गली-मोहल्लों स्ट्रीट लाइटों की कमी।
-गली-मोहल्लों में पाइप लाइन डालने के बाद वर्षों से गलियां उखड़ी पड़ी हैं।
- पुरुषोत्तम विहार में गड्ढों में रहने को मजबूर जनता।
- कर्मचारियों की कमी के कारण गलियों में लगे रहते हैं गंदगी के ढेर
बोली जनता
पुरुषोत्तम विहार निवासी चिरंजीव कहते हैं कि क्षेत्र में एक साल पूर्व इंटरलॉकिंग सड़क बनी थीं, जो महीनों से उखड़ी पड़ी है। कई बार शिकायत करने पर भी ठीक नहीं कराई गई। इंद्रा नगर निवासी रामवीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कर्मचारी काफी कम आते हैं। उन्हें पैसे देकर सफाई करानी पड़ती है। कई दिनों तक कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगला करन सिंह निवासी आदित्य कुमार का कहना है कि पूरे मोहल्ले में पेयजल संकट है। प्राइवेट सबमर्सिबल से मोल खरीद कर पानी पीना पड़ता है। इंद्रा नगर निवासी टिंकू का कहना है कि क्षेत्र में नगर निगम द्वारा पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। अधिकारी कोरे आश्वासन देकर भगा देते हैं, लेकिन आजतक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
इनकी भी सुनिए
नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। पुरुषोत्तम बिहार में कच्ची गलियों को निर्माण नहीं हो सका। क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। पूरे वार्ड में मात्र एक टंकी है, उससे भी गलियों तक पानी नहीं पहुंचा। जनता मोल खरीद कर पानी पीने को मजबूर है।
ममता आनंद
निवर्तमान सभासद
विज्ञापन
नगला करन सिंह को पालिका बोर्ड सीमा में शामिल हुए वर्षों बीत चुके हैं। यहां कई सभासद बदले लेकिन समस्याएं आज तक जस की तस हैं। वर्ष 2012 में पालिका चुनाव के बाद चार अगस्त 2014 को नगर निगम का दर्जा मिला तो पुराना बोर्ड भंग हो गया। ऐसे में रही सही कसर भी पूरी हो गई। अब सभासदों की सुनवाई नहीं होती तो विकास कार्य भी ठप हैं। वार्ड के मोहल्ला पुरुषोत्तम विहार में वर्षों बाद भी जनता सात-आठ फुट गहरे गड्ढों में रहने को मजबूर है। नगर निगम द्वारा इंटरलॉकिंग सड़क भी इतनी ऊंचाई पर बनाई गई है, जहां नाली, खड़ंजा तक नहीं बन सकता। वहीं कराए गए विकास कार्य का आलम यह है कि एक साल पूर्व बनी सड़क जगह-जगह धंस गई है। वार्ड में सबसे गंभीर समस्या पानी और सफाई की है। नगर निगम द्वारा पानी की समस्या के निदान के लिए सबमर्सिबल लगवाए गए हैं। इन पर भी कुछ दबंगों ने कब्जा कर रखा है। अब ये लोग सबमर्सिबल से पानी बेचकर धंधा कर रहे हैं और आम लोग पानी मोल खरीद रहे हैं।
विज्ञापन
वार्ड की आबादी- 25500
वार्ड में वोटर संख्या-12275
वार्ड में शामिल हैं मोहल्ले: नगला करन सिंह, इंद्रा नगर, कैलाश नगर, जगदंबा नगर, संतोष नगर, पुरुषोत्तम विहार, ओम कालोनी, बंबा रोड, नई आबादी।
वार्ड की प्रमुख समस्याएं
- वार्ड के गली-मोहल्लों स्ट्रीट लाइटों की कमी।
-गली-मोहल्लों में पाइप लाइन डालने के बाद वर्षों से गलियां उखड़ी पड़ी हैं।
- पुरुषोत्तम विहार में गड्ढों में रहने को मजबूर जनता।
- कर्मचारियों की कमी के कारण गलियों में लगे रहते हैं गंदगी के ढेर
बोली जनता
पुरुषोत्तम विहार निवासी चिरंजीव कहते हैं कि क्षेत्र में एक साल पूर्व इंटरलॉकिंग सड़क बनी थीं, जो महीनों से उखड़ी पड़ी है। कई बार शिकायत करने पर भी ठीक नहीं कराई गई। इंद्रा नगर निवासी रामवीर सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कर्मचारी काफी कम आते हैं। उन्हें पैसे देकर सफाई करानी पड़ती है। कई दिनों तक कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगला करन सिंह निवासी आदित्य कुमार का कहना है कि पूरे मोहल्ले में पेयजल संकट है। प्राइवेट सबमर्सिबल से मोल खरीद कर पानी पीना पड़ता है। इंद्रा नगर निवासी टिंकू का कहना है कि क्षेत्र में नगर निगम द्वारा पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। अधिकारी कोरे आश्वासन देकर भगा देते हैं, लेकिन आजतक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
इनकी भी सुनिए
नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। पुरुषोत्तम बिहार में कच्ची गलियों को निर्माण नहीं हो सका। क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। पूरे वार्ड में मात्र एक टंकी है, उससे भी गलियों तक पानी नहीं पहुंचा। जनता मोल खरीद कर पानी पीने को मजबूर है।
ममता आनंद
निवर्तमान सभासद