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हुकूमत बदल सकती हैं लेकिन कानून ए मुस्तफा नहीं
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:09 PM IST
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तीन तलाक के मुद्दे पर जलसे का आयोजन किया गया
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तीन तलाक के मुद्दे पर जमीअते उलमा ए अहले सुन्नत की जानिब से जुमा की नमाज के बाद जलसे का आयोजन बीपीएल ग्राउंड में किया गया। जलसे में कहा गया कि हुकूमतें बदल सकती हैं लेकिन कानून ए मुस्तफा में बर्दाश्त नहीं होगी। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार केएम दीक्षित को सौंपा गया।
जुमे की नमाज के बाद तीन तलाक के मुद्दे को लेकर हाथों में नारों से अंकित तख्तियों को थामे बीपीएल ग्राउंड पहुंचे। बीपीएल ग्राउंड पर मौलाना अनवर रजा साहब की सरपरस्ती में जलसे का आयोजन किया गया। मौलाना तनवीर उल कादरी ने कहा कि शरीयत ने मुसलमानों को अपने मुल्क से वफादारी और मोहम्मद की सीख दी है। औरतों की इज्जत बख्शी है। लेकिन शरीयत से बिना वजह छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाफिज रफीउद्दीन कादरी ने कहा हुकूमत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। मौलाना अताउल मुस्तफा ने कहा कि इस्लाम विरोधी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने चेताया कि हस्तक्षेप किया गया तो हुसैन को मानने वाले सड़कों पर उतरेंगे। शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने कहा कि हुकूमत क्या जाने शरीअत और तीन तलाक। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पढ़कर सुनाया और नायब तहसीलदार केएम दीक्षित को सौंपा। संचालन हाफिज कारी अरशद खान रजबी ने किया। इस मौके पर हाफिज राशिद, हाफिज आदिल रजा एवं वाजिद अली नूरी आदि मौजूद थे।
जुलूस के रूप में ग्राउंड पहुंचे लोग
तीन तलाक के मामले को लेकर जमीअत उलमा ए अहले सुन्नत की ओर से आयोजित जलसे में शामिल होने के लिए युवा जुलूस के रूप में पहुंचे। अधिकांश युवाओं ने विभिन्न नारों से अंकित तख्तियों को थामा था।
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जुमे की नमाज के बाद तीन तलाक के मुद्दे को लेकर हाथों में नारों से अंकित तख्तियों को थामे बीपीएल ग्राउंड पहुंचे। बीपीएल ग्राउंड पर मौलाना अनवर रजा साहब की सरपरस्ती में जलसे का आयोजन किया गया। मौलाना तनवीर उल कादरी ने कहा कि शरीयत ने मुसलमानों को अपने मुल्क से वफादारी और मोहम्मद की सीख दी है। औरतों की इज्जत बख्शी है। लेकिन शरीयत से बिना वजह छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाफिज रफीउद्दीन कादरी ने कहा हुकूमत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। मौलाना अताउल मुस्तफा ने कहा कि इस्लाम विरोधी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने चेताया कि हस्तक्षेप किया गया तो हुसैन को मानने वाले सड़कों पर उतरेंगे। शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने कहा कि हुकूमत क्या जाने शरीअत और तीन तलाक। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पढ़कर सुनाया और नायब तहसीलदार केएम दीक्षित को सौंपा। संचालन हाफिज कारी अरशद खान रजबी ने किया। इस मौके पर हाफिज राशिद, हाफिज आदिल रजा एवं वाजिद अली नूरी आदि मौजूद थे।
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जुलूस के रूप में ग्राउंड पहुंचे लोग
तीन तलाक के मामले को लेकर जमीअत उलमा ए अहले सुन्नत की ओर से आयोजित जलसे में शामिल होने के लिए युवा जुलूस के रूप में पहुंचे। अधिकांश युवाओं ने विभिन्न नारों से अंकित तख्तियों को थामा था।
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