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अब जंग के मैदान में दुश्मनों के छक्के छुडाती है लडकियां...
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:02 PM IST
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सीयर माता मंदिर मेले में जवाबी कीर्तन का आयोजन किया गया
आज के लोग भारतीय संस्कृति को भूल विदेशी गीत-संगीत सुनने रुचि ले रहे हैं। जबकि हमें धार्मिक गीतों को सुनते हुए सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बात कोट कसौदी में स्थित माता सीयरदेवी मंदिर प्रांगण में मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर जवाबी कीर्तन का शुभारंभ करते हुए समाजसेवी देवकरन दिलावर और महावीर सिंह ने संयुक्त रूप से कही।
जवाबी कीर्तन में नारायण रंगीला ने गणेश वंदना करते हुए गाया ‘पति उठावै कष्ट नारि गैरों के संग में डोले। नेता वो मर जाय देश का पैसा वोट बटोरे’। इसका जवाब भूपेंद्र निडर ने दिया ‘भाई वो मर जाय भाई को गैरों पर पिटवावे। मर जाय ऐसा बाप कभी औलाद को नहीं पढ़ावे। मर जाय ऐसा मानव जो भ्रूण हत्या करवावै।’नारायण रंगीला ने गीत गाया ‘आगे जहान में जंग के मैदान में दुश्मनों के छक्के छुड़ाती है लड़कियां। नीति-राजनीति और कूटनीति में नेताओं के होश भी उड़ाती है लड़कियां। अंतरिक्ष खोज में भी जाती है लड़कियां। फिर भी मानव दानव बन लेता दहेज है। यदि भरपूर दहेज न मिला तो बेटी मारने में भी नहीं करता परहेज है। दहेज की खातिर न जाने कितनी बेटियां घर से निकाल दी जाती है या फिर वो जिंदा जला दी जाती हैं लड़कियां’। अंत में निर्णायक कमेटी ने दोनों कलाकारों को बराबर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. लक्ष्मीनरायन और संचालन वृंदावन लाल वर्मा ने किया।
फोटो-टूंडला की कोट कसौदी में आयोजित जवाबी कीर्तन में गायक भूपेंद्र निडर।
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जवाबी कीर्तन में नारायण रंगीला ने गणेश वंदना करते हुए गाया ‘पति उठावै कष्ट नारि गैरों के संग में डोले। नेता वो मर जाय देश का पैसा वोट बटोरे’। इसका जवाब भूपेंद्र निडर ने दिया ‘भाई वो मर जाय भाई को गैरों पर पिटवावे। मर जाय ऐसा बाप कभी औलाद को नहीं पढ़ावे। मर जाय ऐसा मानव जो भ्रूण हत्या करवावै।’नारायण रंगीला ने गीत गाया ‘आगे जहान में जंग के मैदान में दुश्मनों के छक्के छुड़ाती है लड़कियां। नीति-राजनीति और कूटनीति में नेताओं के होश भी उड़ाती है लड़कियां। अंतरिक्ष खोज में भी जाती है लड़कियां। फिर भी मानव दानव बन लेता दहेज है। यदि भरपूर दहेज न मिला तो बेटी मारने में भी नहीं करता परहेज है। दहेज की खातिर न जाने कितनी बेटियां घर से निकाल दी जाती है या फिर वो जिंदा जला दी जाती हैं लड़कियां’। अंत में निर्णायक कमेटी ने दोनों कलाकारों को बराबर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. लक्ष्मीनरायन और संचालन वृंदावन लाल वर्मा ने किया।
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फोटो-टूंडला की कोट कसौदी में आयोजित जवाबी कीर्तन में गायक भूपेंद्र निडर।