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एका को नगर पंचायत का दर्जा मिलना अधर में लटका
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 14 Feb 2015 11:21 PM IST
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एका को नगर पंचायत का दर्जा मिलना अधर में लटका
कसबा के व्यापारियों ने मजरों को शामिल करने का किया था विरोध
शासन से पत्र आया, अभी तक जारी नहीं हो सकी नगर पंचायत की अधिसूचना
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। आपत्तियों के कारण एका को नगर पंचायत का दर्जा मिलना अधर में लटक गया। गांव से जुड़े मजरों की दूरी अधिक होने के कारण भी यहां का विकास होना संभव नहीं हो सका। शासन की ओर से अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फीरोजाबाद शहर को मीठा पानी मुहैया कराने के लिए जेड़ाझाल परियोजना की शुरूआत के दौरान ही काफी घोषणाएं की थी। इनमें कसबा खैरगढ़ व मक्खनपुर के साथ एका को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग भी रखी थी। घोषणा होने के साथ जिले की तत्कालीन जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने इनके प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिए। काफी मंथन होने के बाद शासन की ओर से कसबा एका को नगर पंचायत का दर्जा देने का पत्र जिला प्रशासन को मिल गया। इसका बड़ा कारण कसबा में ब्लाक, थाना, अस्पताल के साथ बैंक व मुख्य बाजार भी था। बीआरसी के साथ ही आने-जाने के संसाधन भी थे। पानी की टंकी एवं कई मोबाइल कंपनी के टावर भी स्थापित थे। कसबा की आबादी भी मानक से कई गुना अधिक थी। शासन की ओर से एका पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया में उसके मजरों को भी शामिल किया था। लेकिन भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो इन मजरों की दूरी कसबा से काफी अधिक है। कसबा के व्यापारियों एवं दुकानदारों ने डीएम के समक्ष आपत्ति लगाई थी कि उनके कसबे को ही नगर पंचायत का दर्जा मिले। मजरों को शामिल न किया जाए। प्रशासन की ओर से इस आपत्ति को शासन को भेज दिया था। ग्रामीणों को आपत्ति दाखिल किए छह माह से अधिक समय बीत गया लेकिन अभी तक पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा देने के संबंध में कोई आदेश ही नहीं आया।
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कसबा के व्यापारियों ने मजरों को शामिल करने का किया था विरोध
शासन से पत्र आया, अभी तक जारी नहीं हो सकी नगर पंचायत की अधिसूचना
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। आपत्तियों के कारण एका को नगर पंचायत का दर्जा मिलना अधर में लटक गया। गांव से जुड़े मजरों की दूरी अधिक होने के कारण भी यहां का विकास होना संभव नहीं हो सका। शासन की ओर से अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फीरोजाबाद शहर को मीठा पानी मुहैया कराने के लिए जेड़ाझाल परियोजना की शुरूआत के दौरान ही काफी घोषणाएं की थी। इनमें कसबा खैरगढ़ व मक्खनपुर के साथ एका को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग भी रखी थी। घोषणा होने के साथ जिले की तत्कालीन जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने इनके प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिए। काफी मंथन होने के बाद शासन की ओर से कसबा एका को नगर पंचायत का दर्जा देने का पत्र जिला प्रशासन को मिल गया। इसका बड़ा कारण कसबा में ब्लाक, थाना, अस्पताल के साथ बैंक व मुख्य बाजार भी था। बीआरसी के साथ ही आने-जाने के संसाधन भी थे। पानी की टंकी एवं कई मोबाइल कंपनी के टावर भी स्थापित थे। कसबा की आबादी भी मानक से कई गुना अधिक थी। शासन की ओर से एका पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया में उसके मजरों को भी शामिल किया था। लेकिन भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो इन मजरों की दूरी कसबा से काफी अधिक है। कसबा के व्यापारियों एवं दुकानदारों ने डीएम के समक्ष आपत्ति लगाई थी कि उनके कसबे को ही नगर पंचायत का दर्जा मिले। मजरों को शामिल न किया जाए। प्रशासन की ओर से इस आपत्ति को शासन को भेज दिया था। ग्रामीणों को आपत्ति दाखिल किए छह माह से अधिक समय बीत गया लेकिन अभी तक पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा देने के संबंध में कोई आदेश ही नहीं आया।
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