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यमुना में डूबे पांच किशोर, दो लापता, तीन को बचाया

Mon, 23 Mar 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Mon, 23 Mar 2015 11:21 PM IST
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five teenagers ridden in yamuna, three save, two missing
यमुना में नहाने के लिए गए पांच किशोर गहरे पानी में डूब गए। वहां मौजूद लोगों ने तीन किशोरों को किसी तरह बाहर निकाला जबकि कई घंटे की मशक्कत के बाद भी दो का पता नहीं चल सका।
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लेबर कालोनी निवासी अंकित जादौन (16) पुत्र संतोष पाल सिंह जादौन, मणिक शर्मा (15) पुत्र अरविंद शर्मा, अमन गौड़ (13) पुत्र दीपक गौड़, हर्ष शर्मा (15) पुत्र महावीर प्रसाद शर्मा व विश्नू ठाकुर (17) पुत्र योगेंद्र निवासी नगला विश्नू लाइनपार क्षेत्र के नया बांस स्थित यमुना घाट पर नहाने के लिए गए थे। दोपहर करीब 12 बजे किशोरों ने यमुना छलांग लगाई तो वह गहरे पानी में डूबने लगे। चीखपुकार मचने पर वहां मौजूद गांव नयाबांस निवासी दिलीप कुमार पुत्र रामभरोसीलाल ने भी यमुना में छलांग लगा दी। वह किसी तरह मणिक शर्मा, अमन गौड़ और हर्ष शर्मा को गहरे पानी से निकाल कर किनारे लाया। इसके बाद विश्नू ठाकुर और अंकित की तलाश में यमुना में कूद गया। इस बीच काफी संख्या में आसपास के लोग और गोताखोर पहुंच गए। दिलीप के साथ उसके साथी रामब्रेश ने दोनों किशोरों की तलाश शुरू की गई लेकिन देर शाम तक उनका कहीं पता नहीं चला। सूचना पर किशोरों के परिवारीजन, तहसीलदार जीत सिंह राय, सीओ सदर जगदीश सिंह, थानाध्यक्ष बसईमोहम्मदपुर और लाइनपार पुलिस बल और दमकल विभाग के कर्मचारी पहुंच गए। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से विश्नू और अंकित की तलाश कराई लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
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डेढ़ घंटे तक तमाशबीन बना रहा प्रशासन
यमुना में डूबे अंकित और विश्नू की तलाश के लिए पुलिस प्रशासन तीन घंटे तक तमाशबीन बना रहा। कोतवाल लाइनपार और बसईमोहम्मदपुर की मौजूदगी में गांव के दिलीप और रामब्रेश ही प्रयास करते रहे। दाो बजे करीब पुलिस पांच गोताखोरों के लेकर पहुंचे तब कहीं जाकर किशोरों की तलाश तेज हुई, लेकिन सफलता फिर भी नहीं मिली।
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नहीं मिला सहयोग
घाट किनारे तहसीलदार जीत सिंह राय और फायर विभाग के अधिकारी गाड़ी को लिए खड़े रहे। उनके स्तर से किशोरों को बाहर निकालने के लिए कोई पहल नहीं की गई और फायर विभाग के पास न तो गोताखोर थे और न ही पानी में डालने के लिए जाल। ऐसे में ग्रामीण और गोताखोर अपने ही स्तर से प्रयास करते रहे।

ताऊ ताई के पास रहता था अंकित
अंकित मां, पिता की मौत के बाद अपने बड़े भाई विक्रम के साथ ताऊ महीपाल के पास रहकर पढ़ाई कर रहा था। जबकि विश्नू दो भाईयों में सबसे छोटा था। उसके माता पिता का हाल बेहाल था।

इस तरह चला घटनाक्रम
11 पांचों किशोर दतौजी होते हुए यमुना किनारे पहुंचे।
12 बजे पानी में डूबने लगे।
12.10 बजे दिलीप ने यमुना में छलांग लगाई।
12.20 तीन को बचाया गया, ग्रामीण भी पहुंच गए।
12.30 बजे कोतवाल लाइनपार, फायर विभाग और तहसीलदार टीम के साथ पहुंचे।
01.00 बजे कोतवाल बसईमोहम्मदपुर शंकरपुर घाट से गोताखोर लेकर पहुंचे।
3.00 बजे सीओ सदर माली पट्टी से पांच गोताखोर लेकर पहुंचे।
5.00 बजे गोताखोरों को सफलता नहीं मिली हाथ खड़े किए।

खोजबीन के कारण हुई देर
सीओ सदर जगदीश सिंह का कहना था कि सूचना मिलने के साथ ही गोताखोरों के घर पुलिस भेजी थी। आलू खुदाई के कारण एक भी गोताखोर घर पर नहीं मिला। इसलिए उनको लाने मेें देरी हुई।



अपनी जान जोखिम में डालकर मणिक, अमन और हर्ष को बचाने वाले दिलीप का कहना था कि यदि यह अंकित और विश्नू के डूबने की जानकारी यमुना से बाहर आते ही मिल जाती तो दोनों को भी यमुना से बाहर निकाल लिया जाता। करीब पौन घंटे बीत जाने के बाद किशोरों ने अपने साथियों के डूबने की बात बताई।
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