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फिरोजाबाद: शारदीय नवरात्र आज से, घर-घर होगी मां शैलपुत्री की पूजा

Wed, 06 Oct 2021 09:03 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 09:03 PM IST
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Firozabad: Shardiya Navratri from today, the worship of mother Shailputri will be done from house to house
फिरोजाबाद। शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएंगे। आज घर-घर मां की चौकी सजेगी। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाएगी। मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। बुधवार को मंदिरों में नवरात्र को लेकर तैयारियां होती रहीं। वहीं भक्तजन मां की चौकी स्थापना के लिए पूजन सामग्री खरीदते नजर आए।
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शहर के श्री कैला देवी मंदिर, कोटला रोड स्थित माता पथवारी मंदिर, उसायनी स्थित मां वैष्णोदेवी धाम मंदिर, जसराना का मां कामाख्या देवी मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में नवरात्रि की पूर्व संध्या पर नवरात्र आगमन की तैयारियां चलती रहीं। कई मंदिरों में लाइटिंग लगाई गई है। वहीं मंदिरों के बाहर दुकानों पर भी भीड़ रही। कोई माता रानी की पोशाक खरीद रहा था तो कोई पूजा सामग्री लेने गया। घट स्थापना के लिए भक्तों ने कलश की खरीदारी भी। भक्तजन मंदिरों में मंगला दर्शन को जाएंगे। हालांकि मंदिर कमेटी ने कोविड नियमों का पालन कराते हुए दर्शन कराने का निर्णय लिया है।
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राजराजेश्वरी कैलादेवी मंदिर
मां राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां मंदिर भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन को आते हैं। मंगला दर्शन से लेकर शयन आरती तक भक्तों की भीड़ रहती है।
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मंदिर महंत शिव सुंदर ने बताया कि इस मंदिर का शिलान्यास आठ दिसंबर 1981 में दिन मंगलवार को हुआ था। प्राण प्रतिष्ठा 12 मार्च 1991 दिन शनिवार को हुई थी। मां राज राजेश्वरी कैैलदेवी की प्रतिमा राजस्थान से मंगाई गई थी। जबकि मां की अखंड ज्योति को श्रद्धालु राजस्थान स्थित मां राज राजेश्वरी कैलादेवी मंदिर से पैदल लेकर आए थे। सबसे पहले मंदिर समिति के अध्यक्ष मुरारीलाल ठेकेदार थे।

मंदिर की स्थापना से पूर्व लोगों की आस्था मां राज राजेश्वरी कैलादेवी से जुड़ी हैं। जो श्रद्धालु राजस्थान स्थित मां कैलादेवी के भवन पर नहीं पहुंच पाते हैं, वह यहां पर मां के दर्शन को आते हैं। हर साल सैकड़ों की संख्या में भक्तजन नेजा चढ़ाने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं। नवरात्र में अष्टमी और नवमीं पर भक्त दंड़ौती लगाते हुए मंदिर पहुंचते हैं। संवाद
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