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Firozabad News: कोर्ट के आदेश पर 2 साल बाद वृद्धा को मिला अपना घर
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फोटो 25 थाना दक्षिण क्षेत्र के राजपुताना मोहल्ले की में वृद्धा का अशियाना दिलाने पहुंचे सिटी मज
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण क्षेत्र के राजपुताना मोहल्ले की एक वृद्धा को दो साल की कानूनी लड़ाई के बाद अपना घर वापस मिला। बहू ने वृद्धा को घर से निकाल मकान किराए पर उठा दिया था। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवारवार को प्रशासन-पुलिस ने घर में वापस सम्मानजनक प्रवेश कराया।
सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि राजपुताना निवासी बुजुर्ग सत्यवती का अपना मकान और चार दुकानें हैं। उनके बेटे राहुल और बहू कृष्णा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते बेटा राहुल दिसंबर 2023 में घर छोड़कर चला गया और तब से वह वापस नहीं लौटा। बेटे के जाने के बाद बहू कृष्णा ने अपनी सास सत्यवती को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अंततः उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। बहू ने मकान को किराए पर उठा दिया, जिसके बाद मजबूरन बुजुर्ग महिला को मेरठ में अपनी बेटी के घर शरण लेनी पड़ी। सत्यवती ने जनवरी 2025 में सीजेएम कोर्ट की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद 24 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सास के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें तत्काल घर में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बहू को रहने के लिए केवल एक कमरा मिलेगा, जबकि बाकी घर पर सास का अधिकार होगा। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में थाना दक्षिण इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह व उनकी पुलिस टीम के साथ सत्यवती को लेकर उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किराएदारों से मकान खाली कराया और बुजुर्ग महिला को उनके घर में प्रवेश कराया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बहू कृष्णा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में सास के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या मानसिक प्रताड़ना की गई, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि राजपुताना निवासी बुजुर्ग सत्यवती का अपना मकान और चार दुकानें हैं। उनके बेटे राहुल और बहू कृष्णा के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते बेटा राहुल दिसंबर 2023 में घर छोड़कर चला गया और तब से वह वापस नहीं लौटा। बेटे के जाने के बाद बहू कृष्णा ने अपनी सास सत्यवती को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अंततः उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। बहू ने मकान को किराए पर उठा दिया, जिसके बाद मजबूरन बुजुर्ग महिला को मेरठ में अपनी बेटी के घर शरण लेनी पड़ी। सत्यवती ने जनवरी 2025 में सीजेएम कोर्ट की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद 24 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सास के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें तत्काल घर में प्रवेश दिलाने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बहू को रहने के लिए केवल एक कमरा मिलेगा, जबकि बाकी घर पर सास का अधिकार होगा। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में थाना दक्षिण इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह व उनकी पुलिस टीम के साथ सत्यवती को लेकर उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किराएदारों से मकान खाली कराया और बुजुर्ग महिला को उनके घर में प्रवेश कराया।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बहू कृष्णा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में सास के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या मानसिक प्रताड़ना की गई, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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