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Firozabad News: डिजिटल जनगणना का आगाज, डीएम ने खुद का विवरण दर्ज कर किया शुभारंभ
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फोटो 5 स्वयं गणना का पोर्टल पर फॉर्म भर डिजिटल जनगणना का शुभारंभ करते डीएम संतोष कुमार शर्मा, स
फिरोजाबाद। जनपद में बृहस्पतिवार को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ हो गया। डीएम संतोष कुमार शर्मा ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में स्वयं का विवरण डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कर इस स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। डीएम ने कहा, इस बार मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलित किया जाएगा। प्रगणकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशीलता के साथ घर-घर जाकर सर्वे करें।
लोग अपनी जनगणना खुद करा सकते हैं। जनगणना का पहला चरण बृहस्पतिवार से शुरु हुई, जो कि 21 मई तक रहेगा। 22 मई से दूसरे चरण के तहत प्रगणक खुद घर-घर जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा।
स्वगणना के लिए अपनानी होगी यह प्रक्रिया
स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें।
परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर)।
भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें।
पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें।
जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसआईडी प्राप्त करें।
प्रगणक द्वारा एसआईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन।
ये सवाल पूछे जा रहे
कुल 34 सवाल जनगणना में पूछे जाएंगे। इन सवालों को पांच श्रेणियों में बांटा गया है।
भवन दशा: लाइन नंबर, भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, फर्श/दीवार/छत की सामग्री, मकान का उपयोग, आवास दशा।
परिवार विवरण: परिवार संख्या, निवास करने वाले कुल व्यक्ति, मुखिया का नाम, लिंग, मुखिया की स्थिति (एससी/एसटी व अन्य), मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या।
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सुविधाएं: पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधा, रसोई व एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन।
संपत्ति: रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की पहुंच, कंप्यूटर/लैपटॉप, मोबाइल/स्मार्टफोन।
वाहन: साइकिल, स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन।
डिजिटल जनगणना: पहले दिन तकनीकी बाधाओं ने बढ़ाई मुश्किल
- कैप्चर कोड और ईमेल के अलावा लोकेशन तस्दीक में उलझे लोग
- कई मजरों और मोहल्लों, रोड के नाम पोर्टल पर नहीं मिले
फिरोजाबाद।
जनपद में डिजिटल जनगणना के तहत स्व-गणना का पोर्टल खुलते ही लोगों में उत्साह तो दिखा, लेकिन तकनीकी पेचीदगियों के कारण कई लोग प्रक्रिया को पूरा करने में उलझे रहे।
पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान सुरक्षा के लिए दिए गए कैप्चर कोड ने लोगों को काफी छकाया। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि बार-बार सही कोड भरने के बावजूद पोर्टल उसे ''''इनवैलिड'''' बताता रहा। तीन से चार प्रयासों के बाद ही लोग अगले चरण तक पहुंच पाए। स्व-गणना के लिए फोन नंबर तो लोगों ने दर्ज कर दिया। मगर, ईमेल आईडी का होना मुसीबत बना। ग्रामीण अंचलों और बुजुर्गों के पास अपनी निजी ईमेल आईडी न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। ऐसे में लोगों को अपने बेटे-बेटी या परिवार के अन्य सदस्यों की ईमेल आईडी का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद अगले चरण में पोर्टल पर घर को चिन्हित करने और लैंडमार्क खोजने वाले कॉलम में सबसे ज्यादा समस्या आई। जिले के कई दूर-दराज के मजरे, नई बसी कॉलोनियों और संकरी गलियों के सटीक नाम-पते पोर्टल के मैप पर तस्दीक नहीं हो सके, जिससे स्व-गणना की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई।
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लोग अपनी जनगणना खुद करा सकते हैं। जनगणना का पहला चरण बृहस्पतिवार से शुरु हुई, जो कि 21 मई तक रहेगा। 22 मई से दूसरे चरण के तहत प्रगणक खुद घर-घर जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा।
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स्वगणना के लिए अपनानी होगी यह प्रक्रिया
स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें।
परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर)।
भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें।
पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें।
जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसआईडी प्राप्त करें।
प्रगणक द्वारा एसआईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन।
ये सवाल पूछे जा रहे
कुल 34 सवाल जनगणना में पूछे जाएंगे। इन सवालों को पांच श्रेणियों में बांटा गया है।
भवन दशा: लाइन नंबर, भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, फर्श/दीवार/छत की सामग्री, मकान का उपयोग, आवास दशा।
परिवार विवरण: परिवार संख्या, निवास करने वाले कुल व्यक्ति, मुखिया का नाम, लिंग, मुखिया की स्थिति (एससी/एसटी व अन्य), मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या।
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सुविधाएं: पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधा, रसोई व एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, खाना पकाने का मुख्य ईंधन।
संपत्ति: रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की पहुंच, कंप्यूटर/लैपटॉप, मोबाइल/स्मार्टफोन।
वाहन: साइकिल, स्कूटर/मोटरसाइकिल, कार/जीप/वैन।
डिजिटल जनगणना: पहले दिन तकनीकी बाधाओं ने बढ़ाई मुश्किल
- कैप्चर कोड और ईमेल के अलावा लोकेशन तस्दीक में उलझे लोग
- कई मजरों और मोहल्लों, रोड के नाम पोर्टल पर नहीं मिले
फिरोजाबाद।
जनपद में डिजिटल जनगणना के तहत स्व-गणना का पोर्टल खुलते ही लोगों में उत्साह तो दिखा, लेकिन तकनीकी पेचीदगियों के कारण कई लोग प्रक्रिया को पूरा करने में उलझे रहे।
पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान सुरक्षा के लिए दिए गए कैप्चर कोड ने लोगों को काफी छकाया। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि बार-बार सही कोड भरने के बावजूद पोर्टल उसे ''''इनवैलिड'''' बताता रहा। तीन से चार प्रयासों के बाद ही लोग अगले चरण तक पहुंच पाए। स्व-गणना के लिए फोन नंबर तो लोगों ने दर्ज कर दिया। मगर, ईमेल आईडी का होना मुसीबत बना। ग्रामीण अंचलों और बुजुर्गों के पास अपनी निजी ईमेल आईडी न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। ऐसे में लोगों को अपने बेटे-बेटी या परिवार के अन्य सदस्यों की ईमेल आईडी का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद अगले चरण में पोर्टल पर घर को चिन्हित करने और लैंडमार्क खोजने वाले कॉलम में सबसे ज्यादा समस्या आई। जिले के कई दूर-दराज के मजरे, नई बसी कॉलोनियों और संकरी गलियों के सटीक नाम-पते पोर्टल के मैप पर तस्दीक नहीं हो सके, जिससे स्व-गणना की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई।