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Firozabad News: चीन की चमक में खो गई झाड़-फानूस की विरासत, 100 करोड़ का कारोबार धराशायी

Fri, 27 Feb 2026 02:08 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 02:08 AM IST
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firozabad news glass indrustry china
फोटो 26शहर के हस्तशिल्पी द्वारा तैयार स्वदेशी फानूस
फिरोजाबाद। सुहाग नगरी का पारंपरिक झाड़-फानूस (झूमर) उद्योग आज अपने ही अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। आधुनिकीकरण में पिछड़ने और व्यापारिक समझौतों की मार ने इस कारोबार को चीन के हाथों गिरवी रख दिया है। कभी देश-विदेश के महलों और होटलों को अपनी रोशनी से सराबोर करने वाला जिले में बनने वाले झाड़-फानूस अब खुद अंधेरे में है। शहर के शोरूमों पर स्वदेशी की जगह 80 प्रतिशत चीन निर्मित उत्पाद सजे हैं।
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वर्ष 2000 और आज की स्थिति के बीच का अंतर यह है कि दो दशकों में यह कारोबार पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि चीन के उत्पादों की फिनिशिंग और चमक फिरोजाबाद के कच्चे माल (कांच रिफिल, मोती, नग) के मुकाबले कहीं बेहतर है। शिवा लाइट के राजेश गुप्ता के अनुसार, चीन के आइटम सस्ते भी हैं और गुणवत्ता में भी अच्छे, यही कारण है कि ग्राहक स्वदेशी की जगह चीनी सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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कारीगरों का पलायन, उजड़ गए गली-मोहल्ले
काम की कमी और गिरते आर्डरों का सबसे बुरा असर कुशल कारीगरों पर पड़ा है। कभी शहर की गलियों में झाड़-फानूस तैयार करने वाले सैकड़ों हुनरमंद हाथ आज रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन कर चुके हैं। होटल, मॉल और मैरिज होम से मिलने वाले बड़े आर्डर अब सीधे चीन आयतित माल के खाते में जा रहे हैं।
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चीन से व्यापारिक समझौतों की समीक्षा की मांग

कारोबारी राजेश अग्रवाल ने सरकार से चीन के साथ कर मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा करने की अपील की है। उनका कहना है कि चीन से आने वाले कच्चे माल पर टैक्स कम होने के कारण लोग वहां से माल मंगाकर यहां बेच रहे हैं, जिससे स्थानीय उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।

इसलिए पिछड़ गया जिले का कारोबार

आधुनिकीकरण की कमी: समय के साथ मशीनों और नई डिजाइनिंग पर निवेश नहीं हुआ।

सस्ती दरें: चीनी झाड़-फानूस स्थानीय उत्पादों के मुकाबले काफी सस्ते हैं।

कच्चे माल की चमक: फिरोजाबाद के कांच की तुलना में चीनी कांच की फिनिशिंग ज्यादा आकर्षित करती है।


विवरण वर्ष 2000 की स्थिति वर्तमान स्थिति (2026)
कुल शोरूम व इकाइयां 100 से अधिक मात्र 20-25
कुल कारीगर 2000 से अधिक मात्र 100-150
वार्षिक कारोबार 100 करोड़ रुपये 5 से 10 करोड़ रुपये
चीन का दखल शून्य 40 करोड़ से ज्यादा
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