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Firozabad News: छेड़छाड़ के मामले में आरोपी बरी, झूठा केस दर्ज कराने वाले पिता पर चलेगा केस
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फिरोजाबाद। एडीजे विशेष पॉक्सो-2 कोर्ट ने छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में आरोपी लक्ष्मण उर्फ छोटू को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने झूठी कहानी गढ़ने और अदालत का समय बर्बाद करने पर कड़ा रुख अपनाया। इसके चलते पीड़िता के पिता के खिलाफ ही अदालत को गुमराह करने और झूठी गवाही देने के आरोप में दांडिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
यह मामला मटसैना थाना क्षेत्र का है। एक व्यक्ति ने 20 अगस्त 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि लक्ष्मण उर्फ छोटू ने उसकी नाबालिग बेटी को खेत पर खींचने का प्रयास किया। पुलिस ने पॉक्सो व अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, ट्रायल के दौरान पीड़िता और उसके भाई सहित सभी मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए। पीड़िता ने छेड़खानी से साफ इन्कार किया। उसने बताया कि वह चारे की गठरी उठाते समय गिर गई थी, जिससे उसके गाल पर चोट आई थी। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए पहले के बयान को पुलिस के दबाव में दिया बताया। पिता और भाई ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी थी। उन्होंने गांव वालों के कहने पर बहकावे में आकर रिपोर्ट लिखवाई थी।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में पीड़िता समेत सभी मुख्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। जकोर्ट ने आरोपी लक्ष्मण उर्फ छोटू को बाइज्जत बरी कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने झूठे मुकदमों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई। जज संदीप कुमार सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा कि वादी (पीड़िता के पिता) ने स्वयं द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के विपरीत कोर्ट में गवाही दी है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने क्लर्क को निर्देश दिया है। वादी पिता के खिलाफ प्रकीर्ण दांडिक वाद दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाए।
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यह मामला मटसैना थाना क्षेत्र का है। एक व्यक्ति ने 20 अगस्त 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि लक्ष्मण उर्फ छोटू ने उसकी नाबालिग बेटी को खेत पर खींचने का प्रयास किया। पुलिस ने पॉक्सो व अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, ट्रायल के दौरान पीड़िता और उसके भाई सहित सभी मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए। पीड़िता ने छेड़खानी से साफ इन्कार किया। उसने बताया कि वह चारे की गठरी उठाते समय गिर गई थी, जिससे उसके गाल पर चोट आई थी। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए पहले के बयान को पुलिस के दबाव में दिया बताया। पिता और भाई ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी थी। उन्होंने गांव वालों के कहने पर बहकावे में आकर रिपोर्ट लिखवाई थी।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में पीड़िता समेत सभी मुख्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। जकोर्ट ने आरोपी लक्ष्मण उर्फ छोटू को बाइज्जत बरी कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने झूठे मुकदमों की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई। जज संदीप कुमार सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट लिखा कि वादी (पीड़िता के पिता) ने स्वयं द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के विपरीत कोर्ट में गवाही दी है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाना जरूरी है। कोर्ट ने क्लर्क को निर्देश दिया है। वादी पिता के खिलाफ प्रकीर्ण दांडिक वाद दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाए।
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