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मानसून सिर पर तब आई तालाबों की खोदाई की याद
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फिरोजाबाद। सरकारी विभागों को भी मानसून के सिर पर आने के दौरान ही तालाबों के सुधार की ध्यान आती है। मनरेगा योजना हो, लघु सिंचाई विभाग या फिर भूमि संरक्षण विभाग की खेत तालाब योजना। इन विभागों द्वारा यदि बारिश से पहले तालाबों के सुधार का काम करा लिया जाए तो फिर बारिश के दिनों में पानी भरने से जलस्तर काफी हद तक ऊंचा उठाया जा सकता है लेकिन ज्यादातर ऐसा हो नहीं पाता है। भुगतान करने के बाद विभाग लौटकर तालाब की ओर देखते तक नहीं है।
तालाबों के सुधार के नाम पर जिले में करोड़ों रुपये अभी तक खर्च कर दिया है। मनरेगा योजना से ही 740 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। नए वित्तीय वर्ष में भी तालाब के जीर्णोद्धार के नाम पर 256 तालाबों के सुधार पर करोड़ों रुपये खर्च की कार्ययोजना तैयार की है। लघु सिंचाई विभाग ने दस तालाबों को सुधारने का लक्ष्य रखा है।
भूमि संरक्षण विभाग मनरेगा योजना के सहयोग से खेत तालाब योजना पर काम करेगा। मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों के माध्यम से तालाबों को सुधारने की प्लानिंग की है। यह काम विभागों ने तब शुरू किया जब मानसून दस्तक देने वाला है, क्योंकि जुलाई की शुरूआत हो जाने के बाद भी तालाबों का काम दस प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। सवाल यह है कि तालाबों के सुधार का काम बारिश शुरू होने से पहले पूर्ण हो जाना चाहिए, ताकि बारिश का पानी इन तालाबों को भर सके। तालाबों के भरने से यह पानी जमीन के अंदर पहुंचेगा और किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए भी सहायक सिद्ध होगा।
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ब्लॉकवार तालाबों का ब्यौरा
ब्लॉक तालाबों की संख्या
अरांव 29
एका 32
फिरोजाबाद 27
जसराना 30
खैरगढ़ 29
मदनपुर 27
नारखी 28
शिकोहाबाद 27
टूंडला 27
कुल 256
तालाबों के जीर्णोद्धार का काम मनरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष कराया जा रहा है। जिले में अभी तक 740 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। चूंकि मिट्टी की खोदाई कर गहरा किया जाता है। तीन से चार वर्ष में मिट्टी बहकर तालाब में पहुंच जाती है। नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने के बाद सभी तालाबों पर काम शुरू कराया है। जहां तालाब सुधार का काम होता हैं वहां जलस्तर में सुधार होता है। -देवेंद्र प्रताप सिंह, पीडी, डीआरडीए फिरोजाबाद
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तालाबों के सुधार के नाम पर जिले में करोड़ों रुपये अभी तक खर्च कर दिया है। मनरेगा योजना से ही 740 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। नए वित्तीय वर्ष में भी तालाब के जीर्णोद्धार के नाम पर 256 तालाबों के सुधार पर करोड़ों रुपये खर्च की कार्ययोजना तैयार की है। लघु सिंचाई विभाग ने दस तालाबों को सुधारने का लक्ष्य रखा है।
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भूमि संरक्षण विभाग मनरेगा योजना के सहयोग से खेत तालाब योजना पर काम करेगा। मनरेगा योजना में ग्राम पंचायतों के माध्यम से तालाबों को सुधारने की प्लानिंग की है। यह काम विभागों ने तब शुरू किया जब मानसून दस्तक देने वाला है, क्योंकि जुलाई की शुरूआत हो जाने के बाद भी तालाबों का काम दस प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। सवाल यह है कि तालाबों के सुधार का काम बारिश शुरू होने से पहले पूर्ण हो जाना चाहिए, ताकि बारिश का पानी इन तालाबों को भर सके। तालाबों के भरने से यह पानी जमीन के अंदर पहुंचेगा और किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए भी सहायक सिद्ध होगा।
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ब्लॉकवार तालाबों का ब्यौरा
ब्लॉक तालाबों की संख्या
अरांव 29
एका 32
फिरोजाबाद 27
जसराना 30
खैरगढ़ 29
मदनपुर 27
नारखी 28
शिकोहाबाद 27
टूंडला 27
कुल 256
तालाबों के जीर्णोद्धार का काम मनरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष कराया जा रहा है। जिले में अभी तक 740 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है। चूंकि मिट्टी की खोदाई कर गहरा किया जाता है। तीन से चार वर्ष में मिट्टी बहकर तालाब में पहुंच जाती है। नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने के बाद सभी तालाबों पर काम शुरू कराया है। जहां तालाब सुधार का काम होता हैं वहां जलस्तर में सुधार होता है। -देवेंद्र प्रताप सिंह, पीडी, डीआरडीए फिरोजाबाद