{"_id":"3060759295f89bbe6b83c74449170abc","slug":"farmers-on-the-land-acquisition-deny-prison-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि अधिग्रहण से इनकार पर किसानों को जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि अधिग्रहण से इनकार पर किसानों को जेल
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम की महत्वाकांक्षी योजना में भूमि अधिग्रहण से इनकार करना किसानों के लिए मुसीबत बन गया। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण नहीं करने देने वाले किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रशासन की कार्रवाई को किसान संगठन उत्पीड़न करने के लिए प्रशासन की सोची समझी रणनीति का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने मामले को शांतिभंग की कार्रवाई बताया।
जिले में सीएम अखिलेश यादव की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित हैं। इसमें से जेड़ाझाल परियोजना प्रमुख है। जेड़ाझाल परियोजना में बैनामे के लिए प्रशासन हर दांव चल रहा है। सोमवार को दो किसानों को जसराना एसडीएम ने बैनामा कराने से इंकार करने पर जेल भेज दिया। किसानों का आरोप है कि जसराना तहसील क्षेत्र के ग्राम शेखनपुर निवासी किसान कल्लन खां, शब्बीर खां एवं संजय को पुलिस ने उठा लिया था। पुलिस ने एसडीएम जसराना के न्यायालय में पेश किया। किसानों की ओर से जमानतगीरों को भी पेश किया गया। अधिवक्ता भी मौजूद थे लेकिन पहले एसडीएम जसराना सुबह से लेकर शाम चार बजे तक दो किसानों को बैठाए रखा। इसके बाद एसडीएम ने कहा बैनामा पर हस्ताक्षर करो तो जमानत मिलेगी अन्यथा जेल भेजूंगा। किसानों ने बिना भुगतान के भूमि का बैनामा करने से इंकार कर दिया तो कल्लन एवं शब्बीर खां को जेल भेज दिया। वहीं बैनामा करने पर संजय की जमानत स्वीकृत कर दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मनमानी ही करनी शुरू कर दी। राष्ट्रीय किसान नौजवान संगठन प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा जेड़ाझाल परियोजना से जुड़े किसानों को प्रशासन ने उत्पीड़न शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उत्पीड़न नहीं रोका तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से उन किसानों को पाबंद कर दिया गया, जिनकी भूमि जेड़ाझाल परियोजना में जा रही है। उन्होंने कहा कि शेखनपुर ही नहीं नगला भादौ के साथ ही कई अन्य गांवों के किसानों को वारंट जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा हम जमानत के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की मांग करेंगे। जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर रोष व्यक्त किया।
दोनों किसानों के द्वारा पुलिस ने 16 अक्तूबर को नोटिस तामील कराए थे। इसको जमानत के लिए आना था लेकिन नहीं आने पर 24 अक्तूबर को वारंट जारी किया। इसके बाद शांतिभंग की आशंका समेत अन्य मामले में गिरफ्तारी की गई है।
विज्ञापन
अमित कुुमार, एसडीएम जसराना।
विज्ञापन
जिले में सीएम अखिलेश यादव की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित हैं। इसमें से जेड़ाझाल परियोजना प्रमुख है। जेड़ाझाल परियोजना में बैनामे के लिए प्रशासन हर दांव चल रहा है। सोमवार को दो किसानों को जसराना एसडीएम ने बैनामा कराने से इंकार करने पर जेल भेज दिया। किसानों का आरोप है कि जसराना तहसील क्षेत्र के ग्राम शेखनपुर निवासी किसान कल्लन खां, शब्बीर खां एवं संजय को पुलिस ने उठा लिया था। पुलिस ने एसडीएम जसराना के न्यायालय में पेश किया। किसानों की ओर से जमानतगीरों को भी पेश किया गया। अधिवक्ता भी मौजूद थे लेकिन पहले एसडीएम जसराना सुबह से लेकर शाम चार बजे तक दो किसानों को बैठाए रखा। इसके बाद एसडीएम ने कहा बैनामा पर हस्ताक्षर करो तो जमानत मिलेगी अन्यथा जेल भेजूंगा। किसानों ने बिना भुगतान के भूमि का बैनामा करने से इंकार कर दिया तो कल्लन एवं शब्बीर खां को जेल भेज दिया। वहीं बैनामा करने पर संजय की जमानत स्वीकृत कर दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मनमानी ही करनी शुरू कर दी। राष्ट्रीय किसान नौजवान संगठन प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह यादव ने कहा जेड़ाझाल परियोजना से जुड़े किसानों को प्रशासन ने उत्पीड़न शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उत्पीड़न नहीं रोका तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से उन किसानों को पाबंद कर दिया गया, जिनकी भूमि जेड़ाझाल परियोजना में जा रही है। उन्होंने कहा कि शेखनपुर ही नहीं नगला भादौ के साथ ही कई अन्य गांवों के किसानों को वारंट जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा हम जमानत के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की मांग करेंगे। जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर रोष व्यक्त किया।
विज्ञापन
दोनों किसानों के द्वारा पुलिस ने 16 अक्तूबर को नोटिस तामील कराए थे। इसको जमानत के लिए आना था लेकिन नहीं आने पर 24 अक्तूबर को वारंट जारी किया। इसके बाद शांतिभंग की आशंका समेत अन्य मामले में गिरफ्तारी की गई है।
विज्ञापन
अमित कुुमार, एसडीएम जसराना।