फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Factory workers upset due to fear of increasing gas bill again

गैस बिल फिर बढ़ने का अंदेशे से कारखानेदार परेशान

Thu, 23 Sep 2021 11:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:45 PM IST
विज्ञापन
Factory workers upset due to fear of increasing gas bill again
रफ़रोजाबाद ! चूड़ी कारखाने में काम करते श्रमिक - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। आगामी दिनों में नेचुरल गैस के दामों में एक बार फिर इजाफा होने के अंदेशे से चूड़ी कारखानेदारों के माथे पर बल पड़ गया है। चूड़ी कारखानेदारों के अनुसार, अक्तूबर माह में तेल एवं गैस कंपनियां सस्ती दर वाली एपीएम गैस के मूल्यों की समीक्षा करेंगी। इससे वर्तमान दर में प्रतिदिन घनमीटर पांच से सात रुपये की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
विज्ञापन

कांच उद्योग के लिए वर्तमान में रियायती दर वाली एपीएम गैस का 11.50 पैसे प्रति घनमीटर की दर से 11 लाख घनमीटर का कोटा तय है। कांच इकाइयों में इससे ज्यादा गैस की खपत होने पर व्यवसायिक श्रेणी वाली नेचुरल गैस और रियायती दर की गैस का अनुपात निकालकर गैस बिल जारी किए जाते हैं।
विज्ञापन

प्राकृतिक गैस और तेल कंपनियां साल में दो बार अप्रैल और सितंबर में रियायती दर वाली एपीएम गैस की कीमतों की समीक्षा करतीं हैं। कांच उद्योग जगत की मानें तो सभी तेल और गैस उत्पादक कंपनियों एक अक्तूबर को रियायती दर वाली गैस की कीमतों की समीक्षा करेंगी। वर्तमान हालतों के अनुसार समीक्षा में रियायती दर वाली एपीएम गैस की कीमत में प्रति घनमीटर पांच से सात रुपये बढ़ने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
दो माह में बढ़े आठ रुपये प्रति घनमीटर दाम
मंदी की मार झेल रहे माउथ ब्लोइंग और चूड़ी उद्योग जगत पर प्राकृतिक गैस के दामों में हाल ही में करीब 4.98 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे पूर्व जुलाई-अगस्त के प्रथम सप्ताह तक गैल इंडिया द्वारा 14.50 पैसे प्रति घनमीटर के हिसाब से बिल जारी किए गए थे।
--
नए ऑर्डर लेने से हिचक रहे उद्यमी
दो माह में गैस की कीमतों में आठ रुपये और कच्चे माल की दरों में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी से कारखानेदारों को तीन से पांच रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। गैस के दाम दोबारा बढे़ तो नुकसान झेलना मुश्किल होगा। त्योहार पर मिलने वाली आर्डर भी लेने में अब सभी हिचक रहे हैं।

अभिषेक मित्तल चंचल माउथ ब्लोइंग कारखानेदार
---
चूड़ी उद्योग पहले से मंदी की मार झेल रही है। जुड़ाई श्रमिकों की कीमत पुनीरक्षित होने और गैस के दाम बढ़ने के कारण प्रति तोड़ा चूड़ी की कीमत बढ़ाने का दबाव है। अब यदि गैस के दाम फिर बढे़ तो उद्योग को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
हनुमान प्रसाद गर्ग चेयरमैन द ग्लास सिंडिकेट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed