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फ्लोराइड युक्त पानी बढ़ा रहा परेशानी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:08 PM IST
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नारखी क्षेत्र में खराब पड़ा ट्यूबवेल
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सुहागनगरी के पानी में बढ़ता फ्लोराइड यहां के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। देेहात क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त पानी ग्रामीणों को बीमार कर रहा है। नारखी ब्लाक से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में वर्षों से फ्लोराइड युक्त पानी की गंभीर समस्या है। फ्लोराइड युक्त पानी पीने से सैकड़ों ग्रामीण दांत खराब हो गए और कई घुटनों के दर्द से पीड़ित हैं।
बता दें कि जनपद में 25 लाख से अधिक आबादी पेयजल के गंभीर संकट से जूझ रही हैं। जनपद में प्रतिवर्ष पेयजल स्तर गिरने के कारण पेयजल के संसाधन दम तोड़ते जा रहे हैं। जलनिगम और नगर निगम द्वारा पेयजल व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी हालात दिनोंदिन गंभीर हो रहे हैं। पेयजल स्तर गिरने के कारण जनपद के फीरोजाबाद, टूंडला, नारखी और मदनपुर ब्लाक डार्क जोन में आ चुके हैं। वहीं अन्य ब्लाक तेजी से डार्क जोन की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं नारखी ब्लाक में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां वर्षों से ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीकर गंभीर बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी बीमारी दूर नहीं हो रही। 40 वर्ष के बाद ग्रामीणों को घुटनों में सूजन, दर्द के अलावा दांत खराब होने जैसी बीमारियों शुरू हो जाती हैं। फ्लोराइड की समस्या को देखते हुए ग्रामीण वर्षों से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और जल निगम आजतक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का इंतजाम नहीं कर सका।
बाक्स--
इन गांवों में है फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या
नारखी ब्लाक में कायथा, गांगनी, मिल्क, पगुली, गंज, नगला कढे़रू, राजपुर, सलेमपुर, नारखी धौकल, नारखी ताल्लुका, भूड़ नगरिया, गढी अफोह, कूमरपुर, बड़ा गांव, परीक्षतपुर, गढ़ी हंसराम।
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15 वर्षों से बंद है गांव में बनी टंकी
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति दिलाने को जलनिगम द्वारा लाखों रुपये खर्च कर पानी की टंकी बनवाई थी। हालांकि टंकी पिछले 15 वर्षों से बंद पड़ी हैं। ग्राम प्रधान गांगनी घनश्याम सिंह का कहना है कि गांव में पेयजल उपलब्ध कराने को टंकी बनी हुई है, जो पिछले 15 वर्ष से बोरिंग फेल होने की वजह से बंद पड़ी है।
टंकी चालू हो तब हो समस्या का निदान
ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी का पानी ठीक था। गांव में पाइप लाइन भी पड़ी है, किंतु जलनिगम की लापरवाही से ग्रामीण शुद्ध पानी से वंचित हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि जलनिगम द्वारा खराब पड़ी पेयजल टंकी को चालू करा दिया जाए तो समस्या का निदान हो सकता है।
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बता दें कि जनपद में 25 लाख से अधिक आबादी पेयजल के गंभीर संकट से जूझ रही हैं। जनपद में प्रतिवर्ष पेयजल स्तर गिरने के कारण पेयजल के संसाधन दम तोड़ते जा रहे हैं। जलनिगम और नगर निगम द्वारा पेयजल व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी हालात दिनोंदिन गंभीर हो रहे हैं। पेयजल स्तर गिरने के कारण जनपद के फीरोजाबाद, टूंडला, नारखी और मदनपुर ब्लाक डार्क जोन में आ चुके हैं। वहीं अन्य ब्लाक तेजी से डार्क जोन की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं नारखी ब्लाक में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां वर्षों से ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीकर गंभीर बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। इलाज पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी बीमारी दूर नहीं हो रही। 40 वर्ष के बाद ग्रामीणों को घुटनों में सूजन, दर्द के अलावा दांत खराब होने जैसी बीमारियों शुरू हो जाती हैं। फ्लोराइड की समस्या को देखते हुए ग्रामीण वर्षों से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और जल निगम आजतक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का इंतजाम नहीं कर सका।
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इन गांवों में है फ्लोराइड युक्त पानी की समस्या
नारखी ब्लाक में कायथा, गांगनी, मिल्क, पगुली, गंज, नगला कढे़रू, राजपुर, सलेमपुर, नारखी धौकल, नारखी ताल्लुका, भूड़ नगरिया, गढी अफोह, कूमरपुर, बड़ा गांव, परीक्षतपुर, गढ़ी हंसराम।
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15 वर्षों से बंद है गांव में बनी टंकी
ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति दिलाने को जलनिगम द्वारा लाखों रुपये खर्च कर पानी की टंकी बनवाई थी। हालांकि टंकी पिछले 15 वर्षों से बंद पड़ी हैं। ग्राम प्रधान गांगनी घनश्याम सिंह का कहना है कि गांव में पेयजल उपलब्ध कराने को टंकी बनी हुई है, जो पिछले 15 वर्ष से बोरिंग फेल होने की वजह से बंद पड़ी है।
टंकी चालू हो तब हो समस्या का निदान
ग्रामीणों का कहना है कि इस टंकी का पानी ठीक था। गांव में पाइप लाइन भी पड़ी है, किंतु जलनिगम की लापरवाही से ग्रामीण शुद्ध पानी से वंचित हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि जलनिगम द्वारा खराब पड़ी पेयजल टंकी को चालू करा दिया जाए तो समस्या का निदान हो सकता है।