{"_id":"3b1d04b1570a1c19cf4eb1b2a09e5f7f","slug":"establishment-of-new-units-expanding-capacity-stop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई इकाइयों की स्थापना, क्षमता विस्तार पर बैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई इकाइयों की स्थापना, क्षमता विस्तार पर बैन
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 07 Jan 2015 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फीरोजाबाद की बड़ी इकाइयों पर विस्तारीकरण को लेकर मंडरा रहे संकट के बादल बुधवार को आगरा में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में काफी हद तक छंट गए। वहीं टीटीजेड में नई इकाई की स्थापना और क्षमता विस्तार पर रोक लगा दी गई। इससे एक तरफ जहां बड़े उद्यमियों ने राहत की सांस ली तो नए उद्योग लगाने की आस में बैठे उद्यमियों को झटका भी लगा।
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर की अध्यक्षता में बुधवार को ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। बैठक में ताज संरक्षित क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार को लेकर निर्णय लिया जाना था। बैठक में फीरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस और भरतपुर के डीएम, जिला उद्योग एवं प्रदूषण बोर्ड से संबंधित सभी अधिकारी मौजूद थे। मंडलायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें सभी इकाईयों की अधिकतम उत्पादन क्षमता से संबंधित रिपोर्ट थी। रिपोर्ट के आधार पर माना गया कि 1996 में कोयला के स्थान पर गैस में परिवर्तन होने और इकाइयों में आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करने के कारण 10-20 प्रतिशत इकाइयों की क्षमता बढ़ी है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टीटीजेड में कोई नई इकाई की स्थापना नहीं हो सकेगी। बैठक में डीएम विजय किरन आनंद, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मौजूद थे।
यहां भी लागू होगा नियम
नए उद्योगों की स्थापना, इकाइयों में क्षमता विस्तार को लेकर मंडलायुक्त द्वारा दिया गया आदेश फीरोजाबाद के अलावा आगरा, मथुरा, भरतपुर और हाथरस में भी लागू होगा। इन क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाई स्थापित नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रित करने को बनेगी कार्य योजना
मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में टीटीजेड के शहरों में जितना प्रदूषण है, उसे कम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक कार्य योजना बनाकर ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे।
छोटे कारखानेदारों को रास नहीं आया आदेश
छोटे कारखानेदारों को आदेश से झटका लगा है। कारखानेदारों का मनाना है इस आदेश की आड़ में छोटी इकाईयों को बड़ा नुकसान दिया है। ईकाईयों के सभी जुर्म माफ कर आगे से कोई नया जुर्म न करने की हिदायद देकर खेल किया है।
विज्ञापन
मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर की अध्यक्षता में बुधवार को ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। बैठक में ताज संरक्षित क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार को लेकर निर्णय लिया जाना था। बैठक में फीरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस और भरतपुर के डीएम, जिला उद्योग एवं प्रदूषण बोर्ड से संबंधित सभी अधिकारी मौजूद थे। मंडलायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें सभी इकाईयों की अधिकतम उत्पादन क्षमता से संबंधित रिपोर्ट थी। रिपोर्ट के आधार पर माना गया कि 1996 में कोयला के स्थान पर गैस में परिवर्तन होने और इकाइयों में आधुनिक उपकरणों का प्रयोग करने के कारण 10-20 प्रतिशत इकाइयों की क्षमता बढ़ी है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टीटीजेड में कोई नई इकाई की स्थापना नहीं हो सकेगी। बैठक में डीएम विजय किरन आनंद, उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मौजूद थे।
विज्ञापन
यहां भी लागू होगा नियम
नए उद्योगों की स्थापना, इकाइयों में क्षमता विस्तार को लेकर मंडलायुक्त द्वारा दिया गया आदेश फीरोजाबाद के अलावा आगरा, मथुरा, भरतपुर और हाथरस में भी लागू होगा। इन क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाई स्थापित नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन
प्रदूषण नियंत्रित करने को बनेगी कार्य योजना
मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में टीटीजेड के शहरों में जितना प्रदूषण है, उसे कम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक कार्य योजना बनाकर ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे।
छोटे कारखानेदारों को रास नहीं आया आदेश
छोटे कारखानेदारों को आदेश से झटका लगा है। कारखानेदारों का मनाना है इस आदेश की आड़ में छोटी इकाईयों को बड़ा नुकसान दिया है। ईकाईयों के सभी जुर्म माफ कर आगे से कोई नया जुर्म न करने की हिदायद देकर खेल किया है।