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Firozabad News: धरने पर बैठे डॉक्टर व कर्मचारी, इलाज के लिए भटके मरीज

Sat, 21 Sep 2024 02:57 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sat, 21 Sep 2024 02:57 AM IST
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Doctors and employees sitting on strike, patients wandering for treatment
फिरोजाबाद। थाना उत्तर पुलिस चिकित्सकों को सुरक्षा उपलब्ध नहीं करा पा रही है। बुधवार रात बच्चा बदले जाने के आरोप लगाते हुए पीड़ित परिजन ने हंगामा किया। आरोप है हंगामे के बाद पीड़ित परिजन आपा खो बैठे। उन्होंने क्राइम इंस्पेक्टर और गांधी पार्क चौकी इंचार्ज के सामने चिकित्साकर्मी व स्टाफ को जमकर पीटा। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह से बचाया था। इस मामले में 36 घंटे बीतने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई न होने के कारण सौ शैया अस्पताल के जूनियर डॉक्टर व स्टाफ ने हड़ताल कर दी। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। थाना लाइनपार के गुदांऊ निवासी मोहित की पत्नी काजल की डिलीवरी 100 शैया अस्पताल में 18 सितंबर को हुई थी। जहां बच्चा बदल जाने के संदेह पर परिजन द्वारा हंगामा किया जा रहा था। मामले की जानकारी पर उत्तर थाने के अपराध निरीक्षक ज्ञानेंद्र सोलंकी, एसआई विमलेश त्रिपाठी अन्य फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे थे। जहां तीमारदारों ने आक्रोशित होकर स्वास्थ्यकर्मियों से हाथापाई करते हुए उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इसमें चार कर्मचारी घायल हो गए थे। आरोप है कि उत्तर पुलिस तमाशबीन बनकर कर्मचारियों की पिटाई खड़े होकर देखती रही। पीड़ितों ने सीएमओ और सीएमएस से हस्ताक्षर कराने के बाद सीओ सिटी को तहरीर दी थी। जिस पर सीओ ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी किए थे। इसके बाद भी उत्तर पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले सुबह करीब 11 बजे से धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। मेडिकल कॉलेज के सभी जूनियर डॉक्टर और कर्मचारी धरने पर बैठकर उत्तर थाना पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामले की जानकारी पर सीएमएस मौके पर पहुंचे उन्होंने सभी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। करीब दो बजे सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार, सीओ सिटी अरुण कुमार चौरसिया मौके पर पहुंच गए। जहां उन्होंने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। तब जाकर धरना समाप्त हो सका।
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अधिकारियों की चौखट तक लगाई थी दौड़
मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्यकर्मियों से 18 सितंबर को 100 शैया अस्पताल में हाथापाई के साथ अभद्रता की गई थी। थाना पुलिस द्वारा मामले में कार्रवाई न करने पर पीड़ितों ने एसएसपी और एसपी सिटी कार्यालय पर भी मामले की शिकायत की थीं।
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मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
शुकवार सुबह जूनियर चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों के धरने पर चले जाने के बाद मरीज उपचार को अस्पताल में भटकते रहे। सबसे अधिक परेशानी महिला मरीजों को हुई थी। नगला करन सिंह से आईं रजनी ने बताया कि उन्हें महिला संबंधी समस्या थी। जिसका उपचार कराने अस्पताल आई थीं, लेकिन यहां कोई चिकित्सक ड्यूटी पर ही नहीं है। वहीं आसफाबाद से आईं आरती देवी ने बताया कि वह काफी देर से अस्पताल में उपचार कराने के लिए भटक रहीं हैं, लेकिन कोई चिकित्सक या कर्मचारी मरीजों का उपचार नहीं कर रहे हैं। नगला बरी की कुसुमा ने बताया कि वह तीन घंटे से अधिक भटकती रही। कोई सुनवाई करने वाला भी नहीं मिला। इसके बाद वह वापस लौट आई।



महिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों से हुई मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। सभी को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया गया था। मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण कुमार चौरसिया, सीओ सिटी
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