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Firozabad News: नेपाल में आई आपदा ने बिगाड़ा कांच कारोबार का गणित

Fri, 28 Aug 2026 12:00 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Fri, 28 Aug 2026 12:00 AM IST
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Disaster in Nepal disrupts the economics of the glass business.
- करोड़ों का माल बॉर्डरों पर अटका, त्योहारी व सहालग के सीजन में कच्चे माल और श्रमिकों के भुगतान का संकट होगा खड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। आगामी त्योहारों के एन वक्त पर नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा ने जिले के कांच एवं चूड़ी कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। नेपाल भेजे गए करोड़ों रुपये की कीमत के कांच और चूड़ी आइटम रास्ते में बॉर्डरों पर फंस गए हैं। इसके साथ ही बीते जून और जुलाई माह में नेपाल के ग्राहकों तक पहुंचे माल का भुगतान अटकने की चिंता ने शहर के उद्यमियों को गहरे संकट में डाल दिया है।
चूड़ी और अन्य कांच उत्पादों की आपूर्ति के लिए पड़ोसी देश नेपाल स्थानीय कारोबारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है। वहां विदेशी पर्यटकों की निरंतर आवाजाही के कारण कांच के सामान की हमेशा मांग बनी रहती है। सितंबर, अक्तूबर और नवंबर माह में धार्मिक त्योहारों और शादी-सहालग का सीजन होने के कारण हाल ही में बड़े पैमाने पर माल रवाना किया गया था। 24 घंटों में नेपाल की आपदा के कारण यह माल समय पर नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे नए और पुराने दोनों भुगतानों पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
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बॉर्डरों पर खड़े ट्रक, ट्रांसपोर्टरों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
नेपाल जाने वाले माल से लदे दर्जनों ट्रक सिद्धार्थनगर, बहराइच और श्रावस्ती स्थित भारत-नेपाल बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। चालकों और खलासियों के रुकने तथा भोजन पर रोजाना दो से तीन हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा है।
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करोड़ों के माल से लदे ट्रक बॉर्डरों पर खड़े हैं। प्रतिदिन ड्राइवरों, खलासियों के भोजन और स्टे भाड़े के रूप में दो से तीन हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता माल की सुरक्षा को लेकर है।

- राजीव शर्मा, मैसर्स शिवांगी ट्रांसपोर्ट
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एक-दो माह पहले भेजे गए माल का भुगतान मिलने की उम्मीद थी। यदि नया माल ग्राहकों तक समय से नहीं पहुंचेगा, तो नए और पुराने दोनों भुगतानों में देरी होगी। ऐसी स्थिति में कच्चे माल की खरीद और श्रमिकों की दिहाड़ी का भुगतान करना काफी कठिन हो जाएगा।
- अभि तैनगौरिया, कांच व चूड़ी कारोबारी
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