{"_id":"65720265650e61b9230481d8","slug":"demand-for-selection-of-barren-land-for-industrial-corridor-firozabad-news-c-169-1-vrn1001-11849-2023-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: औद्योगिक गलियारे के लिए बंजर भूमि के चयन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: औद्योगिक गलियारे के लिए बंजर भूमि के चयन की मांग
Thu, 07 Dec 2023 11:05 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 07 Dec 2023 11:05 PM IST
विज्ञापन
शिकोहाबाद। एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए भूमि-अधिग्रहण का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसान भूमिहीन होने की कगार पर आ चुके हैं। इसके चलते वह लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी गांव धनपुरा के एक परिवार के लोग तहसील पहुंचे। जहां उन्होंने भूमि अधिग्रहण को रोकने के लिए प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी के नाम दिया है।
गांव धनपुरा निवासी संजय ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि ग्राम धनपुरा में औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की जो कवायद तहसील प्रशासन द्वारा सूची जारी करके की जा रही है। इसमें उसके खेत की गाटा संख्या 107 अधिग्रहित हो रही है। इस गाटा संख्या की भूमि पर कुछ किसान ऑर्गेनिक खेती भी कर रहे हैं। अधिग्रहण वाले क्षेत्र में 100 प्रतिशत कृषि भूमि एवं निज निवास स्थान का हिस्सा जा रहा है। संजय का कहना है कि वह और उसका परिवार उसी कृषि भूमि पर आधारित है। उस पर खेती करके वह जीवन यापन कर रहा है।
इसके अलावा परिवार के पास आमदनी का कोई अन्य संसाधन नहीं है। उसका कहना है कि औद्योगिक गलियारे के निर्माण के लिए जो भूमि अधिग्रहित की जा रही है। वह अधिकतर कृषि भूमि है, अगर ऐसा होता है, तो किसान भूमिहीन हो जाएंगे। इसके बाद उनके पास आत्मदाह के अलावा कोई अन्य मार्ग शेष नहीं रह जाएगा। इसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से तहसील प्रशासन को जारी की गई सूची पर पुर्नविचार करते हुए गाटा संख्या 107 को बाइपास करके अन्य बंजर भूमि को अधिग्रहित करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव धनपुरा निवासी संजय ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि ग्राम धनपुरा में औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की जो कवायद तहसील प्रशासन द्वारा सूची जारी करके की जा रही है। इसमें उसके खेत की गाटा संख्या 107 अधिग्रहित हो रही है। इस गाटा संख्या की भूमि पर कुछ किसान ऑर्गेनिक खेती भी कर रहे हैं। अधिग्रहण वाले क्षेत्र में 100 प्रतिशत कृषि भूमि एवं निज निवास स्थान का हिस्सा जा रहा है। संजय का कहना है कि वह और उसका परिवार उसी कृषि भूमि पर आधारित है। उस पर खेती करके वह जीवन यापन कर रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा परिवार के पास आमदनी का कोई अन्य संसाधन नहीं है। उसका कहना है कि औद्योगिक गलियारे के निर्माण के लिए जो भूमि अधिग्रहित की जा रही है। वह अधिकतर कृषि भूमि है, अगर ऐसा होता है, तो किसान भूमिहीन हो जाएंगे। इसके बाद उनके पास आत्मदाह के अलावा कोई अन्य मार्ग शेष नहीं रह जाएगा। इसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा। पीड़ित ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से तहसील प्रशासन को जारी की गई सूची पर पुर्नविचार करते हुए गाटा संख्या 107 को बाइपास करके अन्य बंजर भूमि को अधिग्रहित करने की मांग की है।
विज्ञापन