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किशोरी के परिजन ने रखने से किया इनकार
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किशोरी के परिजन ने रखने से किया इनकार
डांस इंडिया डांस में प्रतिभाग की इच्छुक बस्ती की किशोरी दो माह पहले घर से आई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। 12 दिन तक चली काउंसिलिंग और तमाम कवायदों के बावजूद बस्ती जिले की किशोरी को अपनों का सहारा नहीं मिला। परिजन ने कहा जिस मां बाप ने पालन-पोषण किया, उनकी बात न मानकर बेटी घर से निकली। अब हम उसे घर में नहीं रखेंगे। परिजनों के मना करने पर बृहस्पतिवार को 17 वर्षीय किशोरी को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आशीष कुलश्रेष्ठ के आदेश पर कानपुर राजकीय बालिका गृह कानपुर भेज दिया गया।
घटना 25 जून के रात की है। जीआरपी फिरोजाबाद को किसी ट्रेन से उतरते समय घायल हुई एक किशोरी मिली। जीआरपी की सूचना पर चाइल्ड लाइन के डॉ. जफर आलम सदस्यों के साथ बालिका को संरक्षण में लिया। 10 दिन तक वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन की कड़ी मशक्कत और काउंसिलिंग के बाद बालिका के बारे गत मंगलवार को बालिका के बारे में पुख्ता जानकारी हो सकी। चाइल्ड लाइन व स्थानीय पुलिस ने बालिका के परिजन से बात की। लेकिन उन्होंने बालिका को अपनाने से मना कर दिया। परिजन का कहना था कि वह दो माह पूर्व बगैर किसी को बताए घर से बाहर निकल गई। तभी से इधर से उधर भटक रही थी। हम उसे घर में नहीं रख सकते।
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डांस इंडिया डांस में प्रतिभाग की इच्छुक बस्ती की किशोरी दो माह पहले घर से आई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। 12 दिन तक चली काउंसिलिंग और तमाम कवायदों के बावजूद बस्ती जिले की किशोरी को अपनों का सहारा नहीं मिला। परिजन ने कहा जिस मां बाप ने पालन-पोषण किया, उनकी बात न मानकर बेटी घर से निकली। अब हम उसे घर में नहीं रखेंगे। परिजनों के मना करने पर बृहस्पतिवार को 17 वर्षीय किशोरी को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष आशीष कुलश्रेष्ठ के आदेश पर कानपुर राजकीय बालिका गृह कानपुर भेज दिया गया।
घटना 25 जून के रात की है। जीआरपी फिरोजाबाद को किसी ट्रेन से उतरते समय घायल हुई एक किशोरी मिली। जीआरपी की सूचना पर चाइल्ड लाइन के डॉ. जफर आलम सदस्यों के साथ बालिका को संरक्षण में लिया। 10 दिन तक वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन की कड़ी मशक्कत और काउंसिलिंग के बाद बालिका के बारे गत मंगलवार को बालिका के बारे में पुख्ता जानकारी हो सकी। चाइल्ड लाइन व स्थानीय पुलिस ने बालिका के परिजन से बात की। लेकिन उन्होंने बालिका को अपनाने से मना कर दिया। परिजन का कहना था कि वह दो माह पूर्व बगैर किसी को बताए घर से बाहर निकल गई। तभी से इधर से उधर भटक रही थी। हम उसे घर में नहीं रख सकते।
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