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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
Amar Ujala
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:19 AM IST
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हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा
- फोटो : Amar Ujala
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तीन वर्ष पूर्व बेटी के साथ शादी से इंकार पर की थी पिता की हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने सुनाई सजा, पांच हजार का अर्थदंड लगाया
शिकोहाबाद कटरा मीरा में बेटी के साथ विवाह से इंकार करने पर तीन वर्ष पूर्व हुई वृद्धा की हत्या के मामले में विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश कुमार ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड को जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
कटरा मीरा निवासी शिव उर्फ सुधा अपने पिता नानकचंद्र उर्फ नानू के साथ रहती थी। सुधा ने थाने में दर्ज कराए अभियोग में कहा था कि थाना जसराना के खेरिया अहमद निवासी प्रेमवीर सिंह यादव पुत्र दोयम सिंह का उसके पिता ने लालन-पालन किया था। जबकि वह उससे (सुधा) से जबरन शादी करना चाहता था। 15 जून 2013 को प्रेमवीर ने पिता के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था। उनके इंकार करने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अभियोग दर्ज करके मामले की विवेचना प्रारंभ की। इसमें पुलिस की ओर से सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। शासन की ओर से पैरवी करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता मकरंद सिंह यादव ने कई तर्कों को अपर जिला जज द्वितीय राकेश कुमार सिंह के समक्ष रखे। उन्होंने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद हत्यारोपी प्रेमवीर सिंह को आजीवन कारावास एवं पांच हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त द्वारा अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने सुनाई सजा, पांच हजार का अर्थदंड लगाया
शिकोहाबाद कटरा मीरा में बेटी के साथ विवाह से इंकार करने पर तीन वर्ष पूर्व हुई वृद्धा की हत्या के मामले में विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश कुमार ने आरोपी को आजीवन कारावास एवं पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड को जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
कटरा मीरा निवासी शिव उर्फ सुधा अपने पिता नानकचंद्र उर्फ नानू के साथ रहती थी। सुधा ने थाने में दर्ज कराए अभियोग में कहा था कि थाना जसराना के खेरिया अहमद निवासी प्रेमवीर सिंह यादव पुत्र दोयम सिंह का उसके पिता ने लालन-पालन किया था। जबकि वह उससे (सुधा) से जबरन शादी करना चाहता था। 15 जून 2013 को प्रेमवीर ने पिता के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा था। उनके इंकार करने पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अभियोग दर्ज करके मामले की विवेचना प्रारंभ की। इसमें पुलिस की ओर से सात गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। शासन की ओर से पैरवी करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता मकरंद सिंह यादव ने कई तर्कों को अपर जिला जज द्वितीय राकेश कुमार सिंह के समक्ष रखे। उन्होंने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद हत्यारोपी प्रेमवीर सिंह को आजीवन कारावास एवं पांच हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त द्वारा अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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