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दो सिपाहियों की हत्या में 6 को आजीवन कारावास

Sat, 19 Nov 2016 11:11 PM IST
Amar Ujala
Amar Ujala Updated Sat, 19 Nov 2016 11:11 PM IST
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6 life sentences for the murder of two constables
अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
मुठभेड़ के दौरान रामगढ़ के 60 फुटा रोड पर बदमाशों ने मारी थी गोली
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16 जून 2014 की रात लूट की वारदात को अंजाम देने आए थे बदमाश

रामगढ़ थाने में तैनात सिपाही गिर्राज किशोर और दिनेश प्रताप की हत्या के मामले में न्यायालय ने छह बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारों पर न्यायालय ने अर्थदंड भी लगाया है। इसको अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से न्यायालय छावनी जैसा लग रहा था।
रामगढ़ थाने में तैनात सिपाही गिर्राज किशोर और दिनेश प्रताप सिंह 16 जून 2014 की रात चेतक नंबर नौ से गश्त कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि कुछ बदमाश वारदात को अंजाम देने के लिए 60 फुटा रोड पर हैं। इनकी घेराबंदी कर गिरफ्तारी के लिए रामगढ़ पुलिस भी सक्रिय हो गई। इसी बीच 60 फुटा रोड वारसी मस्जिद के समीप सिपाही गिर्राज किशोर और दिनेश प्रताप की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की गोली से गिर्राज किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिनेश प्रताप ने उपचार के लिए आगरा जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। रामगढ़ थाना पुलिस ने एसएसआई विजयपाल सिंह की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने सुल्तान पुत्र मोहम्मद शफी, नफीस पुत्र सरफराज, शमशुल पुत्र शफी मोहम्मद निवासी ताड़ोवाली बगिया रामगढ़, सनी पुत्र प्यारेनवी निवासी टेंपो अड्डा के पास थाना बरनाहल मैनपुरी, जमील पुत्र अब्दुल मजीद निवासी दुर्गेश नगर थाना रसूलपुर व वसीम लुहार पुत्र रफीक निवासी मोबीननगर संगली मस्जिद वाली गली थाना रसूलपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर दी। मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार चंचल द्वारा न्यायालय में पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज संजीव कुमार सिंह ने सभी आरोपियों को दोनों सिपाहियों की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है।  
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पथराव के दौरान डीआईजी भी हुए थे घायल
मुठभेड़ के दौरान सिपाहियों की हत्या किए जाने के बाद पीड़ित परिवारीजन आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने नेशनल हाईवे पर जाम लगाने के साथ ही पथराव किया था। पथराव के दौरान तत्कालीन डीआईजी विजय सिंह मीणा भी घायल हो गए थे।
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न्यायालय परिसर में तैनात रही फोर्स
फैसला आने से पूर्व सख्त सुरक्षा बंदोबस्त से न्यायालय परिसर का नजारा छावनी जैसा लग था। न्यायालय परिसर के चारों गेट पर पुलिस बल के साथ पीएसी को तैनात किया गया था। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार के साथ सीओ सदर और मटसेना थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे। आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय से जेल ले जाया गया।
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