{"_id":"5d6c089e8ebc3e013d6509c2","slug":"crime-firozabad-news-agr4036887174","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुसाइड नोट में छिपा है अरुण की मौत का राज, पुलिस भी उलझी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुसाइड नोट में छिपा है अरुण की मौत का राज, पुलिस भी उलझी
विज्ञापन
आश्रम पद्धति विद्यालय में कक्षा 11 के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना पर मौके पर पहुंचे एस?
- फोटो : FIROZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। 740 छात्र संख्या वाले पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्यति विद्यालय के कक्षा 11 के छात्र अरुण कुमार की मौत से पूरा स्टाफ स्तब्ध है। अरुण की आत्महत्या का राज उसके सुसाइड नोट में छिपा है। छात्र के पास से जो पत्र मिला है उसकी भाषा से यह पता चलता है कि अरुण की जिस छात्र से दोस्ती थी उससे किसी कारण दोनों के बीच दूरियां बढ़ गई थी। आशंका है कि इस पर अरुण ने फांसी का फंदा लगा लिया।
अरुण की दोस्ती आवासीय विद्यालय में ही रहने वाले कक्षा छह के एक छात्र से थी। दोनों अलग-अलग क्लास के छात्र थे लेकिन दोनों एक ही कक्ष में सोते थे। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। अरुण के पास से जो सुसाइ़ड नोट मिला है उस पर जो भाषा लिखी है उसे समझने की कोशिश पुलिस के साथ-साथ स्कूल के स्टाफ ने भी की। दोनों के बीच दोस्ती में किसी कारण दरार का आभास होता है। इसी दरार के साथ दोनों के बीच दूरी बढ़ने की बात महसूस होती है। कक्षा छह के छात्र के नाम का उल्लेख करते हुए कागज पर दोनों के बीच पहले बोलने की शर्त लगाने जैसी बात भाषा लिखी है।
आठ लाइन के इस पत्र में पहले छात्र अरुण ने हस्ताक्षर किए हैं फिर काले रंग की कलम से कक्षा छह के छात्र ने हस्ताक्षर किए हैं। ऐसा भी प्रतीत हो रहा है कि दोनों के बीच लगी शर्त टूटने पर अरुण ने फांसी लगा ली। शनिवार रात 11 बजे तक तो बच्चे कक्ष में जाग रहे थे। फांसी का फंदा लगाने का समय अरुण ने दो बजे के बाद का चुना जब सब सो गए थे। जिस अंदाज में अरुण ने मौत चूमी और सुसाइड नोट की भाषा काफी चौंकाने वाली है। पुलिस ने कक्षा छह के छात्र से भी काफी देर तक बात की और सच तक पहुंचने की कोशिश की। वहीं अभी तक यह नहीं तय हो पाया है कि पत्र अरुण ने लिखा या कक्षा छह के छात्र ने।
विज्ञापन
विज्ञापन
अरुण की दोस्ती आवासीय विद्यालय में ही रहने वाले कक्षा छह के एक छात्र से थी। दोनों अलग-अलग क्लास के छात्र थे लेकिन दोनों एक ही कक्ष में सोते थे। दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी। अरुण के पास से जो सुसाइ़ड नोट मिला है उस पर जो भाषा लिखी है उसे समझने की कोशिश पुलिस के साथ-साथ स्कूल के स्टाफ ने भी की। दोनों के बीच दोस्ती में किसी कारण दरार का आभास होता है। इसी दरार के साथ दोनों के बीच दूरी बढ़ने की बात महसूस होती है। कक्षा छह के छात्र के नाम का उल्लेख करते हुए कागज पर दोनों के बीच पहले बोलने की शर्त लगाने जैसी बात भाषा लिखी है।
विज्ञापन
आठ लाइन के इस पत्र में पहले छात्र अरुण ने हस्ताक्षर किए हैं फिर काले रंग की कलम से कक्षा छह के छात्र ने हस्ताक्षर किए हैं। ऐसा भी प्रतीत हो रहा है कि दोनों के बीच लगी शर्त टूटने पर अरुण ने फांसी लगा ली। शनिवार रात 11 बजे तक तो बच्चे कक्ष में जाग रहे थे। फांसी का फंदा लगाने का समय अरुण ने दो बजे के बाद का चुना जब सब सो गए थे। जिस अंदाज में अरुण ने मौत चूमी और सुसाइड नोट की भाषा काफी चौंकाने वाली है। पुलिस ने कक्षा छह के छात्र से भी काफी देर तक बात की और सच तक पहुंचने की कोशिश की। वहीं अभी तक यह नहीं तय हो पाया है कि पत्र अरुण ने लिखा या कक्षा छह के छात्र ने।
विज्ञापन