Firozabad: जानलेवा हमले के दो मामलों में पूर्व प्रधान और अधिवक्ता समेत चार को सात वर्ष का कारावास
थाना दक्षिण क्षेत्र में 21 साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामलों में चारों आरोपियों को दोषी पाया गया। अपर जिला जज ने चारों दोषियों को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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फिरोजाबाद के अपर जिला जज 11 रवींद्र कुमार तृतीय ने जानलेवा हमले के करीब 21 वर्ष पुराने दो मामलों में पूर्व प्रधान विजेंद्र सिंह यादव और अधिवक्ता पोप सिंह और उसके भाई सहित चार को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। चारों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
पहला मामला थाना दक्षिण के नगला मोती का है। नगला मोती निवासी पोप सिंह ने पुलिस को तहरीर दी कि पूर्व प्रधान विजेंद्र और पारसबाबू समेत चार ने पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला किया था। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला जज ग्यारह रवींद्र कुमार तृतीय के न्यायालय में पहुंचा। उन्होंने जानलेवा हमले के मामले में दोषी विजेंद्र सिंह और पारस को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई और 15-15 हजार का अर्थदंड लगाया है।
पूर्व प्रधान की पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा
दूसरे मामले में थाना दक्षिण के नगला मोती निवासी पूर्व प्रधान विजेंद्र सिंह यादव की पत्नी अमृतश्री ने दो जून 2001 को थाना दक्षिण में तहरीर दी कि उनके पति विजेंद्र सिंह यादव सुहागनगर से अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान पोप सिंह और उनके भाई भूप सिंह ने ईंट भट्ठे के पास जानलेवा हमला किया। मामला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 11 रविंद्र कुमार तृतीय की अदालत में चला।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी अरवेश शुक्ला ने बताया कि इस मामले में सजा दिलाने के लिए न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया। न्यायाधीश ने गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए पोप सिंह एडवोकेट और उनके भाई को सात-सात वर्ष कारावास की सजा और पंद्रह-पंद्रह हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
एनडीपीएस के दोषी को पांच वर्ष कारावास
अपर जिला जज एवं विशेष जज एनडीपीएसएक्ट जितेंद्र सिंह द्वितीय ने थाना टूंडला क्षेत्र में सात वर्ष पकड़े गए एनडीपीएस एक्ट के दोषी बाघई निवासी मदन उपाध्याय को पांच वर्ष कारावास की सजा और 25 हजार का अर्थदंड लगाया है। पुलिस ने मदन उपाध्याय को 2015 में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चौहान एडवोकेट ने की।