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शराब के ठेके का विरोध, दीवार तोड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 11 Jul 2016 10:56 PM IST
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शराब के ठेके का विरोध करते लोग
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नगला मिर्जा में देशी शराब का ठेका खुलने को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध शुरू कर दिया। ठेके के बाहर लगी दीवार को तोड़ दिया। मामला बढ़ता देख ठेका मालिक और कर्मचारी वहां से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है।
नगला मिर्जा में बंद पड़ी दुकान में देशी शराब का ठेका खुलता देख क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाएं और पुरुष घरों से बाहर निकल आए। भीड़ ने ठेका पर धावा बोल दिया और दीवार को तोड़ दिया। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए ठेका मालिक और उसके कर्मचारी वहां से भाग गए।
ठेका मालिक की सूचना पर रामगढ़ थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने पीड़ितों की बात न सुनते हुए उनको खदेड़ दिया। इससे लोगों में गुस्सा है। बाद में पुलिस ने अपनी मौजूदगी में ठेके को खुलवाया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि ठेका बंद नहीं हुआ तो वह धरना प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि आबकारी इंस्पेक्टर ठेका खुलवाने के लिए थाने पर आए थे। उनको फोर्स उपलब्ध कराया गया था। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को न तो खदेड़ा और न ही उनके साथ अभद्रता की।
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कई माह से चला आ रहा है विरोध
अप्रैल माह में ठेका खुलने पर क्षेत्रीय लोगों ने विरोध किया था, उस वक्त पुलिस ने ठेका बंद करा दिया। इसके बाद यह ठेका नगला मिर्जा सर्विस रोड पर खुल गया। वहां के लोगों ने विरोध किया तो बसपा नेता की बाउंड्री के अंदर ठेका खोल लिया। फिर विरोध हुआ तो यह ठेका ठेका नगला मिर्जा छोटा में खुल गया। वहां भी लोग विरोध कर रहे हैं।
विवादित जगह पर कराया कब्जा
क्षेत्रीय निवासी पूरन सिंह और उदल सिंह का कहना है कि जिस दुकान में पुलिस प्रशासन ने ठेका खुलवाया है। उस जगह का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। इसको लेकर पिछले कई वर्ष से दुकान में ताला लगा हुआ था। सोमवार को पुलिस प्रशासन ने ताला तोड़ने के साथ ही ठेका खुलवा दिया।
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नगला मिर्जा में बंद पड़ी दुकान में देशी शराब का ठेका खुलता देख क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाएं और पुरुष घरों से बाहर निकल आए। भीड़ ने ठेका पर धावा बोल दिया और दीवार को तोड़ दिया। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए ठेका मालिक और उसके कर्मचारी वहां से भाग गए।
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ठेका मालिक की सूचना पर रामगढ़ थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने पीड़ितों की बात न सुनते हुए उनको खदेड़ दिया। इससे लोगों में गुस्सा है। बाद में पुलिस ने अपनी मौजूदगी में ठेके को खुलवाया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि ठेका बंद नहीं हुआ तो वह धरना प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि आबकारी इंस्पेक्टर ठेका खुलवाने के लिए थाने पर आए थे। उनको फोर्स उपलब्ध कराया गया था। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को न तो खदेड़ा और न ही उनके साथ अभद्रता की।
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कई माह से चला आ रहा है विरोध
अप्रैल माह में ठेका खुलने पर क्षेत्रीय लोगों ने विरोध किया था, उस वक्त पुलिस ने ठेका बंद करा दिया। इसके बाद यह ठेका नगला मिर्जा सर्विस रोड पर खुल गया। वहां के लोगों ने विरोध किया तो बसपा नेता की बाउंड्री के अंदर ठेका खोल लिया। फिर विरोध हुआ तो यह ठेका ठेका नगला मिर्जा छोटा में खुल गया। वहां भी लोग विरोध कर रहे हैं।
विवादित जगह पर कराया कब्जा
क्षेत्रीय निवासी पूरन सिंह और उदल सिंह का कहना है कि जिस दुकान में पुलिस प्रशासन ने ठेका खुलवाया है। उस जगह का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। इसको लेकर पिछले कई वर्ष से दुकान में ताला लगा हुआ था। सोमवार को पुलिस प्रशासन ने ताला तोड़ने के साथ ही ठेका खुलवा दिया।