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सावधान : सेहत न बिगाड़ दे कार्बाइड से पका आम

Thu, 29 Jun 2023 11:54 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 29 Jun 2023 11:54 PM IST
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Caution: Mango ripe with carbide should not spoil your health
फिरोजाबाद। जिले में आम को जल्दी से पकाने की चाहत में प्रतिबंधित रसायन कार्बाइड का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। यह कार्बाइड वेल्डिंग में काम आता है, लेकिन वर्तमान सीजन में आम पकाने के प्रयोग हो रहा है। इससे खाने वालों की सेहत प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि सही वक्त आने पर प्राकृतिक रूप से पके हुए मौसमी आम खाना ही ठीक है। रसायन से जबरन पकाए गए आम खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फलों के राजा आम का सीजन चल रहा है। आम के धंधे में लगे लोग इसके स्वाद को जहरीला बना रहे है। साफ है कि ग्राहकों को स्वाद, दुकानदारों को कमाई का लालच आम के शौकीनों की सेहत पर भारी पड़ेगा। बाजार में बिना मौसम पके आम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बागवानों और फल व्यापारियों के अनुसार आम की खरीद, बिक्री भी ठीक है। कार्बाइड से पके आम का रंग लोगों को लुभा रहा है। स्वाद की चिंता छोड़कर लोग रंग देखकर आम खरीद भी रहे हैं। फिलहाल दाम अभी ऊंचे हैं, आम 50 से 60 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डाॅ. सुधीर कुमार ने बताया कि हम आम के नमूनों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेंगे। बीते साल आम के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे, उनमें पांच नमूने फेल आए थे।
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घातक है कार्बाइड से आम पकाना
कार्बाइड से आम को पकाना घातक होता है। कैल्शियम कार्बाइड एक बार पानी में घुल जाने पर एसिटिलीन का उत्पादन करता है, जो एक कृत्रिम पकने वाले आम के रूप में कार्य करता है। माना जाता है कि एसिटिलीन मस्तिष्क को ऑक्सीजन की आपूर्ति को कम करके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कार्बाइड से पके आम के सेवन करने से लिवर तथा पेट की अन्य समस्या हो सकती है। आम को कार्बाइड के बजाय इथलीन से पकाना चाहिए। डाॅ. निमित गुप्ता, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन
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30 से 40 घंटे में पका लेते हैं कच्चा आम
फल कारोबारी कच्चे आम को कार्बाइड से 30-40 घंटे में पका लेते हैं। इससे आम की आपूर्ति मांग के अनुरूप हो जाती है। जिले में तकरीबन पंद्रह गोदामों पर यह काम धड़ल्ले से होता है। यही नहीं फल विक्रेताओं को प्रतिबंधित कार्बाइड प्रतिबंधित होने के बावजूद परचून की दुकानों पर आसानी से मिल जाती है। मगर जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं।
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ऐसे कर सकते हैं आम की पहचान
सहायक आयुक्त डाॅ. सुधीर कुमार ने बताया कि बाजार से आम लाने के बाद पानी से भरे बर्तन में डालिए। यदि आम तैरने लगे तो समझ जाइए कि रसायन की मदद से पकाया गया है। इसके अलावा आम हल्का हरा हो और झुर्रियां दिखाई दें तो समझ लें कि वह रसायन से पकाया गया है। आम पर हल्के-हल्के हरे पत्तों या धब्बों का दिखना भी बताता है कि इसे रसायन की मदद से पकाया गया है। इसके अलावा आम काटने पर अधकचा, कहीं लाल कही हल्का पीला दिखे तो समझ जाइये उसे रसायनों की मदद से पकाया गया है।
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