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एक्साइज विभाग की कार्रवाई के उद्योग जगत सकते में
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 26 Feb 2015 11:30 PM IST
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सेंट्रल एक्साइज की टीम गुरुवार को सुहागनगरी में डेरा डाले रही। टीम के निशान पर अभी दूसरी बड़ी इकाइयां भी हैं। सेंट्रल एक्साइज टीम द्वारा अब तक की गई यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें करीब पांच करोड़ रुपये सरेंडर करने की बात सामने आ रही है। हालांकि उद्यमी व अफसर कुछ भी कहने से कतराते नजर आए।
सुहागनगरी में सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस कानपुर की टीम द्वारा शनिवार से शुरू की गई छापेमारी ने उद्यमियों की नींद उड़ा दी है। शनिवार को जीएम ग्लास से शुरू हुई कार्यवाही के दायरे में दूसरी अन्य बड़ी इकाइयां भी हैं। शनिवार को कई घंटे की कार्यवाही के बाद मंगलवार को भी टीम ने पुन: जीएम ग्लास में दस्तक दी। जीएम ग्लास के साथ आलोक ग्लास में भी टीम ने घंटों तक अभिलेख खंगाले। बुधवार को भी टीम कार्रवाई करती रही। इसी तरह दो अन्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर भी कांच उत्पादों की ट्रेडिंग से जुड़े अभिलेखों को टीम ने अपने कब्जे में लिया। टीम के कुछ अधिकारी गुरुवार को शहर में गोपनीय तरीके से टोह लेते रहे। टीम के निशाने पर राजा का ताल स्थित कुछ इकाइयां थीं, लेकिन किसी कारणवश टीम द्वारा कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। सूत्रों का कहना है कि तीन कारोबारी इन कारखानों में निर्मित कांच उत्पादों की ट्रेडिंग से जुड़े हुए हैं। वहीं एक्साइज टीम का मानना है कि फर्जी ट्रेडिंग के माध्यम से उद्यमियों द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क की लंबे अर्से से चोरी की जा रही है।
एक्साइज के दायरे में हैं ग्लास, बोतल, हैडलाइट
उद्यमियों का कहना है कि एक्साइज के दायरे में कांच से बनी बोतल, ग्लास, हैडलाइट सहित कुछ अन्य आइटम आते हैं। इसमें माउथ ब्लोइंग ग्लास पर एक्साइज ड्यूटी कम लगती है। इलेक्ट्रानिक ग्लास, बोतल व हैडलाइट पर एक्साइज ड्यूटी अधिक है।
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कानपुर से हो रही मानीटरिंग
सुहागनगरी में सेंट्रल एक्साइज की टीम द्वारा छह दिनों की जा रही कार्यवाही की कानपुर द्वारा सीधे मानीटरिंग की जा रही है। सूत्रों की माने तो अभी कई बड़े अधिकारियों के यहां आने की संभावना जताई जा रही है। सेंट्रल एक्साइज द्वारा व्यापक पैमाने पर की जा रही कार्यवाही से कारोबारियों की नींद उड़ गई है।
आर्थिक चोट के साथ नंबर वन की कोशिश
बताते हैं सुहाग नगरी में बोतल बनाने वाले गिनचुने ही बडे़ कारोबारी हैं। इनके बीच कड़ी कारोबारी प्रतिस्पर्धा है। कहा जा रहा है कि बोतल के बाजार में नंबर वन बनने की कोशिश के तहत बड़ी आर्थिक चोट की देन को यह कार्रवाई कराई गई है।
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सुहागनगरी में सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस कानपुर की टीम द्वारा शनिवार से शुरू की गई छापेमारी ने उद्यमियों की नींद उड़ा दी है। शनिवार को जीएम ग्लास से शुरू हुई कार्यवाही के दायरे में दूसरी अन्य बड़ी इकाइयां भी हैं। शनिवार को कई घंटे की कार्यवाही के बाद मंगलवार को भी टीम ने पुन: जीएम ग्लास में दस्तक दी। जीएम ग्लास के साथ आलोक ग्लास में भी टीम ने घंटों तक अभिलेख खंगाले। बुधवार को भी टीम कार्रवाई करती रही। इसी तरह दो अन्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर भी कांच उत्पादों की ट्रेडिंग से जुड़े अभिलेखों को टीम ने अपने कब्जे में लिया। टीम के कुछ अधिकारी गुरुवार को शहर में गोपनीय तरीके से टोह लेते रहे। टीम के निशाने पर राजा का ताल स्थित कुछ इकाइयां थीं, लेकिन किसी कारणवश टीम द्वारा कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। सूत्रों का कहना है कि तीन कारोबारी इन कारखानों में निर्मित कांच उत्पादों की ट्रेडिंग से जुड़े हुए हैं। वहीं एक्साइज टीम का मानना है कि फर्जी ट्रेडिंग के माध्यम से उद्यमियों द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क की लंबे अर्से से चोरी की जा रही है।
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एक्साइज के दायरे में हैं ग्लास, बोतल, हैडलाइट
उद्यमियों का कहना है कि एक्साइज के दायरे में कांच से बनी बोतल, ग्लास, हैडलाइट सहित कुछ अन्य आइटम आते हैं। इसमें माउथ ब्लोइंग ग्लास पर एक्साइज ड्यूटी कम लगती है। इलेक्ट्रानिक ग्लास, बोतल व हैडलाइट पर एक्साइज ड्यूटी अधिक है।
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कानपुर से हो रही मानीटरिंग
सुहागनगरी में सेंट्रल एक्साइज की टीम द्वारा छह दिनों की जा रही कार्यवाही की कानपुर द्वारा सीधे मानीटरिंग की जा रही है। सूत्रों की माने तो अभी कई बड़े अधिकारियों के यहां आने की संभावना जताई जा रही है। सेंट्रल एक्साइज द्वारा व्यापक पैमाने पर की जा रही कार्यवाही से कारोबारियों की नींद उड़ गई है।
आर्थिक चोट के साथ नंबर वन की कोशिश
बताते हैं सुहाग नगरी में बोतल बनाने वाले गिनचुने ही बडे़ कारोबारी हैं। इनके बीच कड़ी कारोबारी प्रतिस्पर्धा है। कहा जा रहा है कि बोतल के बाजार में नंबर वन बनने की कोशिश के तहत बड़ी आर्थिक चोट की देन को यह कार्रवाई कराई गई है।