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प्रमुख सचिव की बैठक में नहीं पहुंचे उद्योगपति
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फिरोजाबाद। छोटे एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों और उद्योगपतियों के हित में संचालित उद्योग विभाग की सीएफसी योजना स्थानीय उद्योगपतियों की बेरुखी की भेंट चढ़ गई। लखनऊ में आयोजित सीएफसी बैठक में किसी भी उद्योगपति ने प्रतिभाग नहीं किया। प्रतिभाग नहीं करने वालों में योजना के तहत आवेदन करने वाले तीन आवेदक भी शामिल थे।
कांच उद्योग से जुडे़ छोटे एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों एवं उद्योगपतियों को एक ही जगह पर उत्पादों की पैकिंग, डाई मेकिंग एवं कांच की गुणवत्ता जांच हेतु टेस्टिंग लैब की सुविधा देने वाली योजना (सीएफसी) संचालित है। कॉमन फेसिलिटी सेंटर यानि सीएफसी स्थापना के इच्छुक उद्योगपतियों को शासन द्वारा आर्थिक व अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
वित्तीय वर्ष में कॉमन फेसिलिटी स्थापना हेतु जिले के उद्योग विभाग ने स्थानीय उद्योगपतियों से आवेदन मांगे थे। कांच नगरी में केवल तीन उद्योगपतियों कादरी ग्लास, चॉयस ग्लास एवं ट्रांसपेरेंट ओवरसीज ने आवेदन दाखिल किए। लेकिन शुक्रवार को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के किसी भी उद्योगपति ने प्रतिभाग नहीं किया।
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90 प्रतिशत अनुदानित है यह योजना
सीएफसी का मूल उद्देश्य छोटे एवं मध्यम स्तर के उद्योगपतियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश सरकार सीएफसी स्थापना हेतु 90 प्रतिशत अधिकतम 12.75 करोड़ रुपये तक का अनुदान देती है। लेकिन इसके बावजूद यह योजना स्थानीय उद्योगपतियों की बेरुखी का शिकार है।
शुक्रवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान फिरोजाबाद के किसी उद्योगपति ने भाग नहीं लिया। कुछ लोगों ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय मांगा है। संबंधितों को प्रस्ताव तैयार करने हेतु 15 दिन का समय दिया गया है। तदोपरांत आवश्यक कार्रवाई करेंगे। - संदीप कुमार, सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र।
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कांच उद्योग से जुडे़ छोटे एवं मध्यम श्रेणी के उद्यमियों एवं उद्योगपतियों को एक ही जगह पर उत्पादों की पैकिंग, डाई मेकिंग एवं कांच की गुणवत्ता जांच हेतु टेस्टिंग लैब की सुविधा देने वाली योजना (सीएफसी) संचालित है। कॉमन फेसिलिटी सेंटर यानि सीएफसी स्थापना के इच्छुक उद्योगपतियों को शासन द्वारा आर्थिक व अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
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वित्तीय वर्ष में कॉमन फेसिलिटी स्थापना हेतु जिले के उद्योग विभाग ने स्थानीय उद्योगपतियों से आवेदन मांगे थे। कांच नगरी में केवल तीन उद्योगपतियों कादरी ग्लास, चॉयस ग्लास एवं ट्रांसपेरेंट ओवरसीज ने आवेदन दाखिल किए। लेकिन शुक्रवार को प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के किसी भी उद्योगपति ने प्रतिभाग नहीं किया।
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90 प्रतिशत अनुदानित है यह योजना
सीएफसी का मूल उद्देश्य छोटे एवं मध्यम स्तर के उद्योगपतियों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश सरकार सीएफसी स्थापना हेतु 90 प्रतिशत अधिकतम 12.75 करोड़ रुपये तक का अनुदान देती है। लेकिन इसके बावजूद यह योजना स्थानीय उद्योगपतियों की बेरुखी का शिकार है।
शुक्रवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान फिरोजाबाद के किसी उद्योगपति ने भाग नहीं लिया। कुछ लोगों ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय मांगा है। संबंधितों को प्रस्ताव तैयार करने हेतु 15 दिन का समय दिया गया है। तदोपरांत आवश्यक कार्रवाई करेंगे। - संदीप कुमार, सहायक प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र।