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बीएसएफकर्मी की मौत, शव पहुंचा
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:31 PM IST
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बीएसएफकर्मी का फाइल फोटो
कोलकाता के न्यू जलपाईगुड़ी में तैनात बीएसएफ के सिपाही की बीमारी के चलते मौत हो गई। सिपाही का शव देर शाम रामगढ़ थाना क्षेत्र स्थित उसके आवास पर पहुंचे। शव तिरंगे में लपटा हुआ था। शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन को काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला हबीबगंज निवासी मेहबूब अली बीएसएफ की 13 बी बटालियन कोलकाता मेें तैनात थे। उसकी पोस्टिंग न्यू जलपाईगुड़ी में थी। वह 25 दिसंबर को एक माह के अवकाश पर घर आए थे। तबीयत खराब होने के कारण तीन फरवरी को उसकी पत्नी बेगम बानो अपने भाई गुलफाम के साथ ले गई। बीएसएफकर्मी का सेना के अस्पताल में उपचार चल रहा था। आठ फरवरी को मेहबूब ने कोलकाता के अस्पताल में अंतिम सांस ली। गुरुवार रात आठ बजे सेना के कंपनी कमांडर द्वितीय केके तोमर अपने आठ जवानों के साथ मेहबूब अली का शव तिरंगे में लपेट कर रामगढ़ लेकर पहुंचे। शव को पुराने थाने के पास प्राथमिक विद्यालय परिसर में रखा गया। रात करीब दस बजे शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मेहबूब चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी पत्नी बेगम अपनी पुत्री शहनाज, शाहजिया, निशा और समनिर के साथ पुत्र रिहान के साथ रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला हबीबगंज में रहती हैं।
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रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला हबीबगंज निवासी मेहबूब अली बीएसएफ की 13 बी बटालियन कोलकाता मेें तैनात थे। उसकी पोस्टिंग न्यू जलपाईगुड़ी में थी। वह 25 दिसंबर को एक माह के अवकाश पर घर आए थे। तबीयत खराब होने के कारण तीन फरवरी को उसकी पत्नी बेगम बानो अपने भाई गुलफाम के साथ ले गई। बीएसएफकर्मी का सेना के अस्पताल में उपचार चल रहा था। आठ फरवरी को मेहबूब ने कोलकाता के अस्पताल में अंतिम सांस ली। गुरुवार रात आठ बजे सेना के कंपनी कमांडर द्वितीय केके तोमर अपने आठ जवानों के साथ मेहबूब अली का शव तिरंगे में लपेट कर रामगढ़ लेकर पहुंचे। शव को पुराने थाने के पास प्राथमिक विद्यालय परिसर में रखा गया। रात करीब दस बजे शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मेहबूब चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी पत्नी बेगम अपनी पुत्री शहनाज, शाहजिया, निशा और समनिर के साथ पुत्र रिहान के साथ रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला हबीबगंज में रहती हैं।
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