{"_id":"585acbf04f1c1ba107e398bd","slug":"breakfast-inflation-pierced-lancet","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाश्ते में चुभ गया महंगाई का ‘नश्तर’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाश्ते में चुभ गया महंगाई का ‘नश्तर’
अमर उजाला ब्यूराे फीराेजाबाद
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
ब्रेड, मक्खन से लेकर बिस्कुट व उत्पादों का मूल्य बढ़ गया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नोटबंदी की चोट खाने पर भी पड़ी है। नाश्ता भी महंगा हो गया है। ब्रेड, मक्खन से लेकर बिस्कुट व उत्पादों का मूल्य बढ़ गया है।
हजार व 500 के नोट चलन में बंद होने के बाद सुबह के चाय नाश्ता से लेकर खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। आठ नवंबर से पहले ब्रेड का जो पैकेट 12 रुपये का मिल रहा था अब उसकी कीमत 15 रुपये हो गई है। 22 रुपये वाला पैकेट 26 में मिल रहा है। ब्रेड बनाने वाली कंपनियों ने रेट ही नहीं बढ़ाए अपने उत्पादों का वजन भी घटा दिया है। 600 ग्राम का पैकेट का वजन 500 ग्राम ही रह गया है। देश की नामचीन कंपनी का मक्खन सीधे 50 रुपये महंगा हो गया है। एक किलो ग्रा. का पैकेट 380 रुपये मिल रहा था, अब रेट बढ़कर 430 रुपये हो गए हैं। नमकीन, बिस्कुट आदि खाने के उत्पाद व अन्य आइटमाें के रेट भी बढ़े हैं।
आटा, दाल, चीनी, मैदा, सूजी से लेकर मसालों तक के रेट बढ़ने से हर वर्ग परेशान है। किराना मार्केट पर व्यापक असर पड़ा है। किराना व्यापारी सत्यप्रकाश का कहना है कि नोटबंदी के कारण मार्केट में ग्राहक ही नहीं आ रहे हैं, दिन भर खाली हाथ बैठे रहते है। व्यापारी केशव का कहना है नोटबंदी के डेढ़ माह बाद भी मार्केट में ग्राहक नहीं है। बैंकों से भी पर्याप्त करेंसी न मिलने के कारण बाजार तेजी नहीं पकड़ रहा है।
खाद्य वस्तुओं के रेट एक नजर में
आटा - 20 25
मैदा - 22 28
सूजी - 25 30
दाल अरहर - 130 160
चने - 125 150
मूंग - 80 100
मसूड़ - 70 90
तेल सरसों - 80 100
रिफाइंड - 75 90
विज्ञापन
हल्दी - 140 180
मिर्च - 160 200
हजार व 500 के नोट चलन में बंद होने के बाद सुबह के चाय नाश्ता से लेकर खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। आठ नवंबर से पहले ब्रेड का जो पैकेट 12 रुपये का मिल रहा था अब उसकी कीमत 15 रुपये हो गई है। 22 रुपये वाला पैकेट 26 में मिल रहा है। ब्रेड बनाने वाली कंपनियों ने रेट ही नहीं बढ़ाए अपने उत्पादों का वजन भी घटा दिया है। 600 ग्राम का पैकेट का वजन 500 ग्राम ही रह गया है। देश की नामचीन कंपनी का मक्खन सीधे 50 रुपये महंगा हो गया है। एक किलो ग्रा. का पैकेट 380 रुपये मिल रहा था, अब रेट बढ़कर 430 रुपये हो गए हैं। नमकीन, बिस्कुट आदि खाने के उत्पाद व अन्य आइटमाें के रेट भी बढ़े हैं।
आटा, दाल, चीनी, मैदा, सूजी से लेकर मसालों तक के रेट बढ़ने से हर वर्ग परेशान है। किराना मार्केट पर व्यापक असर पड़ा है। किराना व्यापारी सत्यप्रकाश का कहना है कि नोटबंदी के कारण मार्केट में ग्राहक ही नहीं आ रहे हैं, दिन भर खाली हाथ बैठे रहते है। व्यापारी केशव का कहना है नोटबंदी के डेढ़ माह बाद भी मार्केट में ग्राहक नहीं है। बैंकों से भी पर्याप्त करेंसी न मिलने के कारण बाजार तेजी नहीं पकड़ रहा है।
विज्ञापन
खाद्य वस्तुओं के रेट एक नजर में
आटा - 20 25
मैदा - 22 28
सूजी - 25 30
दाल अरहर - 130 160
चने - 125 150
मूंग - 80 100
मसूड़ - 70 90
तेल सरसों - 80 100
रिफाइंड - 75 90
विज्ञापन
हल्दी - 140 180
मिर्च - 160 200