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Firozabad News: भाजपा का टिकट पर मंथन जारी, अब चेहरे पर दांव की तैयारी
Tue, 16 Apr 2024 02:26 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 16 Apr 2024 02:26 AM IST
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फिरोजाबाद। जिले की लोकसभा सीट प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुकी है। भाजपा के टिकट पर कयास और अटकलबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी ओबीसी के टिकट पर मंथन कर रही भाजपा, अब क्षत्रिय पर दांव खेलने के मूड में है। तीन दिन पहले जिले से तीन नामों का पैनल भेजा गया है। इन नामों में दो नामों को शॉर्टलिस्ट कर हटाकर आगरा के दो नामों को जोड़ा गया है। इन नामों पर विचार चल रहा है।
फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा का प्रत्याशी अभी भी तय नहीं हो सका है। भाजपा के टिकट घोषित न करने से हर कोई अब टिकट पर ही सवालिया निशान लगाने लगा है। ओबीसी वर्ग से अभी तक टिकट की रेस में खुद को मानने वाले भी अब दूसरे को रेस में आगे बताने से नहीं चूक रहे हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का मानना है कि पार्टी का कहना है कि जिस समाज का टिकट काटा जाएगा उस समाज के व्यक्ति को ही मिलेगा। इस संदेश के साथ ही क्षत्रिय नाम को बढ़ाया जा रहा है। हालांकि राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन भी संकटमोचन की तरह टिकट की रेस में खड़े हुए हैं।
भाजपा से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं के अनुसार पार्टी के लिए अंतिम समय में टिकट घोषित करना बेहद नुकसानदेह है। विपक्षी पार्टी 70 फीसदी जनसंपर्क कर चुकी है। जबकि भाजपा का प्रत्याशी ही अभी तक सामने नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा के बड़े नेता वर्ष 2019 की बात कर अंतिम समय में टिकट देने की बात करते हैं, लेकिन उस समय परिस्थिति अलग थीं। शिवपाल यादव भी सपा से अलग थे, लेकिन इस बार अगर भाजपा ने किसी कमजोर प्रत्याशी को टिकट दिया तो भाजपा जीती हुई सीट को खो सकती है।
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क्षत्रिय पर दांव लगाना था, तो जयवीर सिंह क्यों नहीं
सवाल यह है कि अगर पार्टी अंतिम समय फिरोजाबाद से क्षत्रिय दावेदार पर दांव लगाने की बात कर रही है, तो मैनपुरी की जगह फिरोजाबाद से पयर्टन मंत्री जयवीर सिंह को टिकट देना चाहिए था। क्यों कि जिले से ताल्लुक रखने के साथ ही विकास कार्य व पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़े रहते हैं। यहां पर वह क्षत्रिय में सबसे मुफीद प्रत्याशी हो सकते थे। जीत की राह भी बेहद आसानी से वह पार कर सकते थे, जबकि मैनपुरी में उनकी अग्निपरीक्षा है।
भाजपा चाहती है आर्थिक रूप से मजबूत हो प्रत्याशी
जिले से जो तीन क्षत्रिय नामों को भेजा गया है, उसमें एक ठाकुर विश्वदीप सिंह हैं, जो कई स्कूल व कॉलेज के संचालक हैं। जबकि दो अन्य नाम भाजपा जिला अध्यक्ष ठाकुर उदय प्रताप सिंह, सिरसागंज के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह जो पार्टी व संगठन के लिए कार्य करते हैं। वहीं बताते है कि इसमे दो नामों को शॉर्टलिस्ट कर आगरा के दो लोगों का नाम जोड़ा गया है। आगरा के एक रजवाड़ा परिवार से भी अंबरीश पाल सिंह का नाम और राजा भदावर का नाम अंतिम फेस में चल रहा है। हालांकि पार्टी के पुराने नेताओं के अनुसार पार्टी अंतिम समय में किसे कब उतार दे, यह कहा नहीं जा सकता।
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फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा का प्रत्याशी अभी भी तय नहीं हो सका है। भाजपा के टिकट घोषित न करने से हर कोई अब टिकट पर ही सवालिया निशान लगाने लगा है। ओबीसी वर्ग से अभी तक टिकट की रेस में खुद को मानने वाले भी अब दूसरे को रेस में आगे बताने से नहीं चूक रहे हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का मानना है कि पार्टी का कहना है कि जिस समाज का टिकट काटा जाएगा उस समाज के व्यक्ति को ही मिलेगा। इस संदेश के साथ ही क्षत्रिय नाम को बढ़ाया जा रहा है। हालांकि राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन भी संकटमोचन की तरह टिकट की रेस में खड़े हुए हैं।
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भाजपा से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं के अनुसार पार्टी के लिए अंतिम समय में टिकट घोषित करना बेहद नुकसानदेह है। विपक्षी पार्टी 70 फीसदी जनसंपर्क कर चुकी है। जबकि भाजपा का प्रत्याशी ही अभी तक सामने नहीं है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा के बड़े नेता वर्ष 2019 की बात कर अंतिम समय में टिकट देने की बात करते हैं, लेकिन उस समय परिस्थिति अलग थीं। शिवपाल यादव भी सपा से अलग थे, लेकिन इस बार अगर भाजपा ने किसी कमजोर प्रत्याशी को टिकट दिया तो भाजपा जीती हुई सीट को खो सकती है।
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क्षत्रिय पर दांव लगाना था, तो जयवीर सिंह क्यों नहीं
सवाल यह है कि अगर पार्टी अंतिम समय फिरोजाबाद से क्षत्रिय दावेदार पर दांव लगाने की बात कर रही है, तो मैनपुरी की जगह फिरोजाबाद से पयर्टन मंत्री जयवीर सिंह को टिकट देना चाहिए था। क्यों कि जिले से ताल्लुक रखने के साथ ही विकास कार्य व पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़े रहते हैं। यहां पर वह क्षत्रिय में सबसे मुफीद प्रत्याशी हो सकते थे। जीत की राह भी बेहद आसानी से वह पार कर सकते थे, जबकि मैनपुरी में उनकी अग्निपरीक्षा है।
भाजपा चाहती है आर्थिक रूप से मजबूत हो प्रत्याशी
जिले से जो तीन क्षत्रिय नामों को भेजा गया है, उसमें एक ठाकुर विश्वदीप सिंह हैं, जो कई स्कूल व कॉलेज के संचालक हैं। जबकि दो अन्य नाम भाजपा जिला अध्यक्ष ठाकुर उदय प्रताप सिंह, सिरसागंज के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह जो पार्टी व संगठन के लिए कार्य करते हैं। वहीं बताते है कि इसमे दो नामों को शॉर्टलिस्ट कर आगरा के दो लोगों का नाम जोड़ा गया है। आगरा के एक रजवाड़ा परिवार से भी अंबरीश पाल सिंह का नाम और राजा भदावर का नाम अंतिम फेस में चल रहा है। हालांकि पार्टी के पुराने नेताओं के अनुसार पार्टी अंतिम समय में किसे कब उतार दे, यह कहा नहीं जा सकता।