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Firozabad News: फर्जी बैनामा कराने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Sat, 11 Nov 2023 12:31 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:31 AM IST
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फिरोजाबाद। जिला व सत्र न्यायाधीश हरवीर सिंह ने संपत्ति हड़पने, कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर फर्जी बैनामा कराने के आरोपी बदरूल रहमान की जमानत अर्जी खरिज कर दी है। न्यायालय ने आरोपी के आपराधिक इतिहास को गंभीरता से लिया है। बदरुल रहमान के खिलाफ विभिन्न थानों में 27 मुकदमें दर्ज हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि थाना रसूलपुर में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वादी सुल्तान अहमद, विकार अहमद व मोहम्मद तारिक उर्फ मुगल अहमद, वकीलपुरा के निवासी हैं। वादी के दादा वहाबुद्दीन की 5 बीघा से अधिक जमीन थी। वादी अपने दादा की संपत्ति के सहभागीदार हैं। वादी की पारिवारिक संपत्ति को भूमाफिया गैंगस्टर बदरूल रहमान व उनके साथियों ने अलग-अलग जायदाद का फर्जी तौर पर मालिक दर्शाते हुए, फर्जी इकरारनामें व बैनामें करा लिए हैं। वादी को कुछ समय पूर्व जानकारी हुई कि दिनांक 17 फरवरी 2011 को वादी की उपरोक्त जायदाद को हड़पने के लिए बदरूल रहमान की साजिश से उसके गैंग के साथियों नासिर, राजा, तनवीर, शाहजेब ने जायदाद का एक भाग में बैनामा धोखे से अन्य लोगों से फर्जी मालिक बनकर करा लिया हैं।
जबकि अरोपी की तरफ से कहा गया कि आरोपी न ही विक्रेता और न ही गवाह है, उसका किसी प्रकार का कोई सरोकार नहीं है। झूठा फंसाया गया है, जनपद न्यायाधीश हरवीर सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने अन्य अभियुक्तगण के साथ मिलकर 17 फरवरी 2011 को वादी की जायदाद हड़पने, कुटरचित दस्तावेज तैयार कराकर फर्जी बैनामा कराने का आरोप है। आरोपी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामित है। उसके विरुद्ध 27 अन्य मामले विभिन्न थानों में पंजीकृत हैं। आराधिक इतिहास को देखते हुए अभियुक्त एक आपराधिक, असमाजिक प्रवृत्ति का व्यक्ति होना प्रतीत है। इस मामले में अभियुक्त राजा एवं तनवीर की जमानत पहले ही इस न्यायालय से खारिज हो चुकी है। न्यायाधीश हरवीर सिंह ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि थाना रसूलपुर में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वादी सुल्तान अहमद, विकार अहमद व मोहम्मद तारिक उर्फ मुगल अहमद, वकीलपुरा के निवासी हैं। वादी के दादा वहाबुद्दीन की 5 बीघा से अधिक जमीन थी। वादी अपने दादा की संपत्ति के सहभागीदार हैं। वादी की पारिवारिक संपत्ति को भूमाफिया गैंगस्टर बदरूल रहमान व उनके साथियों ने अलग-अलग जायदाद का फर्जी तौर पर मालिक दर्शाते हुए, फर्जी इकरारनामें व बैनामें करा लिए हैं। वादी को कुछ समय पूर्व जानकारी हुई कि दिनांक 17 फरवरी 2011 को वादी की उपरोक्त जायदाद को हड़पने के लिए बदरूल रहमान की साजिश से उसके गैंग के साथियों नासिर, राजा, तनवीर, शाहजेब ने जायदाद का एक भाग में बैनामा धोखे से अन्य लोगों से फर्जी मालिक बनकर करा लिया हैं।
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जबकि अरोपी की तरफ से कहा गया कि आरोपी न ही विक्रेता और न ही गवाह है, उसका किसी प्रकार का कोई सरोकार नहीं है। झूठा फंसाया गया है, जनपद न्यायाधीश हरवीर सिंह ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने अन्य अभियुक्तगण के साथ मिलकर 17 फरवरी 2011 को वादी की जायदाद हड़पने, कुटरचित दस्तावेज तैयार कराकर फर्जी बैनामा कराने का आरोप है। आरोपी प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामित है। उसके विरुद्ध 27 अन्य मामले विभिन्न थानों में पंजीकृत हैं। आराधिक इतिहास को देखते हुए अभियुक्त एक आपराधिक, असमाजिक प्रवृत्ति का व्यक्ति होना प्रतीत है। इस मामले में अभियुक्त राजा एवं तनवीर की जमानत पहले ही इस न्यायालय से खारिज हो चुकी है। न्यायाधीश हरवीर सिंह ने जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया।
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