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Firozabad News: ठगी करने के दोषी पति-पत्नी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
Sat, 11 Nov 2023 09:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Nov 2023 09:54 PM IST
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फिरोजाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरवीर सिंह ने आयकर विभाग में नौकरी दिलाने के बहाने ठगी करने के आरोपी पति-पत्नी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि मुकदमा वादी जयपाल सिंह ने थाना फरिहा में दर्ज कराया। रिपोर्ट में कहा कि जनवरी 2019 से अप्रैल 2020 तक शुभम एवं उसकी पत्नी रंजना निवासी तेलीबाग वृंदावन कॉलोनी लखनऊ आदि ने अपने-अपने मोबाइल से उसके मोबाइल पर कहा था कि हम लोग आपके लड़के अरविंद कुमार की नौकरी आयकर विभाग में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर लगवा देंगे। इसके लिए हम लोगों को 14 लाख रुपये देने होंगे। वादी ने बैंक खातों व नकद कुल 14 लाख रुपये दे दिए।
शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए जिला जज हरवीर सिंह ने तमाम साक्ष्य एवं केस डायरी का गहन अध्यन करते हुए पाया कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों एवं नकद 14 लाख रुपये प्राप्त किए और फर्जी दस्तावेज तैयार करके दिए जाने के साक्ष्य मौजूद हैं। मुकदमें की विवेचना अभी प्रचलित है। जबकि बचाव पक्ष की ओर से मामला झूठा बताया गया है।जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरवीर सिंह ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं केस डायरी व साक्ष्य के आधार पर अपराध को गंभीर प्रकृति का पाते हुए पति-पत्नी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि मुकदमा वादी जयपाल सिंह ने थाना फरिहा में दर्ज कराया। रिपोर्ट में कहा कि जनवरी 2019 से अप्रैल 2020 तक शुभम एवं उसकी पत्नी रंजना निवासी तेलीबाग वृंदावन कॉलोनी लखनऊ आदि ने अपने-अपने मोबाइल से उसके मोबाइल पर कहा था कि हम लोग आपके लड़के अरविंद कुमार की नौकरी आयकर विभाग में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर लगवा देंगे। इसके लिए हम लोगों को 14 लाख रुपये देने होंगे। वादी ने बैंक खातों व नकद कुल 14 लाख रुपये दे दिए।
शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए जिला जज हरवीर सिंह ने तमाम साक्ष्य एवं केस डायरी का गहन अध्यन करते हुए पाया कि आरोपियों ने अपने बैंक खातों एवं नकद 14 लाख रुपये प्राप्त किए और फर्जी दस्तावेज तैयार करके दिए जाने के साक्ष्य मौजूद हैं। मुकदमें की विवेचना अभी प्रचलित है। जबकि बचाव पक्ष की ओर से मामला झूठा बताया गया है।जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरवीर सिंह ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं केस डायरी व साक्ष्य के आधार पर अपराध को गंभीर प्रकृति का पाते हुए पति-पत्नी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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