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घोषणाएं तो पूरी, बजट के अभाव में योजनाएं ठहरीं
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 14 Mar 2015 11:38 PM IST
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सपा सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में सुहागनगरी को सौगातें कई मिलीं लेकिन बुनियादी समस्याएं फिर भी दूर नहीं हुईं। खस्ता हाल रास्ते, पेयजल , बिजली का संकट, खराब ड्रेेनेज सिस्टम, कसबाई रूटों पर परिवहन की समस्या तीन साल बाद भी जस की तस हैं। लोगों को सड़क पर उतर आंदोलन तक करने पड़े।
फीरोजाबाद। सरकार का तीन साल का रिपोर्ट कार्ड बताता है कि जिले में विकास कार्यों के लिए सरकार का खजाना तो खुला लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। निगम का तोहफा मिला लेकिन बजट मानक के अनुसार अभी तक नहीं मिला है। इसके चलते शहरी क्षेत्र में शामिल हुईं 13 ग्राम सभाएं नाली, खड़ंजा, सड़क, ड्रेनेज आदि समस्याओं से तीन साल बाद भी जूझ रही हैं। कोटला रोड, जलेसर रोड, बंबा बाईपास मार्गों के गड्ढे तीन साल बाद भी नहीं भर पाए हैं। बजट मिला तो काम कब तक और किस तरह होगा इसकी दिशा तय नहीं है। मक्खनपुर और खैरगढ़ नगर पंचायत नहीं बन सकीं। कूड़ा निस्तारण आज भी बड़ी समस्या है। आबादी के बीच कूड़ा डाला जा रहा है। खत्ताघर नहीं बन पा रहा है।
शासन ने इन योजनाओं पर लगाया ब्रेक
- कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति।
- सभी वर्गों के गरीबों को मिलने वाली शादी एवं बीमारी अनुदान योजना।
- युवा बेरोजगारों को मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता।
- इंटर पास करने वाले युवाओं को लैपटॉप का वितरण।
- अल्पसंख्यक बेटियों के लिए हमारी बेटा उसका कल योजना।
- कन्या विद्या धन योजना, रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना।
- बीपीएल परिवार के बुजुर्ग महिलाओं को साड़ी, कंबल वितरण योजना।
- हाईस्कूल पास करने वालों को टेबलेट का वितरण।
शासन से बजट का इंतजार
- शहरी क्षेत्र के गरीबों के लिए राजीव आवास योजना के तहत भवनों का निर्माण।
- गरीब बेसहारा लोगों के लिए आसरा योजना के तहत 84 भवनों का निर्माण।
- 184 रिक्शा चालकों को बैटरी चलित रिक्शा देने की योजना।
अभी शासन से इनकी है दरकार
- 1943 गांव को बिजली की रोशनी का इंतजार।
- फीरोजाबाद शहर में डिपो की स्थापना का कार्य।
- ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन।
- हिरनगांव पर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा की स्थापना।
- ग्लास सिटी ऑफ फीरोजाबाद की स्थापना।
- जसराना में फायर स्टेशन की स्थापना का कार्य।
- आईटीआई के विशाल भवन के लिए स्टाफ की दरकार।
- आलू उत्पादक किसानों के लिए फैक्ट्री की स्थापना।
- कांच उद्योग के श्रमिकों के लिए कालोनी की स्थापना।
तीन साल में मिले तोहफे
- जसराना नवीन नहर परियोजना।
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे।
- सौ शय्याओं का महिला अस्पताल।
- सरकारी ट्रामा सेंटर।
- आयुष विंग का निर्माण।
- फीरोजाबाद को निगम की सौगात।
- एका ग्राम पंचायत नगर पंचायत बन गई।
- सिरसागंज के तहसील बनाने की तैयारी।
- यमुना नदी पर दो पुल, दो रेलवे ओवरब्रिज।
इन योजनाओं को मिला बजट
दस पेयजल टंकी एवं 168 टीटीएसपी को 29.25 करोड़, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट 7.13 करोड़ में से मिले 3.04 करोड़, कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल को 9.83 करोड़ में 5.73 मिले। महिला अस्पताल के उच्चीकरण को 255.65 करोड़, राजकीय हाईस्कूल कारीखेड़ा को 51.98 लाख, एडीआर सेंटर निर्माण 79.09 लाख, स्टेडियम को 47.36 लाख, चार समिति निर्माण 80 लाख, 27 एएनएन केंद्र निर्माण को 250.83 लाख, शिकोहाबाद तहसील भवन निर्माण 356.76 लाख, सिरसागंज में अग्निशमन केंद्र की स्थापना 319.30 लाख, 24 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण 132.72 लाख मिला है।
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फीरोजाबाद। सरकार का तीन साल का रिपोर्ट कार्ड बताता है कि जिले में विकास कार्यों के लिए सरकार का खजाना तो खुला लेकिन बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। निगम का तोहफा मिला लेकिन बजट मानक के अनुसार अभी तक नहीं मिला है। इसके चलते शहरी क्षेत्र में शामिल हुईं 13 ग्राम सभाएं नाली, खड़ंजा, सड़क, ड्रेनेज आदि समस्याओं से तीन साल बाद भी जूझ रही हैं। कोटला रोड, जलेसर रोड, बंबा बाईपास मार्गों के गड्ढे तीन साल बाद भी नहीं भर पाए हैं। बजट मिला तो काम कब तक और किस तरह होगा इसकी दिशा तय नहीं है। मक्खनपुर और खैरगढ़ नगर पंचायत नहीं बन सकीं। कूड़ा निस्तारण आज भी बड़ी समस्या है। आबादी के बीच कूड़ा डाला जा रहा है। खत्ताघर नहीं बन पा रहा है।
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शासन ने इन योजनाओं पर लगाया ब्रेक
- कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति।
- सभी वर्गों के गरीबों को मिलने वाली शादी एवं बीमारी अनुदान योजना।
- युवा बेरोजगारों को मिलने वाला बेरोजगारी भत्ता।
- इंटर पास करने वाले युवाओं को लैपटॉप का वितरण।
- अल्पसंख्यक बेटियों के लिए हमारी बेटा उसका कल योजना।
- कन्या विद्या धन योजना, रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना।
- बीपीएल परिवार के बुजुर्ग महिलाओं को साड़ी, कंबल वितरण योजना।
- हाईस्कूल पास करने वालों को टेबलेट का वितरण।
शासन से बजट का इंतजार
- शहरी क्षेत्र के गरीबों के लिए राजीव आवास योजना के तहत भवनों का निर्माण।
- गरीब बेसहारा लोगों के लिए आसरा योजना के तहत 84 भवनों का निर्माण।
- 184 रिक्शा चालकों को बैटरी चलित रिक्शा देने की योजना।
अभी शासन से इनकी है दरकार
- 1943 गांव को बिजली की रोशनी का इंतजार।
- फीरोजाबाद शहर में डिपो की स्थापना का कार्य।
- ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन।
- हिरनगांव पर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा की स्थापना।
- ग्लास सिटी ऑफ फीरोजाबाद की स्थापना।
- जसराना में फायर स्टेशन की स्थापना का कार्य।
- आईटीआई के विशाल भवन के लिए स्टाफ की दरकार।
- आलू उत्पादक किसानों के लिए फैक्ट्री की स्थापना।
- कांच उद्योग के श्रमिकों के लिए कालोनी की स्थापना।
तीन साल में मिले तोहफे
- जसराना नवीन नहर परियोजना।
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे।
- सौ शय्याओं का महिला अस्पताल।
- सरकारी ट्रामा सेंटर।
- आयुष विंग का निर्माण।
- फीरोजाबाद को निगम की सौगात।
- एका ग्राम पंचायत नगर पंचायत बन गई।
- सिरसागंज के तहसील बनाने की तैयारी।
- यमुना नदी पर दो पुल, दो रेलवे ओवरब्रिज।
इन योजनाओं को मिला बजट
दस पेयजल टंकी एवं 168 टीटीएसपी को 29.25 करोड़, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट 7.13 करोड़ में से मिले 3.04 करोड़, कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल को 9.83 करोड़ में 5.73 मिले। महिला अस्पताल के उच्चीकरण को 255.65 करोड़, राजकीय हाईस्कूल कारीखेड़ा को 51.98 लाख, एडीआर सेंटर निर्माण 79.09 लाख, स्टेडियम को 47.36 लाख, चार समिति निर्माण 80 लाख, 27 एएनएन केंद्र निर्माण को 250.83 लाख, शिकोहाबाद तहसील भवन निर्माण 356.76 लाख, सिरसागंज में अग्निशमन केंद्र की स्थापना 319.30 लाख, 24 आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण 132.72 लाख मिला है।
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