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बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन जारी, काम ठप होने से उपभोक्ता रहे परेशान

Tue, 06 Oct 2020 11:54 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 11:54 PM IST
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agitation against government firozabad
लेबर कॉलोनी ​िस्थ​त बिजलीघर पर हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते कर्मचारी। - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। निजीकरण का विरोध कर रहे विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने मंगलवार को भी कार्य बहिष्कार कर कार्यालय पर धरना दिया। विद्युत सप्लाई को यथावत रखने के लिए विद्युत उपकेंद्रों पर संविदा कर्मचारियों के साथ लेखपालों को तैनात किया गया।
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कर्मचारियों के आंदोलन के चलते लेबर कालोनी स्थित विद्युत कार्यालय पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। धरना स्थल पर कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कार्य बहिष्कार के कारण बिल जमा करने, बिल संशोधित कराने और मीटर आदि की रिपोर्ट लेने आए उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा।
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ट्रांसफार्मर का स्थान बदलने का काम नहीं हो सका
उनके खेत में जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर रखा है। वहां से ग्रामीणों के निकलने के लिए रास्ता है। इससे आए दिन हादसे होते है। बरसात के दौरान चार पशुओं की मौत करंट लगने से हो गई थी। छह माह से विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला। आज भी इसे काम से आए थे लेकिन हड़ताल के कारण लौटना पड़ रहा है।
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लक्ष्मीनारायण, उपभोक्ता, गांव नगला सौंठ
नलकूप के लिए नहीं मिला सामानउन्होंने मुन्नेश के नाम नलकूप का कनेक्शन लिया है। एक्सईएन के हस्ताक्षर न होने से सामान नहीं मिल पा रहा। हड़ताल के चलते कार्य अधर में लटक गया। सोचा था कि आलू की खेती करने से पहले नलकूप लग जाएगा तो फसल में पानी लगाने के लिए दिक्कत नहीं होगी। हड़ताल के कारण सभी कार्य रुक गए।
राहुल कुमार, गांव जैतपुर निवासी
बिल नहीं हुए जमा, बैरंग लौटे लोग
बिल जमा करने के लिए विद्युत कार्यालय पहुंचे। हड़ताल के चलते बिल जमा नहीं हो सका। पूछताछ की तो पता चला कि हड़ताल कब तक चलेगी कोई पता नहीं है। ऐसे में यदि विद्युत विभाग द्वारा समय से बिल जमा न करने पर जुर्माना अथवा ब्याज लगाया तो इसका विरोध करेंगे।
साकिब, मोहल्ला टीला, निवासी
बिल सही कराने को लगाते रहे चक्कर
लॉकडाउन के दौरान कोई भी कर्मचारी मीटर की रीडिग़ लेने नहीं आया। फिर भी ढाई हजार रुपये का बिल बनाकर भेजा जाता रहा। जबकि लॉकडाउन से पूर्व पांच से छह सौ रुपये का बिल आता रहता है। बिल सही कराने के लिए विभाग के चक्कर लगाने को विवश होना पड़ रहा है। एक दिन की छुट्टी करने पर लगभग ढाई सौ रुपये का नुकसान होता है।
अशोक, मोहल्ला रामनगर, निवासी
निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
फिरोजाबाद। निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे विद्युत कर्मियों का आंदोलन जारी है। इस आंदोलन से विद्युत विभाग को शहरी क्षेत्र में 40 लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व प्रभावित हो रहा है। बिजली कार्यालय पर धरना स्थल पर आयोजित सभा में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर के अध्यक्ष इंजीनियर अहमद हुसैन ने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों तथा प्रबंधन के बीच होने वाली वार्ता का असफल होना सरकार की एक सोची-समझी रणनीति की ओर इशारा करती है।
आज तक इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक अधीनस्थ अधिकारी अपने मंत्री के निर्देशों की अवहेलना करें। इंजीनियर विश्वेंद्र सिंह चौहान द्वारा बताया कि ऊर्जा विभाग का निजीकरण किसी भी समस्या का हल नहीं, केवल इसमें सुधार की आवश्यकता है। अनुज भारद्वाज ने कहा कि सरकार द्वारा गलत नीतियों के तहत विभाग का निजीकरण किया जा रहा है।

जबकि ऊर्जा मंत्री ने 2018 में आश्वासन दिया था कि विद्युत विभाग का निजीकरण किसी भी हाल में नहीं किया जाएगा। संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। दिनेश कुमार, अनिल राठौर, जितेंद्र कुमार बघेल, सरविंद कुमार, मनीष कुमार, जितेंद्र कुमार, संजीव कुमार, निर्मल कुमार, विमल कुमार, सुरेंद्र कुमार, अभिषेक कुमार मौजूद रहे।
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