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आंकड़ों में उलझी सरकारी इमदार, टूटी अास
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 08 Apr 2015 11:04 PM IST
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किसान बेबस है और सरकार आंकड़ों में उलझी है। शासन ने नुकसान का आंकलन मांगा तो प्रशासन देर रात तक रिपोर्ट बनाने में उलझा रहा। फसलों का नुकसान देख किसानों की लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन मुआवजा का गणित प्रशासन नहीं लगा पा रहा है। गेहूं की फसल चौपट हो गई। आलू सड़ रहा है। 17 मौतों के बाद बुधवार को जसराना में एक और किसान ने दम तोड़ दिया। किसानों का दर्द, किसानों की बेबसी जहां की तहां है जबकि प्रशासन के खजाने से मुआवजा अभी तक नहीं निकला है। जहां मुआवजा मिला भी है वह इतना कम है जिसे देख किसानों का दर्द कम होने की बजाए और बढ़ गया है।
प्रशासन ने साढ़े तीन करोड़ की और की डिमांड
1499 हेक्टेयर में दिखाया था 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। बारिश एवं ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत से भी अधिक बर्बाद फसलों की मुआवजा राशि शासन ने मिलने के बाद प्रशासन ने नए ढंग से सत्यापन कराकर करीब साढ़े तीन करोड़ की डिमांड की है। इसके बाद 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत से कम हानि वालों का आंकड़ा एकत्रित करके शासन को भेजा जाएगा।
अफसरों के निर्देशन में होगी क्राप कटिंग
बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों को ध्यान में रखते हुए डीएम विजय किरन आनंद ने फसलों की क्रॉप कटिंग प्रारंभ कर दी। डीएम गत दिवस इंदुमई में खुद क्राप कटिंग कराने को पहुंचे। एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने बिल्टीगढ़ में क्राप कटिंग कराई। डीएम ने जिले भर में ही फसलों की क्राप कटिंग कराने को छह दर्जन से अधिक अफसरों को तैनात किया है। ताकि हकीकत सामने आ सके।
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सदमे से एक और किसान की मौत
ओलावृष्टि, आंधी, बरसात से तबाह हुई फसल को देख किसान अजयपाल की सदमे से मौत हो गई। किसान पर बैंक और अन्य लोगों का कर्जा भी था। अजय की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
थाना जसराना के गांव नगला सबल निवासी अजयपाल सिंह (50) ने गांव के ही सुरेश आदि से बटाई पर जमीन ली थी। फसल करने के लिए उसने बैंक और अन्य लोगों से भी कर्जा लिया। उसे उम्मीद थी कि फसल अच्छी होने पर कर्जा के साथ उसकी आर्थिक स्थिति भी सुधर जाएगी लेकिन पिछले माह हुई बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से आलू, गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई। इससे अजयपाल परेशान रहने लगा। कर्ज होने की वजह से वह डिप्रेशन में आ गया। परिवारीजनों ने बताया कि बुधवार को अजयपाल को सदमा लगा। उसे अस्पताल ले जाया जाता तब तक उसकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने बताया वह पत्नी का आगरा में उपचार भी करा रहा था। उसमें भी काफी रुपये खर्च हो गए थे। अजय के कोई संतान नहीं है।
प्रशासन ने साढ़े तीन करोड़ की और की डिमांड
1499 हेक्टेयर में दिखाया था 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। बारिश एवं ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत से भी अधिक बर्बाद फसलों की मुआवजा राशि शासन ने मिलने के बाद प्रशासन ने नए ढंग से सत्यापन कराकर करीब साढ़े तीन करोड़ की डिमांड की है। इसके बाद 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत से कम हानि वालों का आंकड़ा एकत्रित करके शासन को भेजा जाएगा।
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अफसरों के निर्देशन में होगी क्राप कटिंग
बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों को ध्यान में रखते हुए डीएम विजय किरन आनंद ने फसलों की क्रॉप कटिंग प्रारंभ कर दी। डीएम गत दिवस इंदुमई में खुद क्राप कटिंग कराने को पहुंचे। एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने बिल्टीगढ़ में क्राप कटिंग कराई। डीएम ने जिले भर में ही फसलों की क्राप कटिंग कराने को छह दर्जन से अधिक अफसरों को तैनात किया है। ताकि हकीकत सामने आ सके।
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सदमे से एक और किसान की मौत
ओलावृष्टि, आंधी, बरसात से तबाह हुई फसल को देख किसान अजयपाल की सदमे से मौत हो गई। किसान पर बैंक और अन्य लोगों का कर्जा भी था। अजय की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
थाना जसराना के गांव नगला सबल निवासी अजयपाल सिंह (50) ने गांव के ही सुरेश आदि से बटाई पर जमीन ली थी। फसल करने के लिए उसने बैंक और अन्य लोगों से भी कर्जा लिया। उसे उम्मीद थी कि फसल अच्छी होने पर कर्जा के साथ उसकी आर्थिक स्थिति भी सुधर जाएगी लेकिन पिछले माह हुई बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से आलू, गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई। इससे अजयपाल परेशान रहने लगा। कर्ज होने की वजह से वह डिप्रेशन में आ गया। परिवारीजनों ने बताया कि बुधवार को अजयपाल को सदमा लगा। उसे अस्पताल ले जाया जाता तब तक उसकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने बताया वह पत्नी का आगरा में उपचार भी करा रहा था। उसमें भी काफी रुपये खर्च हो गए थे। अजय के कोई संतान नहीं है।