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एआरटीओ कार्यालय में लगाई आग, रिकार्ड जला
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 02 Feb 2015 11:04 PM IST
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जिला मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय के भारी वाहनों के पंजीयन कक्ष का ताला तोड़कर आग लगा दी गई।
में सोमवार सुबह करीब सात बजे आग लगने से हड़कंप मच गया। आग विकराल रूप न ले इसके लिए आस-पास के लोगों ने चौकीदार के साथ मिलकर आग को कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया गया। आग की चपेट में आने से विभाग का रिकार्ड जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
जिला मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय परिसर में सोमवार सुबह भारी वाहनों के पंजीयन कक्ष में आग लग गई। आग की लपटों को निकलता देख वहां मौजूद चौकीदार अखलेंद्र पुत्र विपिन बिहारी ने चीख पुकार मचाई, तो वहां मौजूद आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। चौकीदार ने इसकी जानकारी पुलिस के साथ विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पुलिस और विभागीय अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसमें देखा कि कार्यालय के मेन गेट के समीप बने गेट के दरवाजे व सर्वर रूम के गेट का शीशे टूटे थे। पंजीयन कक्ष से सामने वाले कक्ष में रखे कंप्यूटर पर पेट्रोल डाले जाने के निशान मिले। इस पर पुलिस ने डॉग स्क्वायड़ की टीम के साथ फिंगर प्रिंट टीम को बुलाया। आग की घटना संदिग्ध देख पुलिस ने विभाग के अधिकारियों और चौकीदार से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लग सका। थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
सवालों के घेरे में विभाग
थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि चौकीदार के अनुसार आग सुबह करीब सात बजे लगी। पुलिस को सूचना ग्यारह बजे करीब दी गई। सूचना देने में इतनी देरी क्यों हुई। वहीं उसी कंप्यूटर को आग के हवाले क्यों किया गया, जिसके माध्यम से भारी वाहनों का पंजीयन किया जाता है। इसी कक्ष में रखी अन्य फाइलों को नुकसान क्यों नहीं हुआ। सर्वर रूम का गेट टूटा तो था, लेकिन कंप्यूटरों से छेड़छाड़ तक नहीं की गई। चालान कक्ष में रखे कंप्यूटर पर डाले गए पेट्रोल की गंध तो आ रही थी, लेकिन उसको कोई नुकसान नहीं हुआ। इसलिए यह पूरा मामला संदेह के घेरे में है।
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डॉग स्क्वायड़ और फिंगर प्रिंट टीम को बुलाया
आग की घटना संदिग्ध देख पुलिस ने फिंगर प्रिंट और डॉग स्क्वायड़ टीम को जांच के लिए बुलाया। टीम ने वहां से कई साक्ष्य भी जुटाए।
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में सोमवार सुबह करीब सात बजे आग लगने से हड़कंप मच गया। आग विकराल रूप न ले इसके लिए आस-पास के लोगों ने चौकीदार के साथ मिलकर आग को कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया गया। आग की चपेट में आने से विभाग का रिकार्ड जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
जिला मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय परिसर में सोमवार सुबह भारी वाहनों के पंजीयन कक्ष में आग लग गई। आग की लपटों को निकलता देख वहां मौजूद चौकीदार अखलेंद्र पुत्र विपिन बिहारी ने चीख पुकार मचाई, तो वहां मौजूद आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया। चौकीदार ने इसकी जानकारी पुलिस के साथ विभाग के अधिकारियों को दी। मौके पर पुलिस और विभागीय अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसमें देखा कि कार्यालय के मेन गेट के समीप बने गेट के दरवाजे व सर्वर रूम के गेट का शीशे टूटे थे। पंजीयन कक्ष से सामने वाले कक्ष में रखे कंप्यूटर पर पेट्रोल डाले जाने के निशान मिले। इस पर पुलिस ने डॉग स्क्वायड़ की टीम के साथ फिंगर प्रिंट टीम को बुलाया। आग की घटना संदिग्ध देख पुलिस ने विभाग के अधिकारियों और चौकीदार से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लग सका। थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
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सवालों के घेरे में विभाग
थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि चौकीदार के अनुसार आग सुबह करीब सात बजे लगी। पुलिस को सूचना ग्यारह बजे करीब दी गई। सूचना देने में इतनी देरी क्यों हुई। वहीं उसी कंप्यूटर को आग के हवाले क्यों किया गया, जिसके माध्यम से भारी वाहनों का पंजीयन किया जाता है। इसी कक्ष में रखी अन्य फाइलों को नुकसान क्यों नहीं हुआ। सर्वर रूम का गेट टूटा तो था, लेकिन कंप्यूटरों से छेड़छाड़ तक नहीं की गई। चालान कक्ष में रखे कंप्यूटर पर डाले गए पेट्रोल की गंध तो आ रही थी, लेकिन उसको कोई नुकसान नहीं हुआ। इसलिए यह पूरा मामला संदेह के घेरे में है।
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डॉग स्क्वायड़ और फिंगर प्रिंट टीम को बुलाया
आग की घटना संदिग्ध देख पुलिस ने फिंगर प्रिंट और डॉग स्क्वायड़ टीम को जांच के लिए बुलाया। टीम ने वहां से कई साक्ष्य भी जुटाए।