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स्कूलों में लगता है डर, सड़क पर चलती क्लास
Firozabad
Updated Thu, 10 Jul 2014 05:30 AM IST
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अंकित जैन
फीरोजाबाद। परिषदीय विद्यालयों में छात्र- छात्राओं को अव्यवस्थाओं के साथ कई समझौते करने पड़ रहे हैं। नगर क्षेत्र के कुछ विद्यालय ऐसे है, जहां बच्चों के बैठने का कोई इंतजाम नहीं है। कुछ विद्यालयों के भवनों की स्थिति इतनी बदहाल है कि आंधी, बारिश के मौसम में बच्चे खतरे के बीच शिक्षा ग्रहण करते हैं। वहीं कुछ में तो छत ही नहीं है। बाहर खुले में बैठकर छात्र पढ़ाई करने को मजबूर हैं। थोड़ी-सी बारिश में कक्षाएं तो तरण-ताल बन जाती हैं। कुछ ही विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती है। वहीं कई ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या शून्य है वो सिर्फ कागजों में ही चलाए जा रहे हैं।
दृश्य एक : प्राथमिक विद्यालय सुदर्शन
समय सुबह 9.30 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय सुदर्शन जलेसर रोड। विद्यालय कक्ष में घरेलू सामान रखा हुआ था। शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई थीं। जबकि यहां सोमवार को नगर शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण करने के बाद सब कुछ ठीक बताया था। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां एक शिक्षिका तैनात हैं, जिस दिन निरीक्षण के लिए अधिकारी आते हैं उसी दिन स्कूल में आती हैं। अन्य दिनों में वो दिखाई नहीं देती हैं।
दृश्य दो : प्राथमिक विद्यालय हुंडावाला
समय सुबह 9.45 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय हुंडावाला। बच्चे स्कूल भवन के बाहर सड़क पर बैठकर ही शिक्षा ग्रहण करते मिले। प्रधानाचार्य मोहम्मद नईम ने बताया कि पूरा भवन गिरासू है। बारिश होने पर बच्चे स्कूल ही नहीं आते। आएं तो पढ़ाएं भी कहां। डीएम से कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन वहां तैनात बाबू बार-बार पहुंचने पर फटकार लगाते हैं।
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दृश्य तीन : प्राथमिक विद्यालय कटरा
समय सुबह 10 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय कटरा। स्कूल भवन की छत बेहद जर्जर स्थिति में है। अध्यापक डर की वजह से एक अलग छत पर धूप में बच्चों को पढ़ाते मिले थे। शिक्षक ने बताया कि छत गिरने का खतरा हमेशा ही रहता है। इसलिए अभिवावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं।
बीएसए जितेंद्र यादव का कहना है कि नगर क्षेत्र में स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं। किराया बढ़ाने की तैयारी चल रही है ताकि भवन स्वामी भवनों का रख रखाव ठीक तरह से कर सकें।
खास बिंदु
- नगर क्षेत्र में 40 में से 35 विद्यालय किराए के भवन में चल रहे हैं
- किराए के रूप में विभाग भवन स्वामियों को मात्र 50 से 100 रुपये प्रतिमाह दे रहा है।
- भवन स्वामी हाथ खींचने को मजबूर, बिजली तक काटी
- अधिकांश भवनों का विभाग से कोर्ट केस चल रहा है
- किराए पर चल रहे किसी भी स्कूल में बिजली नहीं है
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फीरोजाबाद। परिषदीय विद्यालयों में छात्र- छात्राओं को अव्यवस्थाओं के साथ कई समझौते करने पड़ रहे हैं। नगर क्षेत्र के कुछ विद्यालय ऐसे है, जहां बच्चों के बैठने का कोई इंतजाम नहीं है। कुछ विद्यालयों के भवनों की स्थिति इतनी बदहाल है कि आंधी, बारिश के मौसम में बच्चे खतरे के बीच शिक्षा ग्रहण करते हैं। वहीं कुछ में तो छत ही नहीं है। बाहर खुले में बैठकर छात्र पढ़ाई करने को मजबूर हैं। थोड़ी-सी बारिश में कक्षाएं तो तरण-ताल बन जाती हैं। कुछ ही विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती है। वहीं कई ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या शून्य है वो सिर्फ कागजों में ही चलाए जा रहे हैं।
दृश्य एक : प्राथमिक विद्यालय सुदर्शन
समय सुबह 9.30 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय सुदर्शन जलेसर रोड। विद्यालय कक्ष में घरेलू सामान रखा हुआ था। शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई थीं। जबकि यहां सोमवार को नगर शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण करने के बाद सब कुछ ठीक बताया था। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां एक शिक्षिका तैनात हैं, जिस दिन निरीक्षण के लिए अधिकारी आते हैं उसी दिन स्कूल में आती हैं। अन्य दिनों में वो दिखाई नहीं देती हैं।
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दृश्य दो : प्राथमिक विद्यालय हुंडावाला
समय सुबह 9.45 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय हुंडावाला। बच्चे स्कूल भवन के बाहर सड़क पर बैठकर ही शिक्षा ग्रहण करते मिले। प्रधानाचार्य मोहम्मद नईम ने बताया कि पूरा भवन गिरासू है। बारिश होने पर बच्चे स्कूल ही नहीं आते। आएं तो पढ़ाएं भी कहां। डीएम से कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन वहां तैनात बाबू बार-बार पहुंचने पर फटकार लगाते हैं।
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दृश्य तीन : प्राथमिक विद्यालय कटरा
समय सुबह 10 बजे। स्थान प्राथमिक विद्यालय कटरा। स्कूल भवन की छत बेहद जर्जर स्थिति में है। अध्यापक डर की वजह से एक अलग छत पर धूप में बच्चों को पढ़ाते मिले थे। शिक्षक ने बताया कि छत गिरने का खतरा हमेशा ही रहता है। इसलिए अभिवावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं।
बीएसए जितेंद्र यादव का कहना है कि नगर क्षेत्र में स्कूल किराए के भवनों में चल रहे हैं। किराया बढ़ाने की तैयारी चल रही है ताकि भवन स्वामी भवनों का रख रखाव ठीक तरह से कर सकें।
खास बिंदु
- नगर क्षेत्र में 40 में से 35 विद्यालय किराए के भवन में चल रहे हैं
- किराए के रूप में विभाग भवन स्वामियों को मात्र 50 से 100 रुपये प्रतिमाह दे रहा है।
- भवन स्वामी हाथ खींचने को मजबूर, बिजली तक काटी
- अधिकांश भवनों का विभाग से कोर्ट केस चल रहा है
- किराए पर चल रहे किसी भी स्कूल में बिजली नहीं है