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संदल के जुलूस के साथ उर्स का समापन
Firozabad
Updated Thu, 07 Mar 2013 05:30 AM IST
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फीरोजाबाद। हजरत शाह सूफी सैय्यद अबरार हसन शाह हसनी रहमत उल्ला अलैह के 33 वें उर्स के अंतिम दिन संदल का जुलूस निकाला गया। गली इमामाबाड़ा स्थित दादा मियां की दरगाह से शुरू हुआ जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए दरगाह शरीफ कटरा पठानान पर आकर समाप्त हुआ।
फज्र की नमाज के बाद दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन एवं मुतवल्ली सूफी अंसार हुसैन ने इमामबाड़ा स्थित दादा मियां की दरगाह पर हाजिरी दी। मुरीदों को खिताब फरमाया। पवित्र कुरान की सूर अल आराफ की तिलावत की। इसके बाद जायरीनों का जत्था दादा मियां की दरगाह पर पहुंचा। जहां संदल पेश करने के बाद महफिले शमां का आगाज हुआ। अकीदतमंदों का हुजूम वक्फ अबरारिया मुसाफिर खाने के आंगन में जमा हो गया। सरकारी चादरों के साथ जायरीन एक बड़े जुलूस की शक्ल में मोहल्ला शीशग्रान की ओर से नौशे वाला कुंआ पर पहुंचे। अयाज भाई ने स्वागत किया। जुलूस में नाले मोहल्ला में असलम परवेज, बाजे वाली गली पर गुलजार भाई, कमर भाई, अब्दुल सलाम व नायाब होटल वाले शामिल हुए। जुलूस छोटा चौराहा, घंटाघर चौराहा, सदर बाजार, गंज चौराहा, सिनेमा चौराहा, कटरा होते हुए दरगाह शरीफ पर पहुंचकर समाप्त हुआ। मनीष, रामनिवास, अजय अग्रवाल, नवेद ने स्वागत किया। संदल की रस्म के बाद गुश्लपाक का सिलसिला शुरू हुआ। संचालन जमील नासिर अबरारी ने किया। अकील गुलाब खां, गुड्डू, असमार, अबसार, अतहार, जुबैर, शकील आदि मौजूद थे।
जगदंबानगर से निकला जुलूस
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जगदंबा कंपाउंड अजीम नगर में संदल का जुलूस सुबह नौ बजे निकाला गया। नई बस्ती से कव्वालों, मुरीदीन व अकीदतमंद मंदान व शहर की आवाम के हमराह उठकर राजाराम की पुलिया, कोटला, नई बस्ती कटरा सुनारान, कटरा पठानान, धम्माल व हाल काल के साथ मोहल्ला कटरा पठानान स्थित दरगाहे पर पहुंचे। जहां सूफी सैय्यद अबरार हुसैन शाह हसनी अपनी हयाते तय्याबे में राह करते थे। जेरे सरपरस्ती सज्जादा नशीन सूफी सैय्यद अनवार हुसैन शाह दरगाहे अबरारी की सरपरस्ती में रहा। नायब सज्जादा नसीन जमाल अनवर अबरारी उर्फ खुशनबाज की निगरानी में रहा।
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फज्र की नमाज के बाद दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन एवं मुतवल्ली सूफी अंसार हुसैन ने इमामबाड़ा स्थित दादा मियां की दरगाह पर हाजिरी दी। मुरीदों को खिताब फरमाया। पवित्र कुरान की सूर अल आराफ की तिलावत की। इसके बाद जायरीनों का जत्था दादा मियां की दरगाह पर पहुंचा। जहां संदल पेश करने के बाद महफिले शमां का आगाज हुआ। अकीदतमंदों का हुजूम वक्फ अबरारिया मुसाफिर खाने के आंगन में जमा हो गया। सरकारी चादरों के साथ जायरीन एक बड़े जुलूस की शक्ल में मोहल्ला शीशग्रान की ओर से नौशे वाला कुंआ पर पहुंचे। अयाज भाई ने स्वागत किया। जुलूस में नाले मोहल्ला में असलम परवेज, बाजे वाली गली पर गुलजार भाई, कमर भाई, अब्दुल सलाम व नायाब होटल वाले शामिल हुए। जुलूस छोटा चौराहा, घंटाघर चौराहा, सदर बाजार, गंज चौराहा, सिनेमा चौराहा, कटरा होते हुए दरगाह शरीफ पर पहुंचकर समाप्त हुआ। मनीष, रामनिवास, अजय अग्रवाल, नवेद ने स्वागत किया। संदल की रस्म के बाद गुश्लपाक का सिलसिला शुरू हुआ। संचालन जमील नासिर अबरारी ने किया। अकील गुलाब खां, गुड्डू, असमार, अबसार, अतहार, जुबैर, शकील आदि मौजूद थे।
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जगदंबानगर से निकला जुलूस
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। जगदंबा कंपाउंड अजीम नगर में संदल का जुलूस सुबह नौ बजे निकाला गया। नई बस्ती से कव्वालों, मुरीदीन व अकीदतमंद मंदान व शहर की आवाम के हमराह उठकर राजाराम की पुलिया, कोटला, नई बस्ती कटरा सुनारान, कटरा पठानान, धम्माल व हाल काल के साथ मोहल्ला कटरा पठानान स्थित दरगाहे पर पहुंचे। जहां सूफी सैय्यद अबरार हुसैन शाह हसनी अपनी हयाते तय्याबे में राह करते थे। जेरे सरपरस्ती सज्जादा नशीन सूफी सैय्यद अनवार हुसैन शाह दरगाहे अबरारी की सरपरस्ती में रहा। नायब सज्जादा नसीन जमाल अनवर अबरारी उर्फ खुशनबाज की निगरानी में रहा।
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