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बसों एवं रेलवे स्टेशनों पर मची मारामारी
Firozabad
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। दीपावली के एक दिन पूर्व वाहनों के लिए मारामारी जैसे हालात रहे। परिवहन निगम की बसों के साथ ही ट्रेनोें में काफी भीड़ दिखाई दी। हर किसी को घर पहुंचने की जल्दी थी। सिंगल रूटों पर तो यात्रियों को बसों की छतों पर बैठकर सफर तय करना पड़ा। प्राइवेट वाहन चालकों ने इस मौके का फायदा उठाया।
अधिकांश कांच कारखानों के साथ ही गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों को एक दिन पहले ही हिसाब किताब कर दिया गया। दीपावली का उपहार देने के साथ ही हर कोई घरों को जाने के लिए तैयार था। इसके चलते सुबह से ही बस स्टेंड के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। पूर्वांचल की ओर जाने वाली बसें भीड़ के खचाखच भरी हुई थी।
वहीं ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही थी। सुबह जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सबसे ज्यादा स्थिति खराब थी। घर जल्दी जाने के कारण धक्का- मुक्की का आलम दिखाई दिया। लंबी दूरी की बसें तो यात्रियों से खचाखच भरे होने के कारण बस स्टेंड पर आने के बजाय सीधे ही निकल गईं। जबकि यात्री इंतजार ही करते रहे। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जिले के सिंगल रूटों पर दिखाई दी। दूर दराज से आने वाले यात्रियों को घर जाने की जल्दी होने के कारण यहां भी किसी ने बसों की छत पर बैठकर सफर तय किया। क्योंकि यात्रियों के साथ ही ग्रामीण अंचल से बाजारों में खरीदारी करने के लिए आने वाले ग्रामीणों की भी भीड़ थी। इस तरह का आलम कोटला रोड, जलेसर रोड, मटसेना रोड, फतेहाबाद रोड के साथ ही जिले के अन्य सिंगल रूटों पर देखने को मिला।
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अधिकांश कांच कारखानों के साथ ही गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों को एक दिन पहले ही हिसाब किताब कर दिया गया। दीपावली का उपहार देने के साथ ही हर कोई घरों को जाने के लिए तैयार था। इसके चलते सुबह से ही बस स्टेंड के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। पूर्वांचल की ओर जाने वाली बसें भीड़ के खचाखच भरी हुई थी।
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वहीं ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही थी। सुबह जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सबसे ज्यादा स्थिति खराब थी। घर जल्दी जाने के कारण धक्का- मुक्की का आलम दिखाई दिया। लंबी दूरी की बसें तो यात्रियों से खचाखच भरे होने के कारण बस स्टेंड पर आने के बजाय सीधे ही निकल गईं। जबकि यात्री इंतजार ही करते रहे। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जिले के सिंगल रूटों पर दिखाई दी। दूर दराज से आने वाले यात्रियों को घर जाने की जल्दी होने के कारण यहां भी किसी ने बसों की छत पर बैठकर सफर तय किया। क्योंकि यात्रियों के साथ ही ग्रामीण अंचल से बाजारों में खरीदारी करने के लिए आने वाले ग्रामीणों की भी भीड़ थी। इस तरह का आलम कोटला रोड, जलेसर रोड, मटसेना रोड, फतेहाबाद रोड के साथ ही जिले के अन्य सिंगल रूटों पर देखने को मिला।
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