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अब मीटर रीडरों को ट्रांसफार्मर वाइज बनाने होंगे बिल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फिरोजाबाद में विद्युत विभाग ने शत-प्रतिशत उपभोक्ताओं को सही बिल उपलब्ध कराने के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत अब मीटरों को ट्रांसफार्मर वाइज बिलिंग करने के निर्देश दिए हैं।
ऑनलाइन व्यवस्था के तहत विद्युत विभाग डोर-टू-डोर बिल उपलब्ध कराता है। इसकी जिम्मेदारी बिलिंग एजेंसी को सौंपी गई है। अक्सर ऐसी शिकायत आ रही हैं कि मीटर रीडर परिसर छोड़कर बिल बनाते हैं। मीटरों में रीडिंग स्टोर होने पर बिना एक्सईएन एसडीओ की अनुमति के मीटर बदल देते हैं। ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए विभाग ने शहर में स्थापित ट्रांसफार्मर वाइज उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। यह संबंधित क्षेत्र के मीटर रीडर को सौंप दी गई है। समस्त मीटर रीडरों को निर्देश दिए हैं कि सीरियल नंबर से प्रत्येक मकान का बिल बनाया जाए। कोई मकान बिल बनने से छूटना नहीं चाहिए। इस दौरान यह भी चेक करना है कि उपभोक्ता के परिसर में जो मीटर लगा है, उसका सीरियल नंबर विभाग में दर्ज सीरियल नंबर से मैच हो रहा है या नहीं।
मीटर के बनाए जा रहे बिलों को साइट पर चेक करने के लिए एसडीओ व अवर अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वह दस कनेक्शन चेक करें। यदि किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित मीटर रीडर पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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आरपी वर्मा, अधिशासी अभियंता
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ऑनलाइन व्यवस्था के तहत विद्युत विभाग डोर-टू-डोर बिल उपलब्ध कराता है। इसकी जिम्मेदारी बिलिंग एजेंसी को सौंपी गई है। अक्सर ऐसी शिकायत आ रही हैं कि मीटर रीडर परिसर छोड़कर बिल बनाते हैं। मीटरों में रीडिंग स्टोर होने पर बिना एक्सईएन एसडीओ की अनुमति के मीटर बदल देते हैं। ऐसी शिकायतों को रोकने के लिए विभाग ने शहर में स्थापित ट्रांसफार्मर वाइज उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। यह संबंधित क्षेत्र के मीटर रीडर को सौंप दी गई है। समस्त मीटर रीडरों को निर्देश दिए हैं कि सीरियल नंबर से प्रत्येक मकान का बिल बनाया जाए। कोई मकान बिल बनने से छूटना नहीं चाहिए। इस दौरान यह भी चेक करना है कि उपभोक्ता के परिसर में जो मीटर लगा है, उसका सीरियल नंबर विभाग में दर्ज सीरियल नंबर से मैच हो रहा है या नहीं।
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मीटर के बनाए जा रहे बिलों को साइट पर चेक करने के लिए एसडीओ व अवर अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वह दस कनेक्शन चेक करें। यदि किसी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित मीटर रीडर पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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आरपी वर्मा, अधिशासी अभियंता