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नगर निगम बोर्ड बैठक: नौ घंटे चले हंगामे के बीच 65 सूत्रीय विकास एजेंडे को हरी झंडी
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फिरोजाबाद। शहर के रामचंद्र पालीवाल हॉल में बुधवार को नगर निगम सदन की बोर्ड बैठक हंगामे, तीखी बहस और अफसरों की कार्यशैली पर जनप्रतिनिधियों के आक्रोश के बीच संपन्न हुई। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई बैठक देर शाम आठ बजे तक यानी करीब नौ घंटे तक चली। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, जलभराव और स्ट्रीट लाइटों की सुस्त स्थिति को लेकर पार्षदों का गुस्सा अधिकारियों पर फूटा। नगर के समग्र विकास, जनहित और सुविधाओं से जुड़े सभी 65 प्रस्तावों को निगम बोर्ड ने ध्वनिमत से हरी झंडी दे दी।
बैठक की शुरुआत होते ही पार्षदों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन में पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाए। पार्षदों की मांग के बाद पुलिसकर्मियों को सदन से बाहर किया गया। इसके बाद एक्सईएन निर्माण विजेंद्र पाल सिंह द्वारा हाल ही में तीन पार्षदों मुनेंद्र यादव, सुभाष यादव और शारिक सलीम पर थाना उत्तर में दर्ज कराई गई एफआईआर का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने एफआईआर पर एतराज जताते हुए एक्सईएन को हटाने की मांग रखी। इस पर एक्सईएन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई दोबारा कार्यालय में घुसकर अभद्रता करेगा तो फिर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सदन में पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के अधिकांश वार्डों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है, हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है और शिकायतों के बावजूद स्ट्रीट लाइटें महीनों तक ठीक नहीं होतीं। पार्षद कासिम सिद्दीकी ने कहा कि जनआक्रोश इतना बढ़ चुका है कि लोग महापौर तक के पुतले फूंक रहे हैं लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने चेताया कि सुधार न होने पर वे पार्षदों के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। पार्षदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव देख रही कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
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बैठक की शुरुआत होते ही पार्षदों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन में पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाए। पार्षदों की मांग के बाद पुलिसकर्मियों को सदन से बाहर किया गया। इसके बाद एक्सईएन निर्माण विजेंद्र पाल सिंह द्वारा हाल ही में तीन पार्षदों मुनेंद्र यादव, सुभाष यादव और शारिक सलीम पर थाना उत्तर में दर्ज कराई गई एफआईआर का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने एफआईआर पर एतराज जताते हुए एक्सईएन को हटाने की मांग रखी। इस पर एक्सईएन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई दोबारा कार्यालय में घुसकर अभद्रता करेगा तो फिर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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सदन में पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के अधिकांश वार्डों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है, हल्की बारिश में जलभराव हो जाता है और शिकायतों के बावजूद स्ट्रीट लाइटें महीनों तक ठीक नहीं होतीं। पार्षद कासिम सिद्दीकी ने कहा कि जनआक्रोश इतना बढ़ चुका है कि लोग महापौर तक के पुतले फूंक रहे हैं लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने चेताया कि सुधार न होने पर वे पार्षदों के साथ धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। पार्षदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव देख रही कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
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