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5300 श्रमिक बच्चे अभी भी हैं,शिक्षा की मुख्य धारा से दूर

Sun, 26 Jun 2022 11:55 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 11:55 PM IST
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5300 labor children are still there, away from the mainstream of education
फिरोजाबाद। सर्वे के दौरान चिन्हित 9492 श्रमिक बच्चों में से 5300 बच्चे अभी भी शिक्षा की मुख्य धारा से दूर हैं। बाल श्रमिक कल्याण समिति इन बच्चों की शिक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
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गत जनवरी-फरवरी माह में जिले में बाल श्रमिकों और स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को चिन्हित कराने के लिए कानपुर की स्वयंसेवी संस्था सोशल डवलपमेंट सोसायटी से सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान पांच से 17 वर्ष आयु वर्ग के कुल 9492 बच्चे प्रकाश में आए थे। जो बच्चे चिन्हित हुए उनमें से पांच से आठ वर्ष आयु वर्ग के 2393 बच्चों को बेसिक शिक्षा द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश कराया गया।
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शेष बेसहारा अथवा एकल अभिभावक वाले 299 बच्चों को श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के जरिए लाभान्वित कराया जा चुका है। इसके अलावा 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग वाले किशोरों को उद्यमिता एवं कौशल विकास योजनांतर्गत संचालित ट्रेनिंग सेंटरों पर विभिन्न रोजगार परक कोर्स अथवा पाठ्यक्रम के जरिए ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। लेकिन 5300 बच्चे अभी भी शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं से वंचित हैं।
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5300 बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। ताकि श्रमिक बच्चों के लिए केंद्र सरकार से जरूरी कार्ययोजना स्वीकृत कराई जा सके।
अशोक कुमार तिवारी, प्रभारी बाल श्रमिक कल्याण समिति
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