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Firozabad News: खून की कमीं से जूझ रहीं 45 फीसदी गर्भवती और 61.8 फीसदी किशोरियां
Fri, 23 Jun 2023 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2023 11:34 PM IST
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फिरोजाबाद। आधी आबादी में एनीमिया (रक्ताल्पता) गंभीर समस्या है। जनपद की किशोरियां एवं गर्भवतियों से लेकर सामान्य महिलाएं तक चपेट में हैं। हैरानी की बात यह है कि जिले की 45.8 प्रतिशत गर्भवती और 57.7 फीसदी सामान्य महिलाओं समेत करीब 61.8 फीसदी किशोरियां खून की कमी से जूझ रहीं हैं। इसका खुलासा केंद्र सरकार की ओर से कराए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण फेज-5 रिपोर्ट से हो रहा है। बीते पांच साल में अनियमित खान-पान की वजह से महिलाओं में खून की कमी बढ़ रही है, जो कई बीमारियों का कारण है। यह आलम तब है जब प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अतिरिक्त तमाम ऐसी योजनाएं संचालित हैं।
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क्या कहते हैं आंकड़ें
वर्ष 2015-16 में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 में 15 से 19 साल की 28.2 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से ग्रसित थी। इसके बाद वर्ष 2019-21 में हुए पांचवें सर्वे में यह आंकड़ा बढ़कर 61.8 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी सर्वे में 49 वर्ष की 45.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित मिली थी। जबकि 2015-16 के सर्वे में यह आंकड़ा 32.8 फीसदी था। इसी आयुवर्ग की गैर-गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत 34.2 फीसदी से बढ़कर पांचवें सर्वे में 57.7 प्रतिशत पर पहुंच चुका है।
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लक्षण
- कमजोरी, आसानी से थक जाना, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा व्यवहार, फटी या लाल जीभ, भूख में कमी, खाने की अजीब सी लालसा।
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कारण
-भोज्य पदार्थों में आयरन की कमी।
-शरीर से लगातार रक्तास्राव होना।
-सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे विटामिन बी-12, फोलिक एसिड की कमी, विटामिन सी की कमी।
-महावारी के दौरान अधिक रक्तस्राव।
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सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर
-पुरुष- 13.8 से 17.2 ग्राम
-महिला- 12.1 से 15.1 ग्राम
-बच्चे-11 से 16 ग्राम
- गर्भवती महिलाएं- 11 से 15.1 ग्राम
एनीमिया से बचाव का तरीका
बदलती जीवनशैली के साथ आहार संबंधी आदतों में होने वाला बदलाव से महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हो रहीं हैं। इनमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। वहीं, गर्भावस्था में मौसमी हरी सब्जियां, फल, गुड़, चना, पालक, मेथी आदि का सेवन करें। मां के स्वस्थ होने से गर्भस्थ शिशु तंदुरुस्त होगा। रक्त की कमी से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। -डाॅ. मेधा गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ
- आयरन ही हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं ही शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करती है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में पहुंचाता है। इसलिए आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है, इसी स्थिति को एनीमिया भी कहते हैं। -डाॅ. मिली अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ
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क्या कहते हैं आंकड़ें
वर्ष 2015-16 में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 में 15 से 19 साल की 28.2 प्रतिशत किशोरियां एनीमिया से ग्रसित थी। इसके बाद वर्ष 2019-21 में हुए पांचवें सर्वे में यह आंकड़ा बढ़कर 61.8 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसी सर्वे में 49 वर्ष की 45.8 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रसित मिली थी। जबकि 2015-16 के सर्वे में यह आंकड़ा 32.8 फीसदी था। इसी आयुवर्ग की गैर-गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत 34.2 फीसदी से बढ़कर पांचवें सर्वे में 57.7 प्रतिशत पर पहुंच चुका है।
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लक्षण
- कमजोरी, आसानी से थक जाना, पीली त्वचा, सांस की तकलीफ, बार-बार सिरदर्द होना, चिड़चिड़ा व्यवहार, फटी या लाल जीभ, भूख में कमी, खाने की अजीब सी लालसा।
कारण
-भोज्य पदार्थों में आयरन की कमी।
-शरीर से लगातार रक्तास्राव होना।
-सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे विटामिन बी-12, फोलिक एसिड की कमी, विटामिन सी की कमी।
-महावारी के दौरान अधिक रक्तस्राव।
सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर
-पुरुष- 13.8 से 17.2 ग्राम
-महिला- 12.1 से 15.1 ग्राम
-बच्चे-11 से 16 ग्राम
- गर्भवती महिलाएं- 11 से 15.1 ग्राम
एनीमिया से बचाव का तरीका
बदलती जीवनशैली के साथ आहार संबंधी आदतों में होने वाला बदलाव से महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हो रहीं हैं। इनमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। वहीं, गर्भावस्था में मौसमी हरी सब्जियां, फल, गुड़, चना, पालक, मेथी आदि का सेवन करें। मां के स्वस्थ होने से गर्भस्थ शिशु तंदुरुस्त होगा। रक्त की कमी से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। -डाॅ. मेधा गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ
- आयरन ही हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं ही शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करती है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में पहुंचाता है। इसलिए आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है, इसी स्थिति को एनीमिया भी कहते हैं। -डाॅ. मिली अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ