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Firozabad News: मृत्यु के बाद भी बने मददगार, 110 साल के सूरजभान जैन ने किया देहदान
Mon, 04 May 2026 11:36 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 04 May 2026 11:36 PM IST
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देहदान के लिए सूरजभान जैन का शव लेकर पहुंचे परिजन। संवाद
फिरोजाबाद। बड़ी छपैटी निवासी सूरजभान जैन का निधन हो गया, लेकिन जाते-जाते भी वे समाज के लिए प्रेरणा छोड़ गए। जीवनभर सेवा और परोपकार की भावना रखने वाले सूरजभान जैन ने मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद की स्थापना के बाद सबसे पहले देहदान का संकल्प लिया था, जिसे उनके परिजनों ने पूरी श्रद्धा के साथ निभाया।110 वर्षीय सूरजभान के निधन के बाद उनके पुत्र निर्मल जैन और पुत्री निवेदिता जैन ने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को देहदान के लिए सौंप दिया। यह क्षण परिवार के लिए भावुक तो था, लेकिन साथ ही गर्व से भरा हुआ भी रहा कि उनके पिता का शरीर अब मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और शोध के काम आएगा।
निर्मल जैन ने बताया कि उनके पिता हमेशा समाजसेवा को सर्वोपरि मानते थे। वे स्वेच्छा से रक्तदान और देहदान जैसे कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करते रहते थे। उन्होंने जीवन में जो संकल्प लिया था, उसे परिवार ने उनकी अंतिम यात्रा में भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. योगेश गोयल ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के देहदान चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक व्यक्ति का यह योगदान आने वाले समय में अनेक छात्रों के ज्ञान का आधार बनेगा और कई मरीजों के उपचार में भी सहायक साबित होगा।
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निर्मल जैन ने बताया कि उनके पिता हमेशा समाजसेवा को सर्वोपरि मानते थे। वे स्वेच्छा से रक्तदान और देहदान जैसे कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करते रहते थे। उन्होंने जीवन में जो संकल्प लिया था, उसे परिवार ने उनकी अंतिम यात्रा में भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. योगेश गोयल ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के देहदान चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक व्यक्ति का यह योगदान आने वाले समय में अनेक छात्रों के ज्ञान का आधार बनेगा और कई मरीजों के उपचार में भी सहायक साबित होगा।
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