{"_id":"6494abeda683336ad70e1167","slug":"100-firms-not-found-on-the-ground-gst-theft-of-crores-firozabad-news-c-25-1-197770-2023-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: धरातल पर नहीं मिली 100 फर्में, करोड़ों की जीएसटी चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: धरातल पर नहीं मिली 100 फर्में, करोड़ों की जीएसटी चोरी
Fri, 23 Jun 2023 01:45 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2023 01:45 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। कांच नगरी में करीब 100 से अधिक बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों की जीएसटी चोरी की जा रही है। बोगस फर्मों को बनाकर कांच कारखाने व छोटी इकाइयों में फर्जी ई वे बिल से कच्चे माल की खरीद फरोख्त दिखाई जा रही है। सर्वे व जांच के दौरान अभी तक सौ फर्में चिह्नित की गई हैं। इसमें 18 फर्मों का पंजीकरण निरस्त किया गया है। बोगम फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी के साथ कच्चे माल की खरीद पर मिलने वाली छूट (आईटीसी) से जुड़े करीब 60-70 लाख के दावों के निस्तारण पर सीजीएसटी विभाग ने रोक लगा दी है।
इंडिया ड्राइव अभियान के तहत चली सर्वे (स्थलीय जांच) के दौरान कांच नगरी में करीब 100 से अधिक बोगम फर्में चिह्नित की गई हैं। अब इन फर्मों की स्थलीय जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान अभी तक 18 फर्में ऐसी मिलीं हैं। जिनका धरातल पर कोई पता नहीं था। उक्त सभी 18 फार्मों के नाम जारी फर्जी ई-वे बिल के जरिए सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा चुका है। हालांकि सीजीएसटी विभाग ने अब इन बोगम फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जबकि करीब अन्य करीब आठ बोगम फर्मों के जरिए हुई कच्चे माल की खरीद फरोख्त का मामला प्रकाश में आने के बाद विभाग ने करीब 60-70 लाख रूपये के आईटीसी ब्लॉक (अनुदान दावा भुगतान पर रोक) दिया है।
-- -- -
सर्वे के दौरान रिकार्ड मिलाने पर सामने आते हैं कारनामे
जीएसटी विभाग नेे इस साल जीएसटी चोरी के कई बड़े मामले पकड़े। खास तौर पर सिरसागंज में देशी धी निर्माता एक कंपनी, शहर की प्रमुख कांच इकाईयों के अलावा बर्तन कारोबारी को मिला करीब 12 फर्मों पर सर्वे की कार्रवाई की गईं। गौर तलब है कि इन सभी जगहों पर मौजूद स्टॉक व सरकारी अभिलेखों में दर्ज स्टॉक में अंतर पाया गया। कारोबारी जबाब नहीं दे पाये कि आखिर नये उत्पाद तैयार कराने को उन्होंने कच्चे माल की खरीद कहां और किस फर्म से की। स्टॉक में अंतर का कारण क्या है।
विज्ञापन
-- --
हर गली मोहल्लों में खुल गईं जीएसटी पंजीकरण कराने की दुकानें
आपके हाथ में आधार कार्ड, फर्जी किरायानामा की प्रति, बिजली का बिल होना चाहिए। आप शहर के किसी भी साइबर कैफे पर जाकर अपना पंजीकरण कराइए। तीन दिन के बाद सीजीएसटी विभाग में लागू योजना के तहत आपका जीएसटी पंजीकरण आपके हाथ में होगा। विभाग नव पंजीकृत इकाईयों अथवा फर्म का स्थलीय सत्यापन करना भी जरूरी नहीं समझते।
-- -
वर्जन
-अभी तक करीब 100 बोगस फर्में चिहिंत की हैं। इनमें से 18 फर्म के पंजीकरण रद्द किए गए हैं। शेष फर्मों द्वारा प्रस्तुत आईटीसी दावों को जांच प्रक्रिया पूरी होने तक रोका गया है। बोगम फर्मों की जांच का काम अभी जारी रखेंगे।
प्रभाकर शर्मा, उपायुक्त सीजीएसटी
विज्ञापन
इंडिया ड्राइव अभियान के तहत चली सर्वे (स्थलीय जांच) के दौरान कांच नगरी में करीब 100 से अधिक बोगम फर्में चिह्नित की गई हैं। अब इन फर्मों की स्थलीय जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान अभी तक 18 फर्में ऐसी मिलीं हैं। जिनका धरातल पर कोई पता नहीं था। उक्त सभी 18 फार्मों के नाम जारी फर्जी ई-वे बिल के जरिए सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा चुका है। हालांकि सीजीएसटी विभाग ने अब इन बोगम फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जबकि करीब अन्य करीब आठ बोगम फर्मों के जरिए हुई कच्चे माल की खरीद फरोख्त का मामला प्रकाश में आने के बाद विभाग ने करीब 60-70 लाख रूपये के आईटीसी ब्लॉक (अनुदान दावा भुगतान पर रोक) दिया है।
विज्ञापन
सर्वे के दौरान रिकार्ड मिलाने पर सामने आते हैं कारनामे
जीएसटी विभाग नेे इस साल जीएसटी चोरी के कई बड़े मामले पकड़े। खास तौर पर सिरसागंज में देशी धी निर्माता एक कंपनी, शहर की प्रमुख कांच इकाईयों के अलावा बर्तन कारोबारी को मिला करीब 12 फर्मों पर सर्वे की कार्रवाई की गईं। गौर तलब है कि इन सभी जगहों पर मौजूद स्टॉक व सरकारी अभिलेखों में दर्ज स्टॉक में अंतर पाया गया। कारोबारी जबाब नहीं दे पाये कि आखिर नये उत्पाद तैयार कराने को उन्होंने कच्चे माल की खरीद कहां और किस फर्म से की। स्टॉक में अंतर का कारण क्या है।
विज्ञापन
हर गली मोहल्लों में खुल गईं जीएसटी पंजीकरण कराने की दुकानें
आपके हाथ में आधार कार्ड, फर्जी किरायानामा की प्रति, बिजली का बिल होना चाहिए। आप शहर के किसी भी साइबर कैफे पर जाकर अपना पंजीकरण कराइए। तीन दिन के बाद सीजीएसटी विभाग में लागू योजना के तहत आपका जीएसटी पंजीकरण आपके हाथ में होगा। विभाग नव पंजीकृत इकाईयों अथवा फर्म का स्थलीय सत्यापन करना भी जरूरी नहीं समझते।
वर्जन
-अभी तक करीब 100 बोगस फर्में चिहिंत की हैं। इनमें से 18 फर्म के पंजीकरण रद्द किए गए हैं। शेष फर्मों द्वारा प्रस्तुत आईटीसी दावों को जांच प्रक्रिया पूरी होने तक रोका गया है। बोगम फर्मों की जांच का काम अभी जारी रखेंगे।
प्रभाकर शर्मा, उपायुक्त सीजीएसटी