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घरेलू विवाद में युवक ने जहर खाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Mon, 14 Sep 2015 12:35 AM IST
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बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में मां के तानों से ऊबकर बेटे ने रविवार दोपहर को सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। कई दिनों से युवक का अपने मां और पिता से घरेलू विवाद चल रहा था। मृतक की पत्नी ने सास पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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फरीदपुर गांव निवासी इंद्रपाल का 35 वर्षीय पुत्र नरेंद्र यादव नलकूप मिस्त्री था। उसका एक साल पहले घर का बटवारा हुआ था। उसकी पत्नी शिवकुमारी ने बताया कि बटवारे के बाद उसके हिस्से में मवेशी बांधने के लिए चरही बनी थी। चरही का इस्तेमाल उसकी सास विमला करती थी। तीन दिन पहले चरही को उसके पति ने हटा दिया था। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। सास उसके पति को ताने देती रही कि ऐसी औलाद मर जाए तो ही अच्छा है। आए दिन के विवाद से पति काफी तनाव में दोपहर को रहा है। वह किसी काम से जंगल चली गई थी। घर वापस लौटी तो पति की जहरीले पदार्थ के सेवन से हालत बिगड़ी देखी। पास में ही सल्फास की डिब्बी पड़ी हुई थी। उसकी चीख पुकार के बाद भी परिवार का कोई सदस्य मदद के लिए नहीं आया। सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस में महिला पति को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पति की मौत की बात सुनकर शिवकुमारी आपा खो बैठी और शव से लिपट कर रोती बिलखती रही। उसके आंसू पोछने वाला भी कोई अपना नहीं था। शिवकुमारी ने अपने मायके पक्ष के गांव कोसभा थाना धाता में घटना की जानकारी दी।
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शादी के दस साल बाद कोई बच्चा नहीं हुआ
मृतक नरेंद्र सिंह की पत्नी शिवकुमारी की देखरेख के लिए अब उसका कोई नहीं बचा है। उसकी दस साल पहले शादी हुई थी। शादी के बाद उसे एक भी बच्चा नहीं हो सका था। इससे काफी शिवकुमारी परेशान रहती थी। वह ससुरालीजनों से भी अलग रहती है। इन हालातों में उसका सबकुछ पति ही था। उसने भी मौत को गले लगा लिया है।
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