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महिलाएं वोट से काम करना अधिक जरूरी समझती हैं
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:42 AM IST
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खेत खलिहानों की कामकाजी महिलाएं अभी तक मतदान के
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प्रति जागरूक नहीं हैं। ऐसी महिलाएं वोट से अपना काम करना अधिक जरूरी समझती
हैं। थरियांव में खेत में कटी पड़ी धान की फसल उठा रही राजरानी कहती हैं
कि बबुआ वोट डालै से पेट थोडै भरिहै, पहले फसल उठाइकै खलिहान पहुंचाव। समय
बचै पर वोट डालै जाब।
शासन प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता मताधिकार के प्रति गंभीर नहीं हैं। ऐसे मतदाता पहले अपना काम करते हैं और समय बचने पर वोट डालने जाते हैं।
गुरुवार को हंसवा ब्लाक, बहुआ और तेलियानी ब्लाक क्षेत्र में डीडीसी और बीडीसी पदों का मतदान हुआ। हंसवा विकास खंड क्षेत्र के थरियांव के किनारे खेत पर कटी पड़ी धान की फसल खलिहान पहुंचाने में राजरानी, महदेइया, फूलमती लगी हैं।
इस संवाददाता ने उनसे वोट डालने के विषय पर बात की, तो महदेइया और फूलमती ने कहा कि वोट मागै की बेरिया सबै अम्मा दीदी कहकै चिरौरी करत हैं, जीतै के बाद कोऊ घूम कै नाहीं देखत। पहलै अपने जीवै कै व्यवस्था करब।
यहि कै बाद मा अगर समय बची, तो वोट डालन जाब। यह महिलाएं तो बानगी के तौर पर हैं। इस तरह की तमाम राजरानी, महदेइया और फूलमती हैं, जो खेत खलिहान का काम छोड़कर वोट डालने नहीं जाती हैं।
ऐसी महिलाओं को वोट के महत्व पर जागरूक करने की आवश्यकता है, तभी अच्छा वोट प्रतिशत होगा और सुयोग्य प्रतिनिधि का चुनाव हो सकेगा।
शासन प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता मताधिकार के प्रति गंभीर नहीं हैं। ऐसे मतदाता पहले अपना काम करते हैं और समय बचने पर वोट डालने जाते हैं।
गुरुवार को हंसवा ब्लाक, बहुआ और तेलियानी ब्लाक क्षेत्र में डीडीसी और बीडीसी पदों का मतदान हुआ। हंसवा विकास खंड क्षेत्र के थरियांव के किनारे खेत पर कटी पड़ी धान की फसल खलिहान पहुंचाने में राजरानी, महदेइया, फूलमती लगी हैं।
इस संवाददाता ने उनसे वोट डालने के विषय पर बात की, तो महदेइया और फूलमती ने कहा कि वोट मागै की बेरिया सबै अम्मा दीदी कहकै चिरौरी करत हैं, जीतै के बाद कोऊ घूम कै नाहीं देखत। पहलै अपने जीवै कै व्यवस्था करब।
यहि कै बाद मा अगर समय बची, तो वोट डालन जाब। यह महिलाएं तो बानगी के तौर पर हैं। इस तरह की तमाम राजरानी, महदेइया और फूलमती हैं, जो खेत खलिहान का काम छोड़कर वोट डालने नहीं जाती हैं।
ऐसी महिलाओं को वोट के महत्व पर जागरूक करने की आवश्यकता है, तभी अच्छा वोट प्रतिशत होगा और सुयोग्य प्रतिनिधि का चुनाव हो सकेगा।