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Fatehpur News: रिमझिम बारिश से कीचड़, गंदगी और नालियों के उफान के जिम्मेदार कौन
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। रिमझिम बारिश में कीचड़, गंदगी और नालियों के उफान के चार जिम्मेदार हैं। 34 वार्डों में सफाईकर्मी तैनात हैं। इनकी निगरानी के लिए सफाई नायकों की नियुक्ति है। इन सभी का सुपरवीजन सफाई इंस्पेक्टर करते हैं। ईओ की कार्य योजना के साथ पूरे संचालन की जिम्मेदारी होती है। इन चारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हर महीने वेतन पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किया जाता है। इसके अलावा नाला और नाली निर्माण में हर साल अलग से खासी धनराशि खर्च होती है। इसके बाद भी बारिश में शहरवासी गंदगी, कीचड़ और जलभराव से परेशान हो रहे हैं।
नगर पालिका ने 34 वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ा अमला लगाया हुआ है। स्थायी कर्मचारी और सफाई नायक की संख्या 101 है। एक की मासिक वेतन करीब 40 हजार है। इस तरह से कुल करीब 40 लाख रुपये खर्च किया जाता है। इसी तरह संविदा के सफाई कर्मी 133 कार्यरत है। इसमें प्रत्येक को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस तरह इन पर करीब 23 लाख 94 रुपये खर्च किया जाता है। वहीं एक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी को करीब 10 हजार मानदेय दिया जाता है। 255 कार्यरत कर्मियों पर कुल 25 लाख 50 हजार सफाई के काम करने पर दिया जाता है। वहीं दो सफाई निरीक्षकों को 70-70 हजार रुपये यानी 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति माह भुगतान किया जाता है। नगर पालिका के ईओ को करीब एक लाख का वेतन दिया जाता है। इस तरह से पूरी सफाई व्यवस्था में अधिकारियों व कर्मियों पर चार चरणों पर करीब 91 लाख रुपये खर्च किया जाता है। इसके अलावा मशीनरीज, संसाधनों व डीजल पर हर माह करीब 10 लाख से अधिक खर्च होता है। इस तरह से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक साफ-सफाई व्यवस्था में खर्च होता है। उसके बाद भी रिमझिम बारिश में शहर कीचड़ और गंदगी से पटा है। फुटपाथ कीचड़ से भर गए हैं। पीएसी रोड पर नाली लबालब है। आवास विकास काॅलोनी को जाने वाली मनभावन सड़क का आधा हिस्सा कीचड़ से भरा है। बिंदकी बस स्टैंड के समीप जिला अस्पताल रोड जलभराव के साथ कीचड़ है। इतना ही नहीं मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय के दरवाजे तक कीचड़ और जलभराव है। डायलिसिस पहुंच मार्ग पर कीचड़ फैला है। यह स्थान महज बानगी हैं। यही स्थिति शहर के अधिकांश मार्गों की है।
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फतेहपुर। रिमझिम बारिश में कीचड़, गंदगी और नालियों के उफान के चार जिम्मेदार हैं। 34 वार्डों में सफाईकर्मी तैनात हैं। इनकी निगरानी के लिए सफाई नायकों की नियुक्ति है। इन सभी का सुपरवीजन सफाई इंस्पेक्टर करते हैं। ईओ की कार्य योजना के साथ पूरे संचालन की जिम्मेदारी होती है। इन चारों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हर महीने वेतन पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किया जाता है। इसके अलावा नाला और नाली निर्माण में हर साल अलग से खासी धनराशि खर्च होती है। इसके बाद भी बारिश में शहरवासी गंदगी, कीचड़ और जलभराव से परेशान हो रहे हैं।
नगर पालिका ने 34 वार्डों की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ा अमला लगाया हुआ है। स्थायी कर्मचारी और सफाई नायक की संख्या 101 है। एक की मासिक वेतन करीब 40 हजार है। इस तरह से कुल करीब 40 लाख रुपये खर्च किया जाता है। इसी तरह संविदा के सफाई कर्मी 133 कार्यरत है। इसमें प्रत्येक को 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। इस तरह इन पर करीब 23 लाख 94 रुपये खर्च किया जाता है। वहीं एक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी को करीब 10 हजार मानदेय दिया जाता है। 255 कार्यरत कर्मियों पर कुल 25 लाख 50 हजार सफाई के काम करने पर दिया जाता है। वहीं दो सफाई निरीक्षकों को 70-70 हजार रुपये यानी 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति माह भुगतान किया जाता है। नगर पालिका के ईओ को करीब एक लाख का वेतन दिया जाता है। इस तरह से पूरी सफाई व्यवस्था में अधिकारियों व कर्मियों पर चार चरणों पर करीब 91 लाख रुपये खर्च किया जाता है। इसके अलावा मशीनरीज, संसाधनों व डीजल पर हर माह करीब 10 लाख से अधिक खर्च होता है। इस तरह से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक साफ-सफाई व्यवस्था में खर्च होता है। उसके बाद भी रिमझिम बारिश में शहर कीचड़ और गंदगी से पटा है। फुटपाथ कीचड़ से भर गए हैं। पीएसी रोड पर नाली लबालब है। आवास विकास काॅलोनी को जाने वाली मनभावन सड़क का आधा हिस्सा कीचड़ से भरा है। बिंदकी बस स्टैंड के समीप जिला अस्पताल रोड जलभराव के साथ कीचड़ है। इतना ही नहीं मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय के दरवाजे तक कीचड़ और जलभराव है। डायलिसिस पहुंच मार्ग पर कीचड़ फैला है। यह स्थान महज बानगी हैं। यही स्थिति शहर के अधिकांश मार्गों की है।
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