{"_id":"6631629df3bc2695480889d8","slug":"water-not-available-from-jal-jeevan-mission-and-roads-also-deteriorated-fatehpur-news-c-217-1-fth1003-114664-2024-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: जल जीवन मिशन से न मिला पानी और सड़कें भी हुईं खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: जल जीवन मिशन से न मिला पानी और सड़कें भी हुईं खराब
विज्ञापन
हसवा (फतेहपुर)। हर घर जल पहुंचाने के लिए शासन की महत्वपूर्ण योजना ग्रामीणों के लिए दर्द बन गई है।
ठेकेदारों की निरंकुशता और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से गांवों से निकलना मुश्किल हो गया है। दो साल से सड़कें टूटी पड़ी हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं, गांव-गांव पानी पहुंचना भी सपना ही बना हुआ है।
ब्लॉक के 80 प्रतिशत गांवों में अभी तक जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल नहीं पहुंच पाया है। दो साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन सड़कें टूटी पड़ी हैं। ग्रामीण इन रास्तों से निकल नहीं पाते। यह समस्या कोई देखने और सुनने वाला नहीं है। ग्रामीण प्रधानों से बनाने को लेकर सवाल-जवाब कर रहे हैं। जल निगम के अधिकारी मौके पर न जाकर बंद कमरों से ही प्रगति उच्च अधिकारियों को बता रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और है।
80 प्रतिशत गांव में अभी तक सड़क टूटी पड़ी हैं। लोकसभा चुनाव सिर पर है, बावजूद इसके जनप्रतिनिधि व जल निगम के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ठेकेदारों की सीधे उच्च स्तर पर सेटिंग होने से शिकायत का भी कोई असर नहीं दिखता। क्षेत्र के हसवा, फैजुल्लापुर, एकारी, चक कोर्रा सादात, बहरामपुर, असवा बक्शपुर, बहरामपुर, बुधरामऊ समेत सभी गांव में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। समय पर ध्यान दिया जाता, तो गांवों में हर घर में पानी पहुंच रहा होता। योजना अच्छी होने के बावजूद भी लोगों के लिए दर्द बनी हुई है। ग्राम प्रधान सड़कों को बनवाते हैं, उन्हें पाइप डालने के नाम पर एक दो महीने के अंदर तोड़ दिया जाता है।
विज्ञापन
हसवा ग्राम प्रधान मो. राशिद का कहना है कि सड़कें तोड़ कर चले गए हैं। चार पहिया वाहन निकल नहीं पाते। लोगों के यहां शादियां हैं। उन रास्तों से न तो बरात निकल पा रही है न ही परिजन। लोग शिकायत करने आते हैं, जल निगम के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे।
ग्राम प्रधान एकारी मंजू साहू का कहना है उनके गांव में दो साल से रोड टूटी पड़ी है। कई बार इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ मार्गों को स्वयं ठीक कराना पड़ा। वहीं, मुख्य मार्ग भी तोड़ कर चले गए हैं। यहां तक कि उनमें वाटर लाइन तक नहीं पड़ी है। ढाई साल से अधिक का समय गुजर गया, अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हुई।
मामला संज्ञान में आया है तो संबंधित ठेकेदार से जानकारी कर कर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही सड़कों की मरम्मत के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। -कैलाश चंद्र, सहायक अभियंता, जल निगम ग्रामीण
विज्ञापन
ठेकेदारों की निरंकुशता और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से गांवों से निकलना मुश्किल हो गया है। दो साल से सड़कें टूटी पड़ी हैं। शिकायत के बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है। वहीं, गांव-गांव पानी पहुंचना भी सपना ही बना हुआ है।
ब्लॉक के 80 प्रतिशत गांवों में अभी तक जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल नहीं पहुंच पाया है। दो साल से अधिक का समय बीत गया, लेकिन सड़कें टूटी पड़ी हैं। ग्रामीण इन रास्तों से निकल नहीं पाते। यह समस्या कोई देखने और सुनने वाला नहीं है। ग्रामीण प्रधानों से बनाने को लेकर सवाल-जवाब कर रहे हैं। जल निगम के अधिकारी मौके पर न जाकर बंद कमरों से ही प्रगति उच्च अधिकारियों को बता रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति कुछ और है।
विज्ञापन
80 प्रतिशत गांव में अभी तक सड़क टूटी पड़ी हैं। लोकसभा चुनाव सिर पर है, बावजूद इसके जनप्रतिनिधि व जल निगम के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ठेकेदारों की सीधे उच्च स्तर पर सेटिंग होने से शिकायत का भी कोई असर नहीं दिखता। क्षेत्र के हसवा, फैजुल्लापुर, एकारी, चक कोर्रा सादात, बहरामपुर, असवा बक्शपुर, बहरामपुर, बुधरामऊ समेत सभी गांव में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। समय पर ध्यान दिया जाता, तो गांवों में हर घर में पानी पहुंच रहा होता। योजना अच्छी होने के बावजूद भी लोगों के लिए दर्द बनी हुई है। ग्राम प्रधान सड़कों को बनवाते हैं, उन्हें पाइप डालने के नाम पर एक दो महीने के अंदर तोड़ दिया जाता है।
विज्ञापन
हसवा ग्राम प्रधान मो. राशिद का कहना है कि सड़कें तोड़ कर चले गए हैं। चार पहिया वाहन निकल नहीं पाते। लोगों के यहां शादियां हैं। उन रास्तों से न तो बरात निकल पा रही है न ही परिजन। लोग शिकायत करने आते हैं, जल निगम के कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे।
ग्राम प्रधान एकारी मंजू साहू का कहना है उनके गांव में दो साल से रोड टूटी पड़ी है। कई बार इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ मार्गों को स्वयं ठीक कराना पड़ा। वहीं, मुख्य मार्ग भी तोड़ कर चले गए हैं। यहां तक कि उनमें वाटर लाइन तक नहीं पड़ी है। ढाई साल से अधिक का समय गुजर गया, अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हुई।
मामला संज्ञान में आया है तो संबंधित ठेकेदार से जानकारी कर कर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। जल्द ही सड़कों की मरम्मत के साथ जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। -कैलाश चंद्र, सहायक अभियंता, जल निगम ग्रामीण