{"_id":"5f089b2d8ebc3e639971075c","slug":"water-flooding-in-khaga-for-15-days-salt-water-giving-hand-pumps-fatehpur-news-knp570469198","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी मांग रहा खजुहा, हैँडपाइप बने सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी मांग रहा खजुहा, हैँडपाइप बने सहारा
विज्ञापन
कस्बे में ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत स्थापित पानी की टंकी बेमकसद हो गई है। हाल ये है कि यह ऐतिहासिक इलाका पानी के संकट से जूझ रहा है। एकमुश्त 75 हैंडपाइपों के खारा पानी देने से इलाकाई लोग दो-दो किलोमीटर की दूरी नापने को मजबूर हैं।
35 साल पहले इस योजना के तहत दो नलकूप लगाए गए थे। इसमें एक टंकी की क्षमता 350 गैलन पानी की है।
इस परियोजना से 16 गांव जोड़े गए थे लेकिन आज स्थिति यह है कि टंकी कस्बे की ही प्यास नहीं बुझा पा रही है।
इस टंकी में जोड़े गए उदूपुर, हुसेपुर ,नरेचा, विक्रमपुर, बरेठर, सेलावन ,पारादान ,लखना खेड़ा, नंदापुर, सैमसी, घेरवा आदि गांवों की जनता हैंडपाइप का सहारा लेकर हलक तर करने को मजबूर है।
पंद्रह दिन से पंप नंबर वन की मोटर जली पड़ी है। कोई भी अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहा है। मोटर तो खोल ली गई लेकिन अभी सुधरकर नहीं आई है।
इससे लोगों में आक्रोश है। लोगों को भय है कि हैंडपाइप से तमाम लोग पानी भरते हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
कस्बे में लगे लगभग 75 हैंडपाइप खारा पानी उगलते हैं। ऐसे में लोगों को पीने का पानी दो किलोमीटर दूर से लाना पड़ता।
जब अवर अभियंता से बात हुई तो उन्होंने बताया कि विभाग को सूचना दे दी है। जब मोटर उपलब्ध होगी तब लगवा देंगे।
विज्ञापन
35 साल पहले इस योजना के तहत दो नलकूप लगाए गए थे। इसमें एक टंकी की क्षमता 350 गैलन पानी की है।
इस परियोजना से 16 गांव जोड़े गए थे लेकिन आज स्थिति यह है कि टंकी कस्बे की ही प्यास नहीं बुझा पा रही है।
इस टंकी में जोड़े गए उदूपुर, हुसेपुर ,नरेचा, विक्रमपुर, बरेठर, सेलावन ,पारादान ,लखना खेड़ा, नंदापुर, सैमसी, घेरवा आदि गांवों की जनता हैंडपाइप का सहारा लेकर हलक तर करने को मजबूर है।
विज्ञापन
पंद्रह दिन से पंप नंबर वन की मोटर जली पड़ी है। कोई भी अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहा है। मोटर तो खोल ली गई लेकिन अभी सुधरकर नहीं आई है।
इससे लोगों में आक्रोश है। लोगों को भय है कि हैंडपाइप से तमाम लोग पानी भरते हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
कस्बे में लगे लगभग 75 हैंडपाइप खारा पानी उगलते हैं। ऐसे में लोगों को पीने का पानी दो किलोमीटर दूर से लाना पड़ता।
जब अवर अभियंता से बात हुई तो उन्होंने बताया कि विभाग को सूचना दे दी है। जब मोटर उपलब्ध होगी तब लगवा देंगे।